झारखंड सरकार ने (Jharkhand Government) राज्य के किसानों के लिए एक सुनहरे भविष्य का रास्ता खुला है। राज्य सरकार ने पानी की बढ़ती कमी और बिजली-डीजल पर बढ़ती निर्भरता को देखते हुए एक ऐतिहासिक फैसला लिया है। ‘किसान समृद्धि योजना’ (kisan samriddhi yojana) के तहत अब किसानों को महज 10 फसदी कीमत पर सोलर पंप (Solar Pump) मिलेगा, बाकी 90 फीसदी सरकार वहन करेगी। ये योजना न सिर्फ खेती की लागत घटाएगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी अहम भूमिका निभाएगी।
क्यों शुरू हुई ये महत्वाकांक्षी योजना?
आपने महसूस किया होगा कि गर्मियों में पानी का स्तर गिर जाता है और बिजली की कटौती आम बात है। ऐसे में फसलों को समय पर पानी नहीं मिल पाता। झारखंड सरकार इसी समस्या के स्थायी समाधान के तौर पर यह योजना लाई गई है। इसका मकसद किसानों को जीवाश्म ईंधन (डीजल/पेट्रोल) से मुक्ति दिलाना और सौर ऊर्जा को बढ़ावा देना है ताकि किसानों की आमदनी दोगुनी हो सके।
कैसे काम करेगी योजना? (Application And Eligibility)
योजना का फायदा लेने के लिए किसानों को ऑनलाइन आवेदन करना होगा।
1.कितना खर्च: सरकार न्यूनतम दर पर 90 फीसदी अनुदान देगी, केवल 10 प्रतिशत अंशदान किसान को देना होगा ।
2.एक बार का लाभ: कोई भी व्यक्तिगत किसान इस योजना का लाभ केवल एक बार ही ले सकता है। अगर किसी ग्रुप ने लाभ लिया तो उस समूह के सदस्यों को कम से कम 5 सालों तक दोबारा इसका फायदा नहीं दिया जाएगा ।
3.कौन कर सकता है अप्लाई : राज्य के सभी 24 जिलों के किसान, कृषक समूह, स्वयं सहायता समूह, FPO (फार्मर प्रोड्यूसर ऑर्गेनाइजेशन) इसके लिए पात्र हैं। आवेदक की आयु 18 वर्ष से अधिक होनी चाहिए और उसके पास आधार से जुड़ा मोबाइल नंबर और वॉटर सोर्स का प्रमाण होना चाहिए ।
कौन-कौन से पंप मिलेंगे?
यह योजना किसानों की जरूरत के हिसाब से दो तरह की सिंचाई इकाइयां उपलब्ध कराती है :
5 HP का “उद्वह” सोलर पंप (बड़े किसानों के लिए)
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- ये उन जलस्रोतों (नदी, बड़ा तालाब, चेक डैम) के लिए है जहां सालभर पानी रहता है।
- इसकी सिंचाई क्षमता लगभग 5 एकड़ है, जो इसे बड़े खेतों वाले किसानों और कृषक समूहों के लिए आइडियल बनाती है।
2 HP का ‘चलंत’ सोलर पंप (हर खेत के लिए):
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- ये योजना का सबसे शानदार और लोकप्रिय ऑप्शन है। ये पूरी इकाई एक ट्रॉली पर लगी होती है ।
- इसकी ख़ासियत है इसकी पोर्टेबिलिटी। किसान इसे आसानी से एक खेत से दूसरे खेत ले जा सकता है।
- इससे लगभग 1 एकड़ क्षेत्र में सिंचाई की जा सकती है, जो सीमांत और लघु किसानों के लिए वरदान साबित होगी।
क्या हैं ज़बरदस्त फायदे?
1.बिजली बिल से मुक्ति: सोलर पैनल से चलने के कारण किसानों को बिजली की दरों या कटौती की चिंता नहीं रहेगी ।
2.डीजल पर खत्म होगी निर्भरता: महंगा डीजल खरीदने की जरूरत नहीं। अब मुफ्त में सूरज की रोशनी से खेत हरे-भरे होंगे।
3.हर मौसम में सिंचाई: चाहे तेज धूप हो या बादल, यह पंप किसी भी मौसम में काम कर सकते हैं, जिससे फसल बर्बादी का ख़तरा कम होगा।
4.कम रखरखाव: सोलर पंपों में डीजल इंजन की तरह बार-बार खराबी नहीं होती और इनके रख-रखाव पर लगभग कोई खर्च नहीं आता।
5.पर्यावरण संरक्षण: यह प्रदूषण मुक्त ऊर्जा का स्रोत है, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए एक स्वच्छ पर्यावरण सुनिश्चित करेगा।
कैसे करें आवेदन?
इच्छुक किसान अपने नजदीकी कृषि विभाग, प्रखंड तकनीकी प्रबंधक (बीटीएम) या सीएससी (कॉमन सर्विस सेंटर) से संपर्क कर सकते हैं। बोकारो जैसे जिलों में इस योजना पर तेजी से काम चल रहा है और कई किसान इसका लाभ उठा चुके हैं।
सम्पर्क सूत्र: किसान साथी यदि खेती-किसानी से जुड़ी जानकारी या अनुभव हमारे साथ साझा करना चाहें तो हमें फ़ोन नम्बर 9599273766 पर कॉल करके या [email protected] पर ईमेल लिखकर या फिर अपनी बात को रिकॉर्ड करके हमें भेज सकते हैं। किसान ऑफ़ इंडिया के ज़रिये हम आपकी बात लोगों तक पहुँचाएँगे, क्योंकि हम मानते हैं कि किसान उन्नत तो देश ख़ुशहाल।
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