Natural Farming: ठाकुर दास ने प्राकृतिक खेती से खेती को बनाया आसान और फ़ायदे का सौदा
प्राकृतिक खेती अपनाकर ठाकुर दास ने खेती का ख़र्च घटाया, आमदनी बढ़ाई और कई किसानों को नई राह दिखाई।
जैविक और प्राकृतिक खेती के फायदे और तकनीकों का अन्वेषण करें। स्वस्थ जीवन के लिए जैविक खेती के लाभ जानें। किसान ऑफ इंडिया पर हमारे गाइड के साथ स्वास्थ्यपूर्ण खेती की दुनिया में कदम बढ़ाएं।
प्राकृतिक खेती अपनाकर ठाकुर दास ने खेती का ख़र्च घटाया, आमदनी बढ़ाई और कई किसानों को नई राह दिखाई।
प्रगतिशील किसान बालक राम ने प्राकृतिक खेती अपनाकर खेती का खर्च घटाया, फ़सलों की गुणवत्ता सुधारी और किसानों को नई राह दिखाई।
प्राकृतिक खेती (Natural Farming) अपनाकर संगत राम ने खेती की लागत घटाई, फ़सलों की गुणवत्ता बढ़ाई और किसानों को नई राह दिखाई।
प्राकृतिक खेती अपनाकर ओम प्रकाश ने एग्रो टूरिज्म से खेती को जोड़ा और किसानों के लिए नया मॉडल तैयार किया।
नवरूप सिंह का Natural Farming और पारंपरिक जीवनशैली पर आधारित मॉडल आज चर्चा में है।
Global Rajasthan Agritech Meet 2026: 3 मई (शनिवार) को हुई उच्चस्तरीय बैठक में कृषि आयुक्त नरेश कुमार गोयल ने साफ निर्देश दिए। गर्मी के मौसम में किसानों को पेयजल, छाया, सरस की ठंडी लस्सी और अन्य सुविधाओं में कोई कमी न रहे। GRAM 2026 सिर्फ एक मेला नहीं, ये राजस्थान के किसानों के उज्ज्वल भविष्य का नक्शा है।
प्राकृतिक खेती अपनाकर शंभू लाल ने घटाई लागत, बढ़ाई आय और खेती को बनाया टिकाऊ व लाभकारी।
कुल्लू जिले के रहने वाले किसान दिवान चंद ने प्राकृतिक खेती अपनाकर घटाई लागत, सुधारी मिट्टी की सेहत और खेती को बनाया लाभकारी।
ललित कालिया ने प्राकृतिक खेती को अपनाकर यह साबित किया है कि कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में भी बेहतर उत्पादन संभव है। उन्होंने मात्र 18 मरले भूमि पर गन्ने की खेती की और पहले ही सीजन में करीब 70 किलोग्राम शक्कर तैयार कर ली।
National Bank for Agriculture and Rural Development (NABARD) जनजातीय विकास कार्यक्रम के तहत “जीवा परियोजना” का संचालन कर रहा है।
प्राकृतिक खेती अपनाकर अनीता नेगी ने बंजर ज़मीन को उपजाऊ बनाया और किसानों के लिए प्रेरणा बनीं।
आंध्र प्रदेश के पश्चिम गोदावरी ज़िले के सीथमपेटा गाँव के रहने वाले सतीश कॉमर्स में पोस्ट ग्रेजुएट हैं। नौकरी के पीछे न जाते हुए उन्होंने अपनी पारंपरिक खेती को आगे बढ़ाने का फैसला किया और पशु आधारित जैविक खेती को चुना।
Natural Farming को बढ़ावा देने के लिए सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयास अब ज़मीन पर असर दिखाने लगे हैं। राज्य में प्राकृतिक तरीके से उगाए गए अनाज पर देशभर में सबसे अधिक न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) तय किया गया है
प्राकृतिक खेती अपनाकर विजय सिंह ने घटाई लागत, बढ़ाई आय और टिकाऊ खेती से बनाई नई पहचान।
वर्मीकम्पोस्ट जिसे केंचुआ खाद भी कहा जाता है, पोषक तत्वों से भरपूर जैविक खाद होती है। जिसे गोबर और केंचुए की मदद से तैयार किया जाता है। इस प्रक्रिया में केंचुए बहुत अहम होते हैं। इसलिए केंचुए की सही देखभाल करके बिज़नेस से अच्छा मुनाफ़ा कमाया जा सकता है।
Kisan of India से ख़ास बातचीत में दीपेश कुमार चौहान ने जैविक खेती और किसानों की आय में बढ़ोतरी जैसे विषयों पर हमसे बात की। साथ ही, गौपालन के क्षेत्र में लीक से हटकर उन्होंने कदम उठाया है।
किसान ऑफ इंडिया ने एशियन एग्री हिस्ट्री फाउंडेशन के चेयरमैन से खास मुलाकात की। जानिए पुनर्नवा जल का क्या है इतिहास और खासियत?
दरभंगा के ढाब टोल गांव के किसान जैविक खेती (Organic Farming) से ताजी सब्ज़ियां उगाकर आय बढ़ा रहे हैं और गांव में आत्मनिर्भरता की नई मिसाल बना रहे हैं।
मार्च-अप्रैल में गन्ना (sugercane) लगाने के लिए सही किस्मों का चयन, मिट्टी की अच्छी तैयारी, उर्वरकों का संतुलित उपयोग, उचित सिंचाई और रोग नियंत्रण आवश्यक होता है।
Organic Farming – मटका खाद १०० प्रतिशत शुद्ध जैविक खाद है। इसका इस्तेमाल करने से पौधे अच्छे से बढ़ते हैं। मटका खाद भी दूसरी जैविक खादों की तरह ही हजार रुपए से भी कम खर्च में हमारे आसपास मौजूद चीजों से ही तैयार हो जाती है। एक मटका खाद एक बीघा के लिए काफी होती है।