Table of Contents
केंद्र सरकार ने किसानों के हित में एक और ऐतिहासिक और पॉजिटिव फैसला लिया है, जिससे तमिलनाडु के हजारों किसानों के चेहरे पर मुस्कान लौट आई है। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान (Union Minister of Agriculture and Farmers Welfare Shivraj Singh Chouhan) ने राज्य के खोपरा और तोतापुरी आम उत्पादक किसानों (Mango-growing farmers) के लिए उनकी उपज की सरकारी ख़रीद को मंजूरी देकर एक बड़ा कदम उठाया है। ये फैसला किसानों को बाजार में गिरती कीमतों से बचाने और उन्हें मजबूरी में घाटे का सौदा करने से राहत देने वाला साबित होगा।
सरकार ने क्यों लिया ये फैसला?
दरअसल, पिछले कुछ समय से ब़ाजार में खोपरा और तोतापुरी आम की कीमतों में भारी गिरावट आई थी। खोपरा के दाम छह महीने पहले 250 रुपये प्रति किलो से गिरकर 120 रुपये प्रति किलो पर आ गए थे, जो किसानों के लिए बेहद चिंताजनक था। वहीं, तोतापुरी आम के दाम भी लागत से कम हो गए थे, जिससे किसानों को अपनी मेहनत का सही मूल्य नहीं मिल पा रहा था। इस संकट को देखते हुए केंद्र सरकार ने तमिलनाडु सरकार के प्रस्ताव पर फौरन काम करते हुए ये राहत देने का फैसला किया।
कितनी मात्रा में होगी खरीद?
सरकार द्वारा दी गई मंजूरी के अनुसार, राज्य में कुल 87,226 मीट्रिक टन खोपरा की खरीद की जाएगी, जिसमें 87,000 मीट्रिक टन मिलिंग खोपरा और 226 मीट्रिक टन बाल खोपरा शामिल है। इसके अलावा, 96,879 मीट्रिक टन तोतापुरी आम की भी ख़रीद को मंज़ूरी दी गई है। ये पूरा प्रोसेस किसानों के हित में पारदर्शी तरीके से पूरी कराई जाएगी।
किसानों को क्या फायदा होगा?
इस फैसले से किसानों को दोहरा फायदा मिलेगा। पहला, खोपरा की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य (Minimum Support Price) पर मूल्य समर्थन योजना (PSS) के तहत की जाएगी, जिसका कुल मूल्य 1049.16 करोड़ रुपये से ज़्यादा है। दूसरा, तोतापुरी आम की ख़रीद बाजार हस्तक्षेप योजना (MIS) के तहत 1545.41 रुपये प्रति क्विंटल के Market Intervention Price (MIP) पर होगी। इससे किसानों को भरोसा होगा कि सरकार उनकी फसल के लिए सही दाम पर उनके साथ खड़ी है, जिससे उन्हें आर्थिक सुरक्षा मिलेगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मज़बूती मिलेगी ।
सरकार का ये फैसला क्यों है ख़ास?
ये फैसला इसलिए भी अहम है क्योंकि ये सिर्फ एक फसल तक सीमित नहीं है, बल्कि दो अलग-अलग तरह की उपजों को कवर करता है, जिनकी बाजार स्थितियां अलग-अलग थीं। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के इस कदम ने साबित कर दिया है कि केंद्र सरकार किसानों की आमदनी बढ़ाने, उन्हें सशक्त बनाने और खेती के प्रति उनका भरोसा बनाए रखने के लिए कमिटेड है। ये फैसला देश के दूसरे राज्यों के किसानों के लिए भी एक पॉजिटिव संदेश है।
सम्पर्क सूत्र: किसान साथी यदि खेती-किसानी से जुड़ी जानकारी या अनुभव हमारे साथ साझा करना चाहें तो हमें फ़ोन नम्बर 9599273766 पर कॉल करके या [email protected] पर ईमेल लिखकर या फिर अपनी बात को रिकॉर्ड करके हमें भेज सकते हैं। किसान ऑफ़ इंडिया के ज़रिये हम आपकी बात लोगों तक पहुँचाएँगे, क्योंकि हम मानते हैं कि किसान उन्नत तो देश ख़ुशहाल।
ये भी पढ़ें- यूपी सरकार का किसानों को बड़ा तोहफा! अब MSP पर बिकेगा मक्का, 2400 रुपये प्रति क्विंटल मिलेगा दाम

