आगरा बनेगा आलू-शकरकंद का ग्लोबल रीसर्च सेंटर, CIP और CSAARC के बीच MoU साइन हुआ

आगरा का चुनाव कोई संयोग नहीं है। उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा आलू उत्पादक राज्य है और आगरा इसका अहम सेंटर है।

ताजनगरी आगरा अब सिर्फ ताजमहल के लिए ही नहीं बल्कि आलू और शकरकंद के ग्लोबल रीसर्च का  सेंटर   बनने जा रहा है। 21 अगस्त 2026 को हुई बैठक ने इस दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। International Potato Center (CIP) के South Asia Regional Centre  (CSAARC) की दूसरी समन्वय समिति की बैठक (Coordination Committee Meeting) आगरा में हुई। इस बैठक में भारत, नेपाल, बांग्लादेश और भूटान के एग्रीकल्चर एक्सपर्ट शामिल हुए। सीआईपी के महानिदेशक डॉ. सीमोन हेक और कृषि सचिव अतिश चंद्रा ने इस बैठक की अध्यक्षता की।

सीसार्क को पूरे साउथ एशिया के लिए आलू और शकरकंद की बेहतरीन रीसर्च का ग्लोबल सेंटर बनाना इसका अहम काम है। 

किसानों की आमदनी कैसे बढ़ेगी?

मीटिंग में सबसे ज्यादा ज़ोर इस बात पर दिया गया कि लैब से निकली तकनीक सीधे किसानों के खेतों तक पहुंचे। बदलते मौसम को देखते हुए ऐसी फसलें डेवलप की जाएंगी जो जलवायु की मार सह सकें।

ख़ास बातें:

1.उन्नत किस्मों और गुड क्लालिटी बीजों पर फोकस

2.बीमारियों की सटीक पहचान के लिए नई टेक्नोलॉजी  

3.‘खेत से बाजार तक’ की नई व्यवस्था

कृषि सचिव अतिश चंद्रा ने कहा कि सीसार्क भारतीय खेती को टेक्नोलॉजी बेस्ड और Global competition के लिए तैयार करेगा। इसका सीधा असर किसानों की पैदावार और आमदनी पर दिखेगा, साथ ही बेहतर पोषण से पूरे समाज की सेहत सुधरेगी।

 यूपी से पूरे साउथ एशिया को मिलेगा फायदा

आगरा का चुनाव कोई संयोग नहीं है। उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा आलू उत्पादक राज्य है और आगरा इसका अहम सेंटर है।

विस्तार की योजना में सिर्फ यूपी, पश्चिम बंगाल, हरियाणा, ओडिशा तक सीमित नहीं गुजरात, मध्य प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश भी शामिल है। इससे पड़ोसी देशों के साथ रिश्ते मज़बूत होंगे

सीआईपी और ICAR के बीच 50 सालों की पार्टनरशिप को अब नई ऊर्जा दी जाएगी। इससे अच्छे बीजों और वैज्ञानिकों की काबिलियत का पूरे साउथ एशिया में फायदा उठाया जा सकेगा।

 स्मार्ट फार्म और ग्लोबल स्टेज

बैठक में साल 2025-26 के कार्यक्रमों और 2026-31 की लॉन्गटर्म स्कीम पर विचार हुआ। सीसार्क को एक ऐसा स्टेज बनाने पर सहमति बनी जहां से ‘खेत से बाजार तक’ नई तकनीकों को पहुंचाया जा सके।

बैठक के बाद सदस्यों ने आगरा के सिंगना गांव स्थित सीसार्क फार्म का दौरा किया। यहां कैंपस के निर्माण और आधुनिक सुविधाओं की जानकारी दी गई। इस जगह को आलू और शकरकंद की नई खोजों के लिए World-class destinations के रूप में विकसित किया जा रहा है।

कृषि दिग्गजों का महाजुटान

इस ऐतिहासिक बैठक में शामिल प्रमुख हस्तियां- 

  • डॉ. साइमन हेक (महानिदेशक, CIP)
  • अतीश चंद्रा (कृषि सचिव)
  • डॉ. सुधांशु सिंह (निदेशक, सीसार्क)
  • बाबूलाल मीणा (अपर मुख्य सचिव, यूपी)
  • श्कपिल मीणा (अध्यक्ष, राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड)

नेपाल से डॉ. युवराज भुसाल, भूटान से योनटेंग यांगत्सन और बांग्लादेश से मुस्तफा कमाल वीडियो कॉल के जरिए जुड़े।

क्यों है यह ख़ास?

यह सेंटर भारत की वैज्ञानिक ताकत और दक्षिण एशियाई देशों की जरूरतों के बीच पुल की तरह काम करेगा। यहां विकसित तकनीकें सीमाओं के पार पहुंचेंगी और पड़ोसी देशों के सफल अनुभवों से हम भी सीख सकेंगे।

 

सम्पर्क सूत्र: किसान साथी यदि खेती-किसानी से जुड़ी जानकारी या अनुभव हमारे साथ साझा करना चाहें तो हमें फ़ोन नम्बर 9599273766 पर कॉल करके या [email protected] पर ईमेल लिखकर या फिर अपनी बात को रिकॉर्ड करके हमें भेज सकते हैं। किसान ऑफ़ इंडिया के ज़रिये हम आपकी बात लोगों तक पहुँचाएँगे, क्योंकि हम मानते हैं कि किसान उन्नत तो देश ख़ुशहाल।

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