चमोली के किसान अब मत्स्य पालन के जरिए अपनी आय में कई गुना बढ़ा रहे हैं

जिले में 1,135 से अधिक काश्तकार मत्स्य पालन से जुड़े हैं

ट्राउट, कॉमन कार्प, ग्रास कार्प और पंगास जैसी मछलियों का उत्पादन कर लाखों की आमदनी कर रहे हैं

चमोली की साफ-सुथरी नदियां और ठंडी जलवायु ट्राउट मछली के पालन के लिए बेहद अनुकूल है

राज्य और केंद्र सरकार दोनों ही मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं चला रही है

मुख्यमंत्री मत्स्य संपदा योजना,प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत कई सुविधाएं मिलती है

जिसमें रेसवेज निर्माण, ट्राउट हैचरी, फिश कियोस्क, रेफ्रिजरेटेड वैन, फीड मील और मोटरसाइकिल विद आइस बॉक्स सुविधाएं शामिल है