सौर ऊर्जा से संवर रही किसानों की तकदीर, कम लागत में बढ़ रहा उत्पादन

ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता और किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से शुरू की गई प्रधानमंत्री कुसुम योजना अब […]

ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता और किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से शुरू की गई प्रधानमंत्री कुसुम योजना अब झारखंड के चतरा जिले में बदलाव की नई कहानी लिख रही है। जिला मुख्यालय से करीब 50 किलोमीटर दूर सिमरिया ब्लॉक के इचाक पंचायत में सौर ऊर्जा आधारित सिंचाई व्यवस्था ने किसानों की खेती और जिंदगी दोनों बदल दी हैं। अब किसानों को न तो डीजल इंजन के खर्च की चिंता है और न ही बिजली आने का इंतजार करना पड़ता है।

सौर ऊर्जा से संवर रही किसानों की तकदीर, कम लागत में बढ़ रहा उत्पादन
Pic Credit: SHABD

सोलर पंपों ने बदली खेती की तस्वीर

चतरा जिले के सिमरिया अनुमंडल अंतर्गत इचाक पंचायत का नवाटांड गांव आज राज्य के अन्य किसानों के लिए मिसाल बन चुका है। पीएम कुसुम योजना के तहत किसानों को मिले सोलर पंपों ने खेती को आसान और किफायती बना दिया है। पहले जहां सिंचाई के लिए किसानों को डीजल इंजन या अनियमित बिजली पर निर्भर रहना पड़ता था, वहीं अब सौर ऊर्जा की मदद से हर खेत तक समय पर पानी पहुंच रहा है। जिला कृषि पदाधिकारी Gautam Kumar के अनुसार, योजना के माध्यम से किसानों को आधुनिक सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे खेती की लागत कम हुई है और उत्पादन में भी वृद्धि देखने को मिल रही है।

वैज्ञानिक खेती और मलचिंग तकनीक से बढ़ रहा लाभ

सिमरिया के प्रखंड तकनीकी मैनेजर Rajesh Kumar बताते हैं कि अब किसान पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर वैज्ञानिक तकनीकों को अपना रहे हैं। मलचिंग विधि और आधुनिक सिंचाई प्रणाली के कारण पानी की बचत हो रही है और फसलों की गुणवत्ता भी बेहतर हुई है। उन्होंने बताया कि पीएम कुसुम योजना ने किसानों को नई तकनीक अपनाने का मजबूत आधार दिया है, जिससे खेती अब लाभ का सौदा बनती जा रही है।

सौर ऊर्जा से संवर रही किसानों की तकदीर, कम लागत में बढ़ रहा उत्पादन
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प्रगतिशील किसानों की सफ़लता बनी प्रेरणा

इचाक पंचायत के प्रगतिशील किसान Mahendra Kumar और Sanjay Kumar इस योजना की सफलता के प्रत्यक्ष उदाहरण हैं। महेंद्र कुमार सोलर पंप की मदद से फूलगोभी की उन्नत खेती कर रहे हैं और आसपास के किसानों को भी प्रेरित कर रहे हैं। वहीं संजय कुमार ने खीरा और हरी मिर्च की खेती में रिकॉर्ड उत्पादन हासिल किया है। किसानों का कहना है कि सौर ऊर्जा आधारित सिंचाई से समय की बचत होने के साथ-साथ खेती की लागत भी काफी कम हुई है।

हरित ऊर्जा से मजबूत हो रही ग्रामीण अर्थव्यवस्था

चतरा जिले में हरित ऊर्जा और आधुनिक कृषि तकनीकों का संगम ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा दे रहा है। पीएम कुसुम योजना के जरिए किसानों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में लगातार काम हो रहा है। सिमरिया की यह सफ़लता बताती है कि यदि किसानों तक सरकारी योजनाओं और तकनीक का सही लाभ पहुंचे, तो खेती न सिर्फ़ आसान बल्कि मुनाफे़ का जरिया भी बन सकती है। सौर ऊर्जा के सहारे अब गांवों में खेती की नई उम्मीद और नई मुस्कान दिखाई दे रही है।

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