भारत तिलहन प्रोडक्शन में आत्मनिर्भरता हासिल कर चुका है

1980-90 के दशक में देश में पीली क्रांति (Yellow Revolution) शुरू की गई

‘तिलहन प्रौद्योगिकी मिशन’ इसका प्रमुख हिस्सा बना था

Oilseeds Technology Mission’ से विदेशी मुद्रा की बचत हुई

इससे पहले भारत खाद्य तेलों का एक बड़ा आयातक था

किसानों को गेहूं,धान के अलावा तिलहन प्रोडक्शन से लाभकारी फसल का ऑप्शन मिला