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बिहार के सारण जिले में एसी रूम में मशरूम की खेती करने वाले किसानों के लिए राहत भरी खबर आई है। अब ऐसे किसानों को कृषि दर पर रियायती बिजली उपलब्ध कराई जाएगी। इस फैसले से उत्पादन लागत कम होगी और किसानों की आय बढ़ने की उम्मीद है। कृषि विभाग और बिजली विभाग की इस संयुक्त पहल को आधुनिक खेती को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
किसानों की लागत होगी कम
प्रधानमंत्री के किसानों की आय बढ़ाने के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए बिहार सरकार ने एसी रूम में मशरूम की खेती करने वाले किसानों के लिए नई व्यवस्था शुरू की है। अब उन्हें घरेलू बिजली दर के बजाय कृषि दर पर बिजली मिलेगी, जिससे बिजली का ख़र्च काफी कम होगा।
एसी रूम में मशरूम की खेती में तापमान नियंत्रित रखना ज़रूरी होता है। इसके लिए एसी लगातार चलाना पड़ता है, जिससे बिजली का ख़र्च बढ़ जाता है। रियायती बिजली मिलने से इस ख़र्च में कमी आएगी और किसानों को सीधा आर्थिक लाभ मिलेगा।
सारण के किसानों में बढ़ा उत्साह
सारण जिले के सोनपुर और शाहपुर दियारा क्षेत्र में एसी रूम में मशरूम की खेती करने वाले किसान सरकार के इस फैसले से काफी खुश हैं। किसानों का मानना है कि इससे उनकी खेती और अधिक लाभकारी बनेगी।
युवा किसान अंकुश राज, जो कई वर्षों से अपने पिता के साथ एसी रूम में मशरूम की खेती कर रहे हैं, बताते हैं कि उन्होंने अपने प्लांट में लगभग 1500 बैग के माध्यम से मशरूम उत्पादन शुरू किया है। उनका कहना है कि बिजली का ख़र्च सबसे बड़ी चुनौती था, लेकिन अब रियायती बिजली मिलने से पूरे साल उत्पादन करना आसान हो जाएगा।
पूरे साल उत्पादन का मिलेगा लाभ
विशेषज्ञों के अनुसार, मशरूम उत्पादन के लिए नियंत्रित तापमान बेहद ज़रूरी होता है। पहले एसी रूम में मशरूम की खेती मुख्य रूप से ठंड के मौसम तक सीमित रहती थी, लेकिन अब एसी आधारित नियंत्रित वातावरण में पूरे साल मशरूम उगाना संभव हो गया है।
इस व्यवस्था से किसान मौसम पर निर्भर नहीं रहेंगे और पूरे वर्ष उत्पादन कर सकेंगे। एसी रूम में मशरूम की खेती को बढ़ावा मिलने से उत्पादन बढ़ने के साथ किसानों की आय भी बढ़ेगी।
आधुनिक तकनीक को मिलेगा बढ़ावा
बिजली विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य सिर्फ़ बिजली में राहत देना नहीं, बल्कि एसी रूम में मशरूम की खेती जैसी आधुनिक कृषि तकनीकों को बढ़ावा देना भी है।
सरकार का मानना है कि जब लागत कम होगी, तो अधिक किसान इस तकनीक को अपनाने के लिए आगे आएंगे। इससे छोटे और सीमांत किसानों को भी आधुनिक खेती से जुड़ने का अवसर मिलेगा।
बिहार में तेजी से बढ़ रही मशरूम खेती
एक समय ऐसा था जब बिहार में मशरूम का उत्पादन सीमित था और राज्य को अपनी ज़रूरत पूरी करने के लिए दूसरे राज्यों पर निर्भर रहना पड़ता था। लेकिन अब किसानों की मेहनत, नई तकनीक और सरकारी योजनाओं की मदद से स्थिति बदल रही है।
आज एसी रूम में मशरूम की खेती जैसे आधुनिक मॉडल के कारण बिहार मशरूम उत्पादन के क्षेत्र में तेजी से अपनी पहचान बना रहा है। सरकार की नई पहल इस बदलाव को और मज़बूत करने का काम करेगी।
किसानों के लिए नई उम्मीद
रियायती बिजली की सुविधा मिलने से एसी रूम में मशरूम की खेती करने वाले किसानों का ख़र्च घटेगा और मुनाफ़ा बढ़ेगा। इससे नए किसान भी इस खेती की ओर आकर्षित होंगे और आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने का दायरा बढ़ेगा।
सारण में शुरू हुई यह पहल दिखाती है कि सही सरकारी सहयोग और तकनीक के साथ एसी रूम में मशरूम की खेती किसानों के लिए सालभर अच्छी आय का मज़बूत ज़रिया बन सकती है।
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