कृषि क्षेत्र में कैसे बनाएं अपना करियर, जानिए क्या हैं जॉब ऑप्शंस और सैलरी पैकेज

कृषि विभाग में नौकरी के अवसरों के बारे में जानकारी हासिल कर आप विभिन्न शाखाओं में अपनी योग्यता के मुताबिक पदों का चयन कर आवेदन कर सकते हैं।

कृषि क्षेत्र में नौकरी

भारतीय अर्थव्यवस्था में कृषि क्षेत्र को प्रमुख माना जाता है। केंद्र और राज्य सरकारें इस क्षेत्र में जमकर निवेश भी कर रही हैं। ऐसे में अब छात्र कृषि में करियर बनाने में रुचि ले रहे हैं। अगर आप कृषि विभाग में नौकरी के अवसरों के बारे में जानकारी चाहते हैं, तो इस लेख से आपको मदद मिल सकती है।

आईएफएस ऑफ़िसर

आईएफएस ऑफ़िसर के लिए भारतीय वन सेवा-संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा अनिवार्य है। इसमें लिखित परीक्षा के दो भाग और फिर इंटरव्‍यू होता है। इसमें अप्लाई करने के लिए विज्ञान से स्नातक होना ज़रूरी है। इसके बाद चयनित उम्मीदवारों को दो साल के लिए ट्रेनिंग दी जाती है। आईएफएस ऑफ़िसर की प्रमुख ज़िम्मेदारी में वनों, पर्यावरण और वन्यजीव मुद्दों का प्रबंधन करना शामिल है। अगर आप एक आईएफएस ऑफ़िसर के तौर पर चुने गए तो शुरूआती तौर पर वेतन 40 से 65 हज़ार रूपये प्रतिमाह पा सकते हैं।

कृषि क्षेत्र में नौकरी

 

नाबार्ड ग्रेड अधिकारी

इस पद के लिए किसी भी विषय से ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन करने वाले अप्लाई कर सकते हैं। सामान्य वर्ग के लिए न्यूनतम शैक्षिक योग्यता स्नातक में 60 फ़ीसदी अंक है। नाबार्ड ग्रेड बी की श्रेणी में चयनित होने वाला उम्मीदवार बतौर विकास सहायक के रूप में काम करता है। बी ग्रेड अधिकारियों का पे स्‍केल 30 से 56 हज़ार प्रतिमाह रहता है।

बायोकेमिस्‍ट

बायोकेमिस्‍ट का कार्य बागवानी के क्षेत्र में तेजी से विकासशील और उच्च उपज देने वाले रसायनों का निर्माण करना शामिल है। बायोकेमिस्‍ट मुख्य तौर पर कृषि विज्ञान से जुड़ी जांच का प्रबंधन करता है। बायोकेमिस्‍ट की आय प्रतिमाह 20 से 40 हज़ार रूपये के आसपास रहती है।

कृषि क्षेत्र में नौकरी

कृषि क्षेत्र में कैसे बनाएं अपना करियर, जानिए क्या हैं जॉब ऑप्शंस और सैलरी पैकेजफूड साइंटिस्‍ट

फूड साइंटिस्‍ट के पद पर कार्यरत व्यक्ति की ज़िम्मेदारी यह सुनिश्चित करने की होती है कि हम जो चीजें बाहर से खरीद कर खाते हैं, वो इस्तेमाल के लिए सुरक्षित हैं या नहीं। ये फूड साइंटिस्‍ट फूड पैक्‍टस  की गुणवत्ता और और मानक की जांच करते हैं। इनका प्रति माह  वेतन 30 से 60 हज़ार तक रहता है।

एग्रीकल्‍चर इकोनॉमिस्‍ट

जैसा कि हमने पहले ही बताया था भारतीय अर्थव्यवस्था में कृषि की अहम भूमिका रहती है। ऐसे में बतौर एग्रीकल्‍चर इकोनॉमिस्‍ट की ज़िम्मेदारी सूक्ष्म आर्थिक और व्यापक आर्थिक अवधारणाओं और सिद्धांतों को लागू करने की होती है। साथ ही ये आर्थिक डेटा का विश्लेषण करते हैं। इनकी प्रतिमाह आय  30 से 60 हज़ार रूपये की आसपास होती है।

एग्रीकल्चर इंजीनियर 

तकनीक की मदद से कृषि क्षेत्र को कैसे किसानों के लिए सुगम बनाया जाए, इसकी ज़िम्मेदारी एग्रीकल्चर इंजीनियर की रहती है। टेक्नोलॉजी की मदद से नए उपकरणों और मशीनरी का डिज़ाइन और मौजूदा खेती के तरीकों में सुधार करना इनके कार्य में शामिल है। एग्रीकल्चर इंजीनियर के तौर पर प्रतिमाह 20 से 40 हज़ार की सैलरी रहती है।

कृषि क्षेत्र में नौकरी

कृषि क्षेत्र में कैसे बनाएं अपना करियर, जानिए क्या हैं जॉब ऑप्शंस और सैलरी पैकेजएग्रीकल्‍चर ऑफ़िसर

एक एग्रीकल्‍चर ऑफ़िसर को केंद्र और राज्‍य सरकार की तरफ से दिए जाने वाले कार्य को समय पर पूरा करवाने की ज़िम्मेदारी होती है। फसलों की जांच करने से लेकर पैदावार की रिपोर्ट तैयार करना, विभिन्न फसलों पर लगने वाले रोगों की जांच करना भी एग्रीकल्‍चर ऑफिसर के कार्यों में शामिल है। इस पद में अनुभव के आधार पर 40 से 80 हज़ार प्रतिमाह रूपये वेतन पा सकते हैं।

एग्रीकल्‍चर लॉयर

जैसा कि नाम से ही आपको पता चल गया होगा एग्रीकल्‍चर लॉयर का काम कृषि से जुड़े विवादों का हल निकालने का होता है। कृषि कानूनी सलाहकारों को अतिरिक्त रूप से कृषि ढांचेसुरक्षा और बौद्धिक संपदा से संबंधित मुद्दों का प्रबंधन करने की भी आवश्यकता होती है। वे ऐसे मामलों को भी संभालते हैं जिनमें श्रम कानूनपर्यावरण बीमा और उचित भूमि उपयोग शामिल हैं। शुरुआत में इसकी प्रतिमाह सैलरी  20 से 40 हज़ार रूपये रहती है।

अगर हमारे किसान साथी खेती-किसानी से जुड़ी कोई भी खबर या अपने अनुभव हमारे साथ शेयर करना चाहते हैं तो इस नंबर 9599273766 या [email protected] ईमेल आईडी पर हमें रिकॉर्ड करके या लिखकर भेज सकते हैं। हम आपकी आवाज़ बन आपकी बात किसान ऑफ़ इंडिया के माध्यम से लोगों तक पहुंचाएंगे क्योंकि हमारा मानना है कि देश का  किसान उन्नत तो देश उन्नत। 

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top