Rabi Season 2026-27 in Haryana: गेहूं और सरसों की MSP पर ख़रीद शुरू, किसानों के लिए ज़रूरी शर्तें और नई व्यवस्था

Rabi Season 2026-27 in Haryana: गेहूं और सरसों की MSP पर ख़रीद शुरू, किसानों के लिए ज़रूरी शर्तें और नई व्यवस्था सरकार ने इस बार किसानों को बंपर तोहफा दिया है। गेहूं का MSP 2585 रुपये प्रति क्विंटल और सरसों का 6200 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है। यानी किसानों को उनकी मेहनत का पूरा दाम मिलेगा।

हरियाणा के किसानों के लिए अच्छी खबर है। रबी सीज़न 2026-27 के तहत गेहूं और सरसों की MSP (Minimum Support Price) पर ख़रीद शुरू हो चुकी है। सरकार ने इस बार किसानों की सुविधा के लिए कई बड़े बदलाव किए हैं। अब न तो मंडी में लंबी लाइनों में घंटों खड़े रहने की जरूरत है, न ही भुगतान के लिए महीनों इंतजार करना होगा।

क्या है MSP की नई दरें?

सरकार ने इस बार किसानों को बंपर तोहफा दिया है। गेहूं का MSP 2585 रुपये प्रति क्विंटल और सरसों का 6200 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है। यानी किसानों को उनकी मेहनत का पूरा दाम मिलेगा।

‘मेरी फसल मेरा ब्यौरा’ पोर्टल पर (‘Meri Fasal Mera Byora’ portal) रजिस्ट्रेशन ज़रूरी

अगर आप MSP पर फसल बेचना चाहते हैं, तो सबसे पहले “मेरी फसल मेरा ब्यौरा” पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करवाना होगा। ये काम आप खुद कर सकते हैं, चाहे आप ज़मीन के मालिक हों या फिर पट्टे पर खेती करते हों। ख़ास बात ये है कि किसान अधिकतम तीन नामित व्यक्तियों को भी फसल बेचने का अधिकार दे सकते हैं।

बैलगाड़ी से भी ला सकते हैं फसल

सरकार ने किसानों की पुरानी परंपराओं का भी सम्मान किया है। अब आप ट्रैक्टर-ट्रॉली के अलावा बैलगाड़ी जैसे पारंपरिक साधनों से भी फसल मंडी ला सकते हैं। अगर ट्रैक्टर पर नंबर प्लेट नहीं है, तो पेंट या कागज पर नंबर लिखकर दिखाना होगा। और सबसे राहत की बात यह है कि किसान 24 घंटे मंडी में फसल ले जा सकते हैं।

Verification के लिए Biometric System

पारदर्शिता के लिए सरकार ने Biometric System लागू किया है। फसल बेचते समय फिंगर स्कैनिंग से पहचान होगी। अगर उंगलियों में दिक्कत होती है, तो आईरिस स्कैन या OTP के जरिए सत्यापन किया जा सकेगा। इससे बिचौलियों की कोई जगह नहीं बचेगी।

72 घंटे में भुगतान, पूरा प्रोसेस ऑनलाइन

ये सबसे बड़ी राहत है कि किसानों को फसल बेचने के बाद 72 घंटे के भीतर भुगतान सुनिश्चित किया गया है। पूरी खरीद प्रक्रिया ऑनलाइन कर दी गई है, ताकि उठान से लेकर भुगतान तक हर चरण पारदर्शी रहे।

मंत्री ने खुद की व्यवस्थाओं की समीक्षा

राज्य के कृषि और किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा (State Minister for Agriculture and Farmers’ Welfare, Shyam Singh Rana) ने पंचकूला, बरवाला और रायपुररानी मंडियों का दौरा कर खुद व्यवस्थाएं देखीं। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि खरीद प्रक्रिया में किसी तरह की कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए। आउट गेट पास सिस्टम को डिजिटल बनाया गया है, जिससे ट्रांसपोर्टर और मंडी प्रशासन के बीच बेहतर तालमेल होगा।

किसानों के लिए बड़ी राहत

पिछले सालों में जहां किसानों को MSP पर फसल बेचने के लिए इधर-उधर भटकना पड़ता था, वहीं इस बार सरकार ने पूरे प्रोसेस को आसान और पारदर्शी बना दिया है। अतिरिक्त कर्मचारियों की तैनाती की गई है, ताकि गेट पास के लिए लंबा इंतजार न करना पड़े।

सम्पर्क सूत्र: किसान साथी यदि खेती-किसानी से जुड़ी जानकारी या अनुभव हमारे साथ साझा करना चाहें तो हमें फ़ोन नम्बर 9599273766 पर कॉल करके या [email protected] पर ईमेल लिखकर या फिर अपनी बात को रिकॉर्ड करके हमें भेज सकते हैं। किसान ऑफ़ इंडिया के ज़रिये हम आपकी बात लोगों तक पहुँचाएँगे, क्योंकि हम मानते हैं कि किसान उन्नत तो देश ख़ुशहाल।

इसे भी पढ़िए: प्रकृति का सच्चा साथी: विजय सिंह, जिन्होंने YouTube देखकर बदली खेती की तस्वीर, बने Natural Farming के ‘गुरु’!

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top