Table of Contents
देश के हृदय प्रदेश मध्य प्रदेश के रायसेन में तीन दिवसीय ‘उन्नत कृषि महोत्सव 2026’ का भव्य शुभारंभ हुआ। दशहरा मैदान में आयोजित इस राष्ट्रीय कृषि मेले का उद्घाटन केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने संयुक्त रूप से किया। इस अवसर पर कई जनप्रतिनिधि, कृषि वैज्ञानिक और बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे। यहां लगभग 20 तकनीकी सत्र आयोजित किए जा रहे हैं, जिनमें बागवानी, ड्रोन तकनीक, मृदा परीक्षण, आधुनिक कृषि उपकरण और बाजार से जुड़ाव जैसे विषयों पर विशेषज्ञ किसानों को जानकारी दे रहे हैं। करीब 4000 किसानों ने इन सत्रों के लिए पंजीकरण कराया है।
आधुनिक कृषि का संगम बना महोत्सव
महोत्सव का उद्देश्य किसानों को आधुनिक तकनीक, वैज्ञानिक अनुसंधान और उन्नत कृषि पद्धतियों से जोड़ना है। उद्घाटन के दौरान केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि आधुनिक तकनीक, आधुनिक ज्ञान, आधुनिक अनुसंधान, आधुनिक कृषि पद्धतियां इन सबको आज आपको देखने का, समझने का, सोचने का, सीखने का मौका मिलेगा।
तकनीक और नवाचार के साथ खेती की नई दिशा
मेले में 300 से अधिक स्टॉल लगाए गए हैं, जहां किसानों को उन्नत बीज, जैविक खाद, स्मार्ट सिंचाई प्रणाली और आधुनिक कृषि उपकरणों की जानकारी दी जा रही है। ड्रोन तकनीक का लाइव प्रदर्शन आकर्षण का केंद्र बना हुआ है, जिसमें नैनो-यूरिया और कीटनाशकों के सटीक छिड़काव की तकनीक दिखाई जा रही है। इसके साथ ही किसानों के लिए ऑन-स्पॉट मिट्टी परीक्षण की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है।
विशेषज्ञ सत्रों में मिल रहा वैज्ञानिक मार्गदर्शन
महोत्सव के दौरान विभिन्न सेमिनार हॉल में विशेषज्ञों द्वारा प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए जा रहे हैं। ICAR और कृषि विज्ञान केंद्रों के वैज्ञानिक डिजिटल खेती, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित तकनीक, प्राकृतिक खेती, पशुपालन, मत्स्य पालन और सीधी बुआई जैसी उन्नत विधियों पर किसानों को जानकारी दे रहे हैं। इससे किसानों को कम लागत में अधिक उत्पादन हासिल करने के तरीके सीखने का अवसर मिल रहा है।
जैविक खेती को मिलेगा बढ़ावा: राजनाथ सिंह
केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अपने संबोधन में एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए कहा कि देश के कैंटोनमेंट क्षेत्रों में अब स्थानीय किसानों से जैविक रूप से उगाई गई सब्जियां, फल और अनाज खरीदे जाएंगे। उन्होंने कहा कि बाहर से खाद्यान्न मंगाने की बजाय स्थानीय किसानों से सीधी खरीद की जाएगी, जिससे किसानों की आय बढ़ेगी और जवानों को शुद्ध एवं ताजा खाद्य सामग्री मिलेगी।
उन्होंने यह भी बताया कि सरकार द्वारा सेना में ‘श्री अन्न’ यानी मोटे अनाज के उपयोग को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे किसानों को नए बाजार मिल रहे हैं और उनकी आय में वृद्धि हो रही है।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों से जागरूकता
महोत्सव में शाम के समय सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जा रहा है। लोक संगीत और नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से किसानों को सरकारी योजनाओं जैसे फसल बीमा और किसान क्रेडिट कार्ड के बारे में जागरूक किया जा रहा है। साथ ही प्रगतिशील किसान अपनी सफलता की कहानियां साझा कर अन्य किसानों को प्रेरित कर रहे हैं।
समापन पर जारी होगा कृषि रोडमैप
यह तीन दिवसीय महोत्सव 13 अप्रैल तक चलेगा। समापन समारोह में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी की उपस्थिति में रायसेन, विदिशा और सीहोर जिलों के लिए एक विशेष कृषि रोडमैप जारी किया जाएगा, जिसका उद्देश्य अगले पांच वर्षों में किसानों की आय बढ़ाना और कृषि ढांचे को मजबूत करना है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि यह महोत्सव किसानों को वैश्विक स्तर की तकनीकों से जोड़ने का एक सुनहरा अवसर है और इससे प्रदेश में कृषि के क्षेत्र में नई क्रांति आएगी।
आधुनिक तकनीकों का प्रदर्शन और किसानों को मिला सीधा लाभ
केंद्रीय रक्षा मंत्री Rajnath Singh ने मुख्यमंत्री Mohan Yadav और केंद्रीय कृषि मंत्री Shivraj Singh Chouhan के साथ मेले में लगाए गए विभिन्न स्टॉल्स का निरीक्षण किया और आधुनिक कृषि तकनीकों का अवलोकन किया। इस दौरान कॉर्न कटर मशीन, ड्रोन, माइक्रो इरिगेशन सिस्टम, सोलर पंप और पशुपालन से जुड़ी उन्नत तकनीकों का लाइव प्रदर्शन किसानों के लिए आकर्षण का केंद्र रहा।
प्रदर्शनी में वेयरहाउस, कोल्ड स्टोरेज और फूड प्रोसेसिंग से जुड़े मॉडल भी प्रदर्शित किए गए, जिससे किसानों को उत्पादन से लेकर भंडारण और विपणन तक की पूरी जानकारी एक ही स्थान पर मिल सके। कार्यक्रम के दौरान ‘मृदा/eFARM’ मोबाइल ऐप का भी शुभारंभ किया गया, जो किसानों को अपनी मिट्टी की जांच कर उर्वरकों के संतुलित उपयोग में मदद करेगा।
इसके साथ ही विभिन्न सरकारी योजनाओं के तहत किसानों को लाभ वितरण भी किया गया। तीन दिनों तक चलने वाला यह महोत्सव किसानों को आधुनिक तकनीक, बेहतर उत्पादन और अधिक आय के अवसरों से जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण मंच बनकर सामने आ रहा है।
यह आयोजन न केवल किसानों को आधुनिक खेती की ओर प्रेरित कर रहा है, बल्कि ‘जय जवान, जय किसान’ के मंत्र को भी व्यवहारिक रूप में साकार करने की दिशा में एक अहम कदम साबित हो रहा है।
इसे भी पढ़िए: Is The Milk Real Or Fake?: सुबह की चाय से लेकर बच्चों के गिलास तक दूध की शुद्धता पहचानने के 3 आसान घरेलू टेस्ट
सम्पर्क सूत्र: किसान साथी यदि खेती-किसानी से जुड़ी जानकारी या अनुभव हमारे साथ साझा करना चाहें तो हमें फ़ोन नम्बर 9599273766 पर कॉल करके या [email protected] पर ईमेल लिखकर या फिर अपनी बात को रिकॉर्ड करके हमें भेज सकते हैं। किसान ऑफ़ इंडिया के ज़रिये हम आपकी बात लोगों तक पहुँचाएँगे, क्योंकि हम मानते हैं कि किसान उन्नत तो देश ख़ुशहाल।

