पूसा कृषि विज्ञान मेला 2026 का शुभारंभ, विकसित कृषि और आत्मनिर्भर भारत की रूपरेखा पेश

पूसा कृषि विज्ञान मेला 2026 में कृषि सुधार, समयबद्ध भुगतान, केसीसी और उर्वरक सब्सिडी को लेकर बड़ा रोडमैप पेश किया गया।

पूसा कृषि विज्ञान मेला 2026 का शुभारंभ, विकसित कृषि और आत्मनिर्भर भारत की रूपरेखा पेश

नई दिल्ली स्थित ICAR परिसर में आयोजित 3 दिवसीय पूसा कृषि विज्ञान मेला 2026 का उद्घाटन केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किया। इस अवसर पर उन्होंने खेती को विकसित कृषि और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में आगे बढ़ाने के लिए व्यापक सुधारों का रोडमैप प्रस्तुत किया।

उद्घाटन समारोह में कृषि सचिव देवेश चतुर्वेदी, ICAR के महानिदेशक डॉ. एम एल जाट और IARI के निदेशक डॉ. सी एच श्रीनिवास राव सहित बड़ी संख्या में वैज्ञानिक और प्रगतिशील किसान मौजूद रहे। पूसा कृषि विज्ञान मेला 2026 को किसानों, वैज्ञानिकों और नीति निर्माताओं के साझा मंच के रूप में प्रस्तुत किया गया।

किसान फर्स्ट संदेश के साथ उद्घाटन

कार्यक्रम के दौरान शिवराज सिंह चौहान ने किसानों को मंच पर प्रमुख स्थान देकर यह स्पष्ट संदेश दिया कि नीति निर्माण के केंद्र में किसान ही हैं। उन्होंने सात किसानों को IARI कृषि अध्येता पुरस्कार से सम्मानित किया। एक दिव्यांग किसान से स्वयं मिलकर संवाद करते हुए उन्होंने बताया कि सरकार की हर योजना का उद्देश्य किसानों को सशक्त बनाना है।

उन्होंने कहा कि पूसा कृषि विज्ञान मेला 2026 केवल प्रदर्शनी नहीं बल्कि कृषि परिवर्तन का मंच है।

पूसा कृषि विज्ञान मेला 2026 का शुभारंभ, विकसित कृषि और आत्मनिर्भर भारत की रूपरेखा पेश

किसानों का पैसा रोका तो देना होगा 12 प्रतिशत ब्याज

अपने संबोधन में शिवराज सिंह चौहान ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि किसी एजेंसी या राज्य सरकार ने किसानों का पैसा रोका तो 12 प्रतिशत ब्याज देना होगा। उन्होंने कहा कि किसानों के धन को रोककर ब्याज कमाने की पुरानी प्रथा अब स्वीकार नहीं की जाएगी।

उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र सरकार की ओर से कोई देरी नहीं होगी। यदि राज्यों की ओर से देरी होती है तो केंद्र का हिस्सा सीधे किसानों के खाते में भेजने के विकल्प पर भी विचार किया जा रहा है। पूसा कृषि विज्ञान मेला 2026 के मंच से यह संदेश दिया गया कि पारदर्शिता और समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा।

KVK बनेंगे ज़िला स्तर के कृषि सुधार केंद्र

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि कृषि विज्ञान केंद्रों को ज़िला स्तर पर मज़बूत इकाइयों के रूप में विकसित किया जाएगा। KVK को शोध और विस्तार के बीच मज़बूत कड़ी बनाते हुए नई क़िस्मों और तकनीकों को सीधे गांवों तक पहुंचाने की ज़िम्मेदारी दी जाएगी।

उन्होंने बताया कि पूसा कृषि विज्ञान मेला 2026 में KVK की भूमिका को विशेष रूप से रेखांकित किया गया है ताकि वैज्ञानिक उपलब्धियां सीधे किसानों तक पहुंच सकें।

KCC पर 4 प्रतिशत ब्याज, लेकिन देरी बिल्कुल नहीं

किसान क्रेडिट कार्ड के विषय में शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि छोटे किसानों को 4 प्रतिशत की प्रभावी दर पर ऋण मिल रहा है, जो सस्ती वित्तीय सुविधा है। लेकिन ऋण वितरण में देरी स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने बैंकों को जिम्मेदार बनाते हुए कहा कि किसानों को समय पर ऋण मिले, ताकि वे साहूकारों पर निर्भर न रहें। पूसा कृषि विज्ञान मेला 2026 में इस मुद्दे पर स्पष्ट रूप से जवाबदेही की बात कही गई।

MSP खरीद एक महीने में पूरी हो

MSP पर खरीद को लेकर शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि तीन महीने की समय सीमा व्यावहारिक नहीं है। उन्होंने सुझाव दिया कि राज्यों के सहयोग से खरीद प्रक्रिया अधिकतम एक महीने में पूरी की जाए। इससे किसानों को तुरंत भुगतान मिलेगा और उन्हें अपनी उपज रोककर रखने की मजबूरी नहीं होगी। पूसा कृषि विज्ञान मेला 2026 के दौरान इस सुधार को प्राथमिकता देने की बात कही गई।

पूसा कृषि विज्ञान मेला 2026 का शुभारंभ, विकसित कृषि और आत्मनिर्भर भारत की रूपरेखा पेश

2 लाख करोड़ की उर्वरक सब्सिडी सीधे किसानों तक पहुंचे

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार हर साल दो लाख करोड़ रुपये से अधिक की उर्वरक सब्सिडी देती है। यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि इसका लाभ सीधे किसानों तक पहुंचे। डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के जरिए किसानों को यह राशि सीधे देने के विकल्प पर विचार करने की बात कही गई।

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि किसान स्वयं तय करें कि उन्हें कौन सा उर्वरक कितनी मात्रा में खरीदना है।

विकसित कृषि संकल्प अभियान अप्रैल से

भविष्य की रणनीति बताते हुए शिवराज सिंह चौहान ने विकसित कृषि संकल्प अभियान का जिक्र किया। इस अभियान के तहत वैज्ञानिक गांवों में जाकर किसानों से सीधे संवाद करेंगे। कीट प्रबंधन, रोग नियंत्रण, एकीकृत खेती मॉडल और निर्यात योग्य क़िस्मों की जानकारी दी जाएगी।

उन्होंने बताया कि यह अभियान अप्रैल से समयबद्ध तरीके से शुरू होगा, ताकि खरीफ सीजन से पहले किसानों को वैज्ञानिक सलाह मिल सके। पूसा कृषि विज्ञान मेला 2026 को इस अभियान की आधारशिला बताया गया।

कृषि सुधारों की दिशा में राष्ट्रीय मंच

पूसा कृषि विज्ञान मेला 2026 को उन्होंने किसानों का राष्ट्रीय कुंभ बताया, जहां देशभर से किसान, वैज्ञानिक और उद्यमी एकत्र होते हैं। यह मंच प्रयोगशाला के शोध को खेत तक पहुंचाने का अवसर देता है।

शिवराज सिंह चौहान ने निर्देश दिया कि अगले वर्ष से इस मेले को और बड़े स्तर पर आयोजित किया जाए, ताकि अधिक किसान इसका लाभ ले सकें।

आगे की राह

पूसा कृषि विज्ञान मेला 2026 ने स्पष्ट कर दिया है कि खेती को पारदर्शिता, समयबद्ध भुगतान, जवाबदेही और वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ाया जाएगा। किसानों के हितों को केंद्र में रखते हुए प्रस्तुत यह रोडमैप विकसित कृषि और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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सम्पर्क सूत्र: किसान साथी यदि खेती-किसानी से जुड़ी जानकारी या अनुभव हमारे साथ साझा करना चाहें तो हमें फ़ोन नम्बर 9599273766 पर कॉल करके या [email protected] पर ईमेल लिखकर या फिर अपनी बात को रिकॉर्ड करके हमें भेज सकते हैं। किसान ऑफ़ इंडिया के ज़रिये हम आपकी बात लोगों तक पहुँचाएँगे, क्योंकि हम मानते हैं कि किसान उन्नत तो देश ख़ुशहाल।

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