आख़िर किस प्रदेश में अभी तक सिर्फ़ एक किसान को मिली है प्रधानमंत्री सम्मान निधि की किस्त?

7 दिसम्बर 2021 तक के आँकड़ों के अनुसार, अभी तक PMKSNY के लाभार्थियों की संख्या 11,79,28,275 रही है। इसमें से सबसे ज़्यादा 2.6 करोड़ (या 2,60,18,970) लाभार्थी उत्तर प्रदेश के हैं, जिसकी आबादी क़रीब 25 करोड़ है। जबकि सबसे कम और वो भी सिर्फ़ एक किसान केन्द्र शासित प्रदेश दमन का है। इस केन्द्र शासित प्रदेश में सिर्फ़ एक ज़िला है दमन और राजस्व रिकॉर्ड के अनुसार इस ज़िले में कम से कम 24 गाँव हैं।

प्रधानमंत्री सम्मान निधि (Pradhan Mantri Kisan Samman Nidhi)

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (PMKSNY) की शुरुआत तीन साल पहले यानी दिसम्बर 2018 में हुई थी। केन्द्र सरकार की इस योजना का उद्देश्य 2 हेक्टेयर या 5 एकड़ से कम जोत वाले लघु और सीमान्त किसानों को सीधे वित्तीय मदद देना है। कृषि जनगणना, 2015-16 के मुताबिक, देश में लघु और सीमान्त किसानों की संख्या क़रीब 12.6 करोड़ है। इनकी औसत जोत 1.1 हेक्टेयर से कम है। PMKSNY के तहत हरेक किसान परिवार को 500 रुपये महीना के हिसाब से साल भर में 6000 रुपये सीधे उनके बैंक खाते में भेजे जाते हैं। किसान के परिवार में उसकी पत्नी और नाबालिग सन्तानें शामिल हैं। अभी तक PMKSNY के तहत 1.6 लाख करोड़ रुपये किसानों के बैंक खातों में भेजे गये हैं।

आख़िर किस प्रदेश में अभी तक सिर्फ़ एक किसान को मिली है प्रधानमंत्री सम्मान निधि की किस्त?

PMKSNY के तहत अभी तक दो-दो हज़ार रुपये की नौ किस्तें जारी हो चुकी हैं। उम्मीद है कि 15 दिसम्बर से लेकर 26 दिसम्बर 2021 को होने वाले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘मन की बात’ के प्रसारण से पहले PMKSNY की दसवीं किस्त के जारी होने की ख़ुशख़बरी आ जाएगी। उम्मीद ये भी दसवीं किस्त का लाभ अबकी बार कम से कम 11 करोड़ 80 लाख किसान परिवारों तक तो पहुँच ही जाएगा। 7 दिसम्बर 2021 तक के आँकड़ों के अनुसार, अभी तक PMKSNY के लाभार्थियों की संख्या 11,79,28,275 रही है। इसमें से सबसे ज़्यादा 2.6 करोड़ (या 2,60,18,970) लाभार्थी उत्तर प्रदेश के हैं, जिसकी आबादी क़रीब 25 करोड़ है। जबकि सबसे कम और वो भी सिर्फ़ एक किसान केन्द्र शासित प्रदेश दमन का है। इस केन्द्र शासित प्रदेश में सिर्फ़ एक ज़िला है दमन और राजस्व रिकॉर्ड के अनुसार इस ज़िले में कम से कम 24 गाँव हैं।

बहरहाल, न्यूनतम लाभार्थियों के लिहाज़ से 200 की संख्या के साथ दीव का स्थान दूसरा है तो शहरी बसावट वाला चंडीगढ़ तीसरी स्थान पर है, जहाँ 459 किसानों के खाते में PMKSNY की किस्तें भेजी गयी हैं। कृषि जनगणना, 2015-16 के मुताबिक, देश में लघु और सीमान्त किसानों की संख्या क़रीब 12.6 करोड़ है। इनकी औसत जोत 1.1 हेक्टेयर से कम है। इस तरह, अब भी तक़रीबन एक करोड़ योग्य किसानों तक इस कल्याणकारी योजना का लाभ पहुँचना बाक़ी रह जाएगा। हालाँकि, दिसम्बर 2018 और मार्च 2019 के लिए जारी हुई 2,000 रुपये की पहली किस्त के लाभार्थी 3 करोड़ 16 लाख 10 हज़ार 4 सौ 28 थे। यानी, योजना की शुरुआत से लेकर अब तक PMKSNY के तहत रजिस्टर्ड हुए किसानों की तादाद करीब चार गुणा हो चुकी है।

आख़िर किस प्रदेश में अभी तक सिर्फ़ एक किसान को मिली है प्रधानमंत्री सम्मान निधि की किस्त?

PMKSNY की वेबसाइट पर मौजूद आँकड़ों पर ये दिलचस्प तथ्य भी मौजूद है कि देश भर के लघु और सीमान्त किसानों को सीधे आर्थिक मदद पहुँचाने की इस बहुप्रचारित योजना से अब तक 11,79,28,275 लोगों को लाभ (Total No. of Beneficiaries) दिया गया है। लेकिन इनमें से सिर्फ़ एक किस्त पाने वालों की संख्या 11,61,61,900 है। यानी, देश भर में 17,66,375 लाभार्थी ऐसे हैं जो एक भी किस्त पाने के योग्य नहीं पाये गये। हालाँकि, सरकारी रिकॉर्ड में ऐसे 17.66 लाख लोग भी लाभार्थी के रूप में रजिस्टर्ड माने गये हैं। बहरहाल, PMKSNY के तहत नौ किस्तों के रूप में अभी तक किसानों के बैंक खातों में 1,61,290 करोड़ रुपये भेजे जा चुके हैं।आख़िर किस प्रदेश में अभी तक सिर्फ़ एक किसान को मिली है प्रधानमंत्री सम्मान निधि की किस्त?42 लाख अयोग्य किसानों से होनी है वसूली

फरवरी 2021 में केन्द्र सरकार को पता चला कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के क्रियान्वयन में उसे कम से कम 25 अरब रुपये की चपत लग चुकी है, क्योंकि सालाना 6,000 रुपये का लाभ कम से कम 33 लाख अयोग्य लोगों ने भी पा लिया है। इसके बाद राज्य सरकारों को हरेक लाभार्थी के ब्यौरे का सत्यापन करने और अयोग्य लोगों से किसान सम्मान निधि की रकम वसूलने का आदेश दिया गया। अभी ये साफ़ नहीं है कि सत्यापन के ये काम अभी पूरा हुआ या नहीं।

हालाँकि, कृषि मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने 15 जुलाई 2021 को संसद को बताया था कि तब तक सरकार ने ऐसे 42.16 लाख किसानों की पहचान कर ली थी जिन्होंने किसान सम्मान निधि का नाजायज़ फ़ायदा उठाया है। इन किसानों से सरकार को 29.93 अरब रुपये वसूलने हैं। मुमकिन है कि इन्हीं अयोग्य किसानों में वो 17.66 लाख संदिग्ध लाभार्थी भी शामिल हों, जिन्हें रजिस्ट्रेशन के बाद अभी तक एक भी किस्त नहीं भेजी गयी। इसीलिए किसान सम्मान निधि के लिए रजिस्टर्ड लाभार्थी किसानों को चाहिए कि वो ये जाँच लें कि सत्यापन के बाद उन्हें योग्य पाया गया है या नहीं, क्योंकि संदिग्ध ब्यौरे वाले 50 लाख से ज़्यादा किसानों के खाते में अगस्त-2021 में जारी हुई किस्त भेजी नहीं गयी थी।

कौन हैं किसान सम्मान निधि के लिए अयोग्य?

सांसद, विधायक, मेयर, ज़िला पंचायत अध्यक्ष जैसे संवैधानिक पदों पर आसीन लोग, 10,000 रुपये से अधिक पेंशन पाने वाले, केंद्र या राज्य सरकार के कर्मचारी, डॉक्टर, इंजीनियर, चार्टर एकाउंटेंट, वकील, आर्किटेक्ट जैसे पेशेवर और आयकर चुकाने वाले लोग भले ही वो किसान भी हों। अभी तक पूरी हुई सत्यापन प्रक्रिया के बाद पता चला कि 42.16 लाख अपात्र किसान सम्मान निधि पा रहे हैं। ये लोग या तो आयकरदाता हैं या फिर इन्होंने फ़र्ज़ी दस्तावेज़ और स्थानीय अधिकारियों की मिलीभगत से ख़ुद को PMKSNY का लाभार्थी बना लिया।

लाभार्थी किसान कैसे जाँचे अपना स्टेटस?

किसान सम्मान निधि की 2000 रुपये वाली 10वीं किस्त उन्हीं किसानों के बैंक खाते में पहुँचेगी जिनके बारे में पीएम किसान (PM Kisan) पोर्टल https://pmkisan.gov.in/ पर उनके स्टेटस में ‘FTO is Generated and Payment confirmation is pending’ लिखकर आ रहा होगा। इसके लिए लाभार्थियों को पीएम किसान पोर्टल के ‘Farmers Corner’ पर जाकर वहाँ ‘Beneficiary Status’ के ऑप्शन पर क्लिक करना होगा। इससे जो नया पेज खुलेगा, वहाँ अपना आधार नम्बर, बैंक खाता संख्या या मोबाइल नम्बर में से किसी एक विकल्प को चुनकर Get Data पर क्लिक करना पड़ेगा।आख़िर किस प्रदेश में अभी तक सिर्फ़ एक किसान को मिली है प्रधानमंत्री सम्मान निधि की किस्त?स्टेटस के रूप में दिख रहे सन्देश के मायने क्या हैं?

Get Data को क्लिक करने के बाद यदि स्टेटस में Waiting for approval by state लिखा दिख रहा है तो समझ लीजिए अभी 2000 रुपये की रकम आपको मिलने में देर लगेगी, क्योंकि आपकी राज्य सरकार ने आपके खाते में 2000 रुपये भेजने के लिए अभी अपनी मंज़ूरी नहीं दी है। यदि ये लिखा मिले कि ‘FTO is Generated and Payment confirmation is pending’ तो समझिए कि आपके 2000 रुपये की किस्त रास्ते में है और जल्द ही आपके खाते में पहुँचने वाली है।

यदि आपके स्टेटस में ‘RFT Signed by State for 9th instalment’ लिखा मिल रहा है तो इसका मतलब है कि आपकी राज्य सरकार ने आपके ब्यौरे की जाँच करके आपके खाते में 2000 रुपये की किस्त भेजने की सिफ़ारिश कर दी है। यदि स्टेटस में ‘FTO is Generated and Payment confirmation is pending’ का मैसेज़ दिखायी देता है तो इसका मतलब है कि आपकी किस्त जल्द ही आपके बैंक खाते में भेज दी जाएगी। यहाँ FTO का मतलब है Fund Transfer Order और RFT का अर्थ है Request For Transfer.

हेल्पलाइन नम्बर

यदि पीएम किसान पोर्टल की सभी औपचारिकताएँ पूरी करने के बावजूद पात्र लाभार्थियों के बैंक खाते में 2,000 रुपये की किस्त नहीं आ रही है तो ऐसे आवेदक किसानों को अपने ज़िला कृषि अधिकारी, क़ानूनगो या लेखपाल से सम्पर्क करना चाहिए। यदि इससे भी बात नहीं बने तो केन्द्रीय कृषि मंत्रालय की हेल्पलाइन नम्बर 155261 या टोल फ्री नम्बर 1800115526 या फिर 011-23381092 पर भी कॉल करके भी जानकारियाँ ली जा सकती हैं।

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