मानसून में बागवानी का सुनहरा मौका! सरकार दे रही है 80,000 रुपये प्रति हेक्टेयर सब्सिडी, ऐसे उठाएं लाभ

सरकार बागवानी को बढ़ावा देने के लिए किसानों को अट्रैकटिव सब्सिडी दे रही है। ये सब्सिडी MIDH और National Horticulture Mission जैसी योजनाओं के तहत दी जाती है।

 क्या आप पारंपरिक खेती के साथ-साथ लंबे टाइम वाली और मुनाफे वाली खेती करना चाहते हैं? अगर हां, तो ये ख़बर ख़ासतौर से आपके लिए है। सरकार किसानों को बागवानी फसलों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित कर रही है। मानसून का मौसम फलदार पौधों की रोपाई के लिए सबसे बेहतर माना जाता है। इस मौसम में अगर किसान भाई आम, अमरूद, लीची, अनार और नींबू जैसी फलदार फसलों की खेती करते हैं, तो आप न सिर्फ सरकारी सब्सिडी पाआंगे, बल्कि आने वाले सालों में आपकी कमाई में भी इज़ाफा होगा।  

सबसे अहम बात ये है कि फलदार पौधों की रोपाई में आपको तुरंत नुकसान नहीं उठाना पड़ता। पौधों के बीच सही दूरी पर पौधे लगाने के बाद, शुरुआती सालों में आप खाली जगह का यूज़ दूसरी फसलों (जैसे सब्जियां, दलहन) उगाने के लिए कर सकते हैं। यानी एक ही खेत में आप फलों के साथ-साथ दूसरी फसलों की भी खेती कर सकते हैं, इससे आपको हर साल आमदनी बनी रहेगी और जब फलों के पेड़ पूरी तरह तैयार होंगे, तो आमदनी कई गुना बढ़ जाएगी।

कितनी मिलेगी सब्सिडी? (Conventional and High-Density Plantation)

सरकार बागवानी को बढ़ावा देने के लिए किसानों को अट्रैकटिव सब्सिडी दे रही है। ये सब्सिडी Mission for Integrated Development of Horticulture (MIDH) और National Horticulture Mission (NHM) जैसी योजनाओं के तहत दी जाती है।

नॉर्मल दूरी पर पौधरोपण (Normal Density Planting)

अगर आप आम, अमरूद, लीची, अनार और नींबू के पौधों को सामान्य दूरी पर लगाते हैं, तो प्रति हेक्टेयर लगभग 1.25 लाख रुपये की लागत आती है। इस पर 40 फीसदी अनुदान के हिसाब से आपको 50,000 रुपये प्रति हेक्टेयर तक की सब्सिडी मिल सकती है।

हाई डेंसिटी प्लांटेशन  (High-Density Plantation)

अगर आप आधुनिक तकनीक अपनाते हुए हाई डेंसिटी प्लांटेशन (घनी खेती) करते हैं, तो इसमें फसलों की पैदावार काफी बढ़ जाती है। इस विधि में आम, अमरूद, लीची, अनार और नींबू की खेती पर प्रति हेक्टेयर लगभग 2 लाख रुपये की लागत आती है। सरकार इस पर भी 40 फीसदी तक अनुदान देती है, जिससे किसानों को 80,000 रुपये प्रति हेक्टेयर की  मदद दी जाएगी।

सब्सिडी की ख़ास बात: ये सब्सिडी सीधे डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के ज़रीये से आपके बैंक खाते में भेजी जाएगी। 

पौध संरक्षण पर भी मिलेगी 75 फीसदी सब्सिडी

सिर्फ पौधे लगाने पर ही नहीं, बल्कि फलदार पेड़ों पर कीट नियंत्रण (Pest Control) के लिए भी सरकार बंपर सब्सिडी दे रही है। कीटों और बीमारियों से फसल बचाने के लिए कीटनाशक छिड़काव पर भी अनुदान मिलता है। आम के पेड़ों पर कीटनाशक छिड़काव के लिए 75 प्रतिशत सब्सिडी (जैसे: 76 रुपये की लागत पर 57 रुपये अनुदान) और अमरूद के लिए प्रति पौधे 44 रुपये की लागत पर 33 रुपये का अनुदान दिया जा रहा है। ये राशि भी पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर दी जाती है। 

ऑनलाइन अप्लाई कैसे करें? 

इन सरकारी योजनाओं का फायदा लेने के लिए किसानों को MPFSTS पोर्टल या संबंधित राज्य के कृषि विभाग के डीबीटी पोर्टल पर जल्द से जल्द ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराना होगा। वक्त रहते अप्लाई करें, क्योंकि योजनाएं सीमित बजट में चलती हैं।

अप्लाई के लिए ज़रूरी दस्तावेज़:

  •  पासपोर्ट साइज़ फोटो
  •   आधार कार्ड की फोटो कॉपी
  •  बैंक पासबुक की फोटोकॉपी
  •  खसरा/ज़मीन के कागज़ात की नकल
  •   मोबाइल नंबर
  •  अनुसूचित जाति/जनजाति के किसानों को जाति प्रमाण पत्र

अभी अप्लाई करें और अपनी आमदनी बढ़ाएं। इस मानसून में Fruit orchard लगाकर आप लंबे वक्त तक मुनाफा और सरकारी अनुदान, दोनों का फायदा उठा सकते हैं।

 

सम्पर्क सूत्र: किसान साथी यदि खेती-किसानी से जुड़ी जानकारी या अनुभव हमारे साथ साझा करना चाहें तो हमें फ़ोन नम्बर 9599273766 पर कॉल करके या [email protected] पर ईमेल लिखकर या फिर अपनी बात को रिकॉर्ड करके हमें भेज सकते हैं। किसान ऑफ़ इंडिया के ज़रिये हम आपकी बात लोगों तक पहुँचाएँगे, क्योंकि हम मानते हैं कि किसान उन्नत तो देश ख़ुशहाल।

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