Author name: Neha Tripathi

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Precision Nutrition
न्यूज़, टेक्नोलॉजी

Drones for “Precision” Nutrition: कैसे स्मार्ट छिड़काव, मल्टीस्पेक्ट्रल इमेजिंग और खेत की मैपिंग भारतीय खेती में इनपुट के उपयोग को बदल रहे हैं

प्रिसिजन खेती इस समस्या को इनपुट को जरूरत से जोड़कर हल करने की कोशिश करती है। इस काम में ड्रोन महत्वपूर्ण बन रहे हैं क्योंकि वे दो काम साथ कर सकते हैं

एग्रीबॉट agribots
कृषि उपकरण, न्यूज़

कैसे काम करता है किसानों के डिजिटल मित्र ‘एग्रीबॉट्स’? खेती को आसान बनाने वाले Agribots

एग्रीबॉट्स को ही कृषि रोबोट कहा जाता है। ये मूल रूप से कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी artificial intelligence पर आधारित रोबोट हैं, जो कृषि प्रथाओं के लिए उपयोगी हैं।

खेतों में शी-टेक
टेक्नोलॉजी

खेतों में शी-टेक: कैसे ग्रामीण महिलाएं ड्रोन और डेटा अपना रही हैं?

खेतों में शी-टेक से ग्रामीण महिलाएं तकनीक अपनाकर खेती के फैसले ले रही हैं, वहीं FPO पहल उन्हें सशक्त और कृषि को समावेशी बना रही है।

कृषि ड्रोन एग्रीबोट agri drone Agribot
कृषि उपकरण

‘एग्रीबॉट’: सरकारी मंजूरी पाने वाला भारत का पहला कृषि ड्रोन, जानिए इसके बारे में सब कुछ

सरकार कृषि में ड्रोन के इस्तेमाल को बढ़ावा दे रही है। किसानों और अन्य कृषि संस्थानों को आर्थिक सहयोग दिया जा रहा है। कृषि मंत्रालय तो कृषि ड्रोन की लागत का 100% या 10 लाख रुपये तक देने को तैयार है, इनमें से जो भी कम हो।

बीज सौंपना
एग्री बिजनेस

समझदारी से बीज सौंपना: किसान की खोज अब बाज़ार तक

अक्सर किसान द्वारा विकसित अच्छी किस्में केवल स्थानीय स्तर पर ही रह जाती हैं। उनके पास बड़े स्तर पर बीज उत्पादन या बिक्री का साधन नहीं होता। परिणाम यह होता है कि अच्छी किस्म भी सीमित किसानों तक ही पहुंचती है।

Genome Editing
टेक्नोलॉजी, न्यूज़

“कमला” जीन क्रांति: Genome Editing धान और भारतीय खेती का भविष्य

धान की किस्म DRR Dhan 100 को हैदराबाद स्थित ICAR-इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ़ राइस रिसर्च (IIRR) के वैज्ञानिकों ने विकसित किया है। इसका मुख्य उद्देश्य था धान की पैदावार बढ़ाने वाले जीन को बेहतर बनाना।

किसानी के तरीके
न्यूज़, कृषि उपज

मिट्टी से पेट तक: किसानी के तरीके कैसे तय करते हैं हमारा खाना?

मिट्टी को अकसर “धरती का पेट” कहा जाता है। जैसे हमारा पेट खाना पचाकर शरीर को पोषण देता है, वैसे ही मिट्टी के सूक्ष्मजीव फसल अवशेष, गोबर, पत्तों की सड़न जैसी जैविक सामग्री को तोड़कर पौधों के काम की खाद और पोषण में बदलते हैं।

Ancient grains
कृषि उपज

Ancient grains, आधुनिक लाभ: कोदो, कुलथी और रागी जैसी भूली हुई फसलों का पुनर्मूल्यांकन

ICAR और IIMR के पोषण आंकड़े बताते हैं कि रागी में सभी अनाजों में सबसे अधिक कैल्शियम होता है, साथ ही इसमें अच्छा आयरन, अधिक आहार रेशा और कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स होता है।

Microclimate Farming
न्यूज़

Microclimate Farming: क्यों एक ही खेत में कई मौसम होते हैं?

पौधों की वृद्धि पर्यावरण पर निर्भर करती है। तापमान, नमी या हवा में छोटे बदलाव भी पोषक तत्वों के अवशोषण, प्रकाश संश्लेषण, कीट प्रतिरोध, जड़ों के विकास और उत्पादन को प्रभावित करते हैं।

SRI 2.0
न्यूज़

SRI 2.0: भारतीय धान के खेतों में “कम में ज़्यादा” की क्रांति 

खरपतवार को निकालने के बजाय मिट्टी में मिला दिया जाता है। यह मुफ़्त की हरी खाद बनता है और मिट्टी में ऑक्सीजन पहुंचाता है, जिससे जड़ें मजबूत होती हैं।

बैक्टीरिया
टेक्नोलॉजी, न्यूज़

क्या “बैक्टीरिया खाने वाले वायरस” खेती में रोग नियंत्रण का अगला बड़ा समाधान बन सकते हैं?

निया भर में 2025 और 2026 के आसपास हुए कई शोध यह देख रहे हैं कि फेज कॉकटेल का उपयोग हानिकारक बैक्टीरिया से होने वाली फसल बीमारियों को नियंत्रित करने के लिए किया जा सकता है।

जीन संपादन
न्यूज़

GM और Gene-Edited फसलें: कपास के बाद सरसों पर बढ़ी चर्चा

ICAR और अन्य अध्ययनों के अनुसार बीटी कपास तेजी से अपनाई गई। 2010 के बाद भारत के 90 प्रतिशत से अधिक कपास क्षेत्र में बीटी किस्में बोई जाने लगीं। शुरुआती वर्षों में पैदावार बढ़ी और भारत कपास निर्यात में आगे बढ़ा।

तने की मजबूती
न्यूज़

तने की मजबूती: पौधे खुद को सीधा कैसे रखते हैं ? लिग्निन, पोटाश, नाइट्रोजन का समय और फसल गिरने का असली विज्ञान

फसल का तना कोई साधारण डंडी नहीं है। यह एक जीवित ढांचा है जो पौधे को सीधा खड़ा रखता है और पानी व भोजन का परिवहन करता है। तना पत्तियों, फूलों और दानों को ऊपर संभालता है।

Pest management
टेक्नोलॉजी, न्यूज़

Pest Management: गर्म सर्दियां कीटों की संख्या कैसे बढ़ाती हैं? हल्की ठंड कैसे खेतों में चुपचाप कीट दबाव बढ़ा रही है

कीट ठंडे खून वाले जीव होते हैं। उनका शरीर और गतिविधियां बाहरी तापमान पर निर्भर करती हैं। जब तापमान गिरता है तो उनका विकास धीमा हो जाता है, खाना कम कर देते हैं और गतिविधि घट जाती है। कई कीट एक विशेष अवस्था में चले जाते हैं जिसे “ओवरविंटरिंग” कहा जाता है।

Meteorology
न्यूज़

Meteorology: क्या चींटी के टीले से बारिश का अंदाज़ा लगाया जा सकता है?

IITM पुणे और IMD के एग्रोमेट नेटवर्क ने अब ऐसे प्रयोग शुरू किए हैं जहां किसानों के स्थानीय संकेतों को वैज्ञानिक डेटा के साथ दर्ज किया जाता है। महाराष्ट्र और बिहार के “मौसम विद्यालयों” में किसान और वैज्ञानिक मिलकर प्राकृतिक संकेत और उपकरण रीडिंग दोनों रिकॉर्ड करते हैं।

मिट्टी की खुशबू
न्यूज़

बारिश के बाद मिट्टी की खुशबू: ज़मीन के नीचे चलते सूक्ष्मजीवों का अद्भुत संगीत

जिन मिट्टियों में सूक्ष्मजीव विविधता अधिक होती है, वे पोषक-चक्र, नमी संरक्षण और रोग-नियंत्रण में बेहतर प्रदर्शन करती हैं। ऐसी मिट्टियां बारिश के बाद अधिक जियोस्मिन छोड़ती हैं – यानी ज़मीन के नीचे जैविक गतिविधि चल रही है।

Spy satellites for farmers
टेक्नोलॉजी, न्यूज़

Spy satellites for farmers: जब सेना की निगाहें खेतों की रखवाली करने लगेंगी

सैन्य तकनीक अब भारतीय किसानों को सिंचाई, कीट नियंत्रण और फसल नियोजन में मदद कर रही है“जो एज़ियन दुश्मन के

खाद
कृषि उपज, न्यूज़

इस बार खाद क्यों काम नहीं आई? गलत समय और पोषक तत्वों के फंस जाने का छिपा विज्ञान

कई भारतीय किसानों के लिए खाद इस मौसम का सबसे बड़ा खर्च होती है। इसे उम्मीद के साथ खरीदा जाता

सोलर पंप से स्मार्ट ग्रिड
टेक्नोलॉजी, न्यूज़

सोलर पंप से स्मार्ट ग्रिड तक: खेतों में भारत की ऊर्जा क्रांति

दशकों से ऊर्जा भारतीय खेती की सबसे कमज़ोर कड़ी रही है। किसान सिंचाई के लिए कभी अनियमित ग्रिड बिजली, कभी

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