योगी सरकार का किसानों को तोहफा: Seed Schemes के लिए 450 करोड़ रुपये मंज़ूर

वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए सरकार ने बीज योजनाओं (Seed Schemes) के तहत करोड़ों रुपये की स्वीकृतियां (Acknowledgements) दी हैं। इसका सीधा फायदा प्रदेश के लाखों किसानों को होगा।

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार (Uttar Pradesh’s Yogi Government) ने किसानों की आमदनी बढ़ाने और कृषि क्षेत्र को मजबूत करने के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए सरकार ने बीज योजनाओं (Seed Schemes) के तहत करोड़ों रुपये की स्वीकृतियां (Acknowledgements) दी हैं। इसका सीधा फायदा प्रदेश के लाखों किसानों को होगा। प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही (Agriculture Minister Surya Pratap Shahi) ने बताया कि सरकार ने बीज भंडार (Food grains, pulses, oilseeds) के लिए 45,000 लाख रुपये (450 करोड़ रुपये) की Financial Sanction जारी की है।

ये राशि प्रदेश में अच्छे और उन्नत किस्म के बीजों की उपलब्धता सुनिश्चित करेगी। इतना ही नहीं, राज्य सेक्टर की योजना के तहत प्रमाणित बीजों पर सब्सिडी देने के लिए 20,000 लाख रुपये (200 करोड़ रुपये) भी मंजूर किए गए हैं। मतलब साफ है, किसानों को अब बाजार भाव से काफी कम दाम पर गुणवत्तापूर्ण बीज मिलेंगे।

संकर बीजों को बढ़ावा-उत्पादकता होगी दोगुनी

कृषि मंत्री शाही ने बताया कि खेती में उत्पादकता बढ़ाने के लिए संकर (हाइब्रिड) बीजों के उपयोग को बढ़ावा दिया जाएगा। इसके लिए 1,500 लाख रुपये (15 करोड़ रुपये) की सब्सिडी स्वीकृत की गई है। संकर बीजों से फसल जल्दी तैयार होती है और पैदावार भी अधिक होती है।

बीजों की सुरक्षित रखवाली पर भी ज़ोर

अच्छे बीजों को खराब होने से बचाने के लिए सरकार ने बोरियों की लागत और भंडारण व्यय के लिए 400 लाख रुपये (4 करोड़ रुपये) का प्रावधान किया है। ये बहुत जरूरी है क्योंकि नमी और कीड़ों से बीज खराब हो सकते हैं, जिससे पूरी फसल चौपट हो जाती है।

कपास और बिनोला बीजों पर भी ख़ास ध्यान

कपास और बिनोला (Bt कॉटन) के बीजों की लागत और अन्य खर्चों के लिए 135 लाख रुपये (1 करोड़ 35 लाख रुपये) की स्वीकृति दी गई है। इससे कपास उत्पादक किसानों को बड़ी राहत मिलेगी।

किसानों के लिए बड़ी बात क्या है?

  • सस्ते बीज: सरकारी सब्सिडी से किसानों की जेब पर बोझ कम होगा

  • उन्नत किस्म: ज्यादा उपज देने वाले बीज उपलब्ध होंगे

  • दलहन-तिलहन पर फोकस: गेहूं-चावल के अलावा अरहर, उड़द, मूंग, सरसों आदि के बीजों पर भी जोर

  • सुरक्षित भंडारण: बीज खराब न हों, इसकी पूरी व्यवस्था

सरकार की अपील

कृषि मंत्री शाही ने सभी किसानों से अपील की है कि वे सरकार की इन योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाएं। योजनाओं की जानकारी गांव-गांव तक पहुंचाने और अधिक से अधिक लोगों को लाभान्वित करने पर जोर दिया गया है।

क्यों ज़रूरी है ये फैसला?

उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा कृषि राज्य (Uttar Pradesh is the country’s largest agricultural state) है। यहां करीब 2.3 करोड़ किसान परिवार हैं। बीज कृषि की नींव है, अगर बीज अच्छा नहीं तो फसल अच्छी नहीं। सरकार का यह कदम-

  • किसानों को खुदरा बाजार के महंगे बीजों के झंझट से मुक्ति दिलाएगा

  • नकली और मिलावटी बीजों पर लगाम लगेगी

  • खाद्यान्न, दलहन और तिलहन के उत्पादन में इजाफा होगा

  • प्रदेश को खाद्य सुरक्षा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाएगा

योगी सरकार का ये फैसला किसानों के हित में एक ऐतिहासिक कदम है। 450 करोड़ रुपये का बजट सिर्फ बीजों पर खर्च करना दिखाता है कि सरकार कृषि को कितनी गंभीरता से ले रही है। अब ज़रूरत है कि ये योजनाएं ज़मीनी स्तर पर सही तरीके से लागू हों और हर किसान तक इसका फायदा पहुंचे।

अगर आप भी किसान हैं, तो तुरंत अपने नजदीकी कृषि विभाग के कार्यालय या प्राथमिक कृषि समिति से संपर्क करें और सब्सिडी वाले बीजों का लाभ उठाएं। याद रखें। अच्छी खेती की शुरुआत अच्छे बीज से होती है।

सम्पर्क सूत्र: किसान साथी यदि खेती-किसानी से जुड़ी जानकारी या अनुभव हमारे साथ साझा करना चाहें तो हमें फ़ोन नम्बर 9599273766 पर कॉल करके या [email protected] पर ईमेल लिखकर या फिर अपनी बात को रिकॉर्ड करके हमें भेज सकते हैं। किसान ऑफ़ इंडिया के ज़रिये हम आपकी बात लोगों तक पहुँचाएँगे, क्योंकि हम मानते हैं कि किसान उन्नत तो देश ख़ुशहाल।

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