भारत में रेशम का इतिहास हज़ारों साल पुराना है,साक्ष्य बताते हैं कि रेशम का जन्म चीन में हुआ
लेकिन रेशम को भारत ने अपनाकर एक नई पहचान दी
कुछ विद्वानों का मानना है कि ऋग्वेद में ‘तृप’ नामक वस्त्र का जिक्र रेशमी वस्त्र ही था
मौर्य और गुप्त काल में रेशम उत्पादन और व्यापार खूब फला-फूला
कौटिल्य के अर्थशास्त्र में रेशम के कीड़ों के पालन,कपड़ों के एक्सपोर्ट के बारे में विस्तार से है
भारतीय रेशम, खडासकर ‘मगध’ का रेशम, दुनिया भर में फेमस था
भारत के पास अपना मूल रेशम भी था, जो ‘Commercial Silk Road’ से दुनिया में एक्सपोर्ट होता था
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