अलग-अलग नस्लों की खूबियों के आधार पर देसी गायों की दुनिया को तीन वर्गों में बांटा गया है

दुधारू नस्ल की देसी गायें अधिक दूध देने वाली होती हैं

गिर, लाल सिन्धी, साहीवाल और देओनी नस्लों को दुधारू वर्ग में अग्रणी माना गया है

दुधारू के मुकाबले ड्राफ्ट वर्ग की नस्लों वाली देसी गायें दूध तो कम देती हैं

इसके बैल बलिष्ठ,वजन ढोने क्षमता ज़्यादा होती है, नागोरी,मालवी,केलरीगढ़,अमृतमहल, खिलारी, सिरी नस्ल इस वर्ग में है

दोहरे उद्देश्य वाली गायों की ऐसी नस्लें हैं जो दूध उत्पादन और भार-वहन क्षमता दोनों में उम्दा होती हैं

इस वर्ग में हरियाणा, ओंगोल, थारपारकर, कंकरेज वगैरह नस्लों का प्रमुख स्थान है