किसानों का Digital अड्डा

18.78 लाख किसानों से MSP पर 616.43 लाख मीट्रिक टन धान खरीदा, जानिए पूरी डिटेल्स

खरीफ विपणन सत्र (केएमएस) 2020-21 के दौरान सरकार द्वारा अपनी मौजूदा MSP योजनाओं के अनुसार ही किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीफ फसलों की खरीद प्रक्रिया जारी है, जिस प्रकार से विगत सत्रों में होती रही है।

ये भी देखें : मांग कम होने से कॉफी का मूल्य गिरा, बागान आए मुसीबत में

ये भी देखें : नौकरी छोड़ किसानों को सिखाए खेती के गुर, खुद भी कमा रहे लाखों

ये भी देखें : जानवर खा जाते हैं आपकी फसलें तो करेले की खेती कर कमाएं लाखों

खरीफ 2020-21 के लिए धान की खरीद सुचारु रूप से चल रही है। पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, तेलंगाना, उत्तराखंड, तमिलनाडु, चंडीगढ़, जम्मू और कश्मीर, केरल, गुजरात, आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार, झारखंड, असम, कर्नाटक और पश्चिम बंगाल से धान की खरीद की जा रही है।

7 फरवरी 2021 तक इन राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों के किसानों से 616.43 लाख मीट्रिक टन से अधिक धान की खरीद की जा चुकी है, जबकि इसी समान अवधि में पिछले वर्ष केवल 524.52 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद हो पाई थी। इसवर्ष में अब तक की गई धान की खरीद में पिछले वर्ष के मुक़ाबले 17.52 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज देखी गई है। 616.43 लाख मीट्रिक टन धान की कुल खरीदमें से अकेले पंजाब की हिस्सेदारी 202.82 लाख मीट्रिक टन है, जो कि कुलखरीद का 32.90 प्रतिशत है।

ये भी देखें : हर खाद के कट्टे के साथ IFFCO दे रहा है दुर्घटना बीमा, किसानों को होगा लाभ

ये भी देखें : 10 राज्यों में 320.33 करोड़ रू. की परियोजनाओं से 10,000 से ज्यादा को मिलेगा रोजगार

ये भी देखें : सिर्फ 10 पेड़ों से कोसमी लाख की खेती कर छह माह में कमाएं ढाई लाख रुपए

किसानों को सरकार की वर्तमान एमएसपी योजनाओं का लाभ देते हुए मौजूदा खरीफ विपणन सत्र में 07.02.2021 तक खरीदे गए धान के लिए 1,16,382.24 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है।

इसके अलावा, प्रदेशों से मिले प्रस्ताव के आधार पर तमिलनाडु, कर्नाटक, महाराष्ट्र, तेलंगाना, गुजरात, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, ओडिशा, राजस्थान औरआंध्र प्रदेश जैसे राज्यों से खरीफ विपणन सत्र 2020 के लिए मूल्य समर्थन योजना (पीएसएस) के तहत 51.92 लाख मीट्रिक टन दलहन और तिलहन की खरीद को भी मंजूरी प्रदान की गई है।

इसके अतिरिक्त आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, तमिलनाडु औरकेरल राज्यों से 1.23 लाख मीट्रिक टन खोपरा (बारहमासी फसल) की खरीद के लिए भी स्वीकृति दी गई है। इतना ही नहीं गुजरात और तमिलनाडु राज्यों में रबीविपणन सीजन 2020-2021 के लिए 14.20 लाख मीट्रिक टन दलहन और तिलहन की खरीद को मंजूरी प्रदान की गई थी।

यदि अधिसूचित फ़सल अवधि के दौरान संबंधित राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में बाजार की दरें एमएसपी से नीचे चली जाती हैं, तो राज्य की नामित ख़रीद एजेंसियों के माध्यम से केंद्रीय नोडल एजेंसियों द्वारा इन राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों को मूल्य समर्थनयोजना (पीएसएस) के अंतर्गत दलहन, तिलहन और खोपरा फसल की खरीद के प्रस्तावों की प्राप्ति पर भी मंजूरी दी जाएगी, ताकि पंजीकृत किसानों से वर्ष 2020-21 के लिए अधिसूचित किये गए न्यूनतम समर्थन मूल्य पर सीधे इन फसलों के एफएक्यू ग्रेड की खरीद की जा सके।

07.02.2021 तक सरकार ने अपनी नोडल एजेंसियों के माध्यम से 3,08,783.12 मीट्रिक टन मूंग, उड़द, तुअर, मूंगफली की फली और सोयाबीन की खरीद एमएसपी मूल्यों पर कीहै। इस खरीद से तमिलनाडु, कर्नाटक, महाराष्ट्र, गुजरात, हरियाणा और राजस्थान के 1,67,362 किसानों को 1,662.68 करोड़ रुपये की आय हुई है।

इसी तरह से 5,089 मीट्रिक टन खोपरा (बारहमासी फसल) की खरीद कर्नाटक और तमिलनाडु राज्यों से की गई है। इस दौरान 3,961 किसानों को लाभान्वित करते हुए 7 फरवरी 2021 तक न्यूनतम समर्थन मूल्य पर 52 करोड़ 40 लाख रुपये की अदायगी की गई है। खोपरा और उड़द की फसल के लिए अधिकांश प्रमुख उत्पादक राज्यों में एमएसपी पर या फिर उससे ऊपर की दर पर भुगतान किया जा रहा है।

इनसे संबंधित राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की सरकारें खरीफ दलहन तथा तिलहन फसलों के आवक के आधार पर संबंधित राज्यों द्वारा तय तिथि से खरीद शुरू करने के लिए आवश्यक इंतज़ाम कर रही हैं।

न्यूनतम समर्थन मूल्य योजना के तहत ही पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, ओडिशा और कर्नाटक राज्यों से कपास की खरीद का कार्य भी सुचारु रूप से जारी है। दिनांक 07.02.2021 तक 18,78,824 किसानों से 26,519.75 करोड़ रुपये के एमएसपी मूल्य पर कपास की 90,90,641 गांठों की खरीद की जा चुकी है।

सम्पर्क सूत्र: किसान साथी यदि खेती-किसानी से जुड़ी जानकारी या अनुभव हमारे साथ साझा करना चाहें तो हमें फ़ोन नम्बर 9599273766 पर कॉल करके या [email protected] पर ईमेल लिखकर या फिर अपनी बात को रिकॉर्ड करके हमें भेज सकते हैं। किसान ऑफ़ इंडिया के ज़रिये हम आपकी बात लोगों तक पहुँचाएँगे, क्योंकि हम मानते हैं कि किसान उन्नत तो देश ख़ुशहाल।
मंडी भाव की जानकारी
You might also like
Leave A Reply

Your email address will not be published.