21वीं सदी ने भारतीय कृषि (Indian Agriculture) में एक नई क्रांति ला दी है
इस दौर में हार्वेस्टर, जीरो टिलेज मशीन, ड्रिप इरीगेशन, स्प्रिंकलर सिस्टम,लेजर लैंड लेवलर जैसी तकनीकों का तेज़ी से विस्तार हुआ है
सबसे बड़ा बदलाव है Precision Farming यानी सटीक खेती का आगमन
जीपीएस युक्त ट्रैक्टर, ड्रोन टेक्नोलॉजी, सेंसर बेस्ड उपकरणों ने खेती को और भी वैज्ञानिक बना दिया है
ड्रोन से फसलों पर दवा का छिड़काव, मिट्टी और फसल की सेहत की निगरानी जैसे काम आसान हो गये
कस्टम हायरिंग सेंटर (CHC) छोटे किसानों को महंगी मशीनें किराए पर उपलब्ध कराते हैं
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