केरल के कोच्चि स्थित ICAR-CIFT ने मछली के कचरे को अनमोल खजाना बना दिया है

इसी कचरे को Nano Fiber Technology में बदल दिया है

वैज्ञानिकों की टीम ने मछली के छिलकों से नैनोफाइबर बेस्ड ग्राफ्ट बनाया है

नैनोफाइबर बेस्ड ग्राफ्ट हड्डियों और दांतों के घावों को तेजी से भरता है

मछली के छिलकों में पाया जाने वाला हाइड्रॉक्सीएपेटाइट मिनरल इंसान की हड्डियों,दांतों से काफी मिलता है

इसे इलेक्ट्रो-स्पिनिंग नामक प्रोसेस से बेहद पतले नैनोफाइबर में बदल दिया जाता है

ये फाइबर शरीर में जाकर नई हड्डी के ऊतक बनाने में मदद करते हैं