तुलसी के पौधों को किसी ख़ास तापमान की ज़रूरत नहीं होती

इसकी अलग-अलग किस्में अलग-अलग जलवायु वाले इलाकों में बेहद उत्पादन देती हैं

तुलसी के लिए उचित जल निकासी वाली बलुई दोमट मिट्टी सबसे बेहतरीन है

इसकी अम्लीयता 5.5 से 7 के बीच होनी चाहिए,ज़्यादा बारिश या सिंचाई भी नहीं चाहिए

बंगाल, बिहार और मध्य प्रदेश में तुलसी की खेती ज़्यादा होती है

तुलसी का पौधा तीन महीने में उपज देने के लिए तैयार हो जाता है

लागत निकालकर एक लाख रुपये से ज़्यादा की कमाई हो सकती है