पेड़ लगाकर किसान ले सकेंगे लोन, बैंक को लौटाने की भी जरूरत नहीं

अगर कोई किसान अपनी जमीन पर 100 पेड़ लगाता है, तो बैंक उसे 5000 रुपये प्रति वर्ष कर्ज देगा।

पेड़ लगाकर किसान ले सकेंगे लोन, बैंक को लौटाने की भी जरूरत नहीं

भारत समेत पूरे विश्व में निरंतर कार्बन डाई ऑक्साइड की मात्रा बढ़ती जा रही है। ऐसे में पर्यावरण संरक्षण और कृषि को बढ़ावा देने के लिए केरल सरकार (Kerala Govt) ने एक सराहनीय कदम उठाया है। राज्य के लोगों खासकर किसानों के लिए ट्री बैंकिंग स्कीम (Tree Banking Scheme) शुरू की गई है। इसके तहत किसानों को प्रत्येक पेड़ पर बिना ब्याज के लोन (interest free loan) मिलेगा। इसका इस्तेमाल वह पेड़ों की देखभाल और साथ ही अपनी फसल को उन्नत करने में खर्च कर सकेगा।

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यह योजना वायनाड जिले के मीनांगढी ग्राम पंचायत के लिए शुरू  की है। पेड़ लगाने के एक साल बाद किसान इसे गिरवी रखकर सहकारी बैंक से 10 साल की अवधि के लिए 50 रुपये प्रतिवर्ष लोन ले सकेगा। अगर कोई किसान अपनी जमीन पर 100 पेड़ लगाता है, तो बैंक उसे 5000 रुपये प्रति वर्ष कर्ज देगा।

पंचायत करेगी ब्याज का भुगतान

कर्ज पर ब्याज का भुगतान पंचायत करेगी। किसान को केवल मूल राशि का भुगतान करना होगा। लोन लेते वक्त अगर किसान पेड़ को नहीं काटने का विकल्प चुनता है तो उसे कर्ज चुकाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

परियोजना के लिए 10 करोड़ रुपये

केरल सरकार ने इस परियोजना के लिए मीनांगढी सहकारी बैंक में 10 करोड़ रुपये का कोष जमा कराया है।  किसानों को फ्री में पौधे मुहैया कराने के लिए पंचायत ने अपनी मनरेगा नर्सरी के माध्यम से पिछले दो साल में लगभग 1.57 लाख पौधे लगाए हैं। जियो टैगिंग (Geo Tagging) की मदद से पंचायत अधिकारी छह माह और एक साल के अंतराल मेें पौधों की निगरानी कर सकेंगे।

पंचायत करेगी पौधों की देखभाल

ग्राम पंचायत पहले तीन वर्ष तक किसानों की जमीन पर लगाए पौधों की देखभाल करेगी। इसके बाद किसान इसके लिए जिम्मेदार होगा। योजना में आम, कटहल और देवदार समेत पेड़ों की 34 प्रजातियों को शामिल किया गया है। सागौन और शीशम इसमें शामिल नहीं हैं।

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