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क्या सरकार व किसान संगठनों के बीच का गतिरोध खत्म होने वाला है? जानिए, क्या बोले कृषि मंत्री

नये कृषि कानूनों पर हो रहे विरोध के बाद सरकार ने किसानों से एक बार फिर चर्चा की बात कही है। केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने मंगलवार को लोकसभा में विपक्षी दलों के सांसदों से नये कानून पर सदन के भीतर चर्चा करने की बात कही। केंद्रीय मंत्री ने लोकसभा में कहा कि किसानों के मुद्दे को लेकर सरकार सदन के भीतर और बाहर बात करने के लिए तैयार है।

वहीं लोकसभा में हंगामा कर रहे सदस्यों पर सदन का समय बर्बाद करने का आरोप लगाया। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि किसानों के साथ चर्चा में सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है और आगे भी रहेगी।

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बता दें कि संसद के मॉनसून सत्र के दौरान पिछले साल केंद्र सरकार की ओर से कृषि से संबंधित तीन विधेयक लाये गये थे। दोनों सदनों से पारित होने के बाद इन्हें लागू किया गया। लेकिन किसान आंदोलन को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने इनके अमल पर रोक लगा दी है। विशेषज्ञों की एक कमेटी बनाकर रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है।

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नये कृषि कानून का विरोध कर रहे प्रदर्शनकारी किसान संगठनों के साथ सरकार ने 11 दौर की वार्ताएं की हैं, लेकिन अब तक कोई नतीजा नहीं निकला है। किसान दो महीने से ज्यादा समय से सड़क पर उतर कर प्रदर्शन कर रहे हैं। वे तीनों कानूनों को निरस्त करने और न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर फसलों की खरीद की कानूनी गारंटी मांग कर रहे हैं। सरकार ने किसान संगठनों को तीनों कानून के अमल पर 18 महीने के लिए रोक लगाने का प्रस्ताव दिया है।

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