हल इंसान के सबसे पुराने औज़ारों में से एक है

सिंधु घाटी सभ्यता की मुहरों में भी इसका ज़िक्र मिलता है

आज के वक्त में हल साइंस लैब में आधुनिक रूप में पढ़ा और बनाया जा रहा है

CIAE, भोपाल में वैज्ञानिक “ड्राफ्ट फोर्स”, “ऊर्जा दक्षता” और “मिट्टी पलटने का अनुपात” मापते हैं

ठीक वैसे जैसे एयरोस्पेस वैज्ञानिक उड़ान की ताकत और खिंचाव मापते हैं

ICAR–CIAE भोपाल में वैज्ञानिक ऐसे आधुनिक हल बना रहे हैं जिनमें सेंसर और इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम लगे हैं