दुनिया में पहली बार भारत के किसान उगाएंगे Gene-edited Rice, ICAR का अमेरिकी कंपनी Corteva के साथ समझौता
भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (IARI), नई दिल्ली ने ये किस्म ‘MTU-1010’ धान से विकसित की है, जो दक्षिण भारत के रबी सीजन के लिए बेस्ट है।
भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (IARI), नई दिल्ली ने ये किस्म ‘MTU-1010’ धान से विकसित की है, जो दक्षिण भारत के रबी सीजन के लिए बेस्ट है।
ICAR की आलू की ये दोनों किस्में वैज्ञानिकों की मेहनत और अनुसंधान का नतीजा हैं। इन्हें अपनाकर किसान न केवल अपनी आय दोगुनी कर सकते हैं बल्कि देश को आत्मनिर्भर बनाने में भी योगदान दे सकते हैं।
समेकित बागवानी विकास मिशन (MIDH) से पॉलीहाउस और शेड नेट हाउस जैसी तकनीकों से किसान सालभर बेहतर गुणवत्ता वाली सब्जियां उगा सकते हैं। कम जगह में ज़्यादा प्रोडक्शन ले सकते हैं।
कृषि अनुसंधान, इनोवेशन, कौशल विकास और जलवायु-अनुकूल कृषि प्रणालियों पर मिलकर काम करने का भी फैसला हुआ है।
योगी आदित्यनाथ सरकार एकीकृत बागवानी विकास मिशन (MIDH) के तहत किसानों को जबरदस्त सब्सिडी दे रही है।जिसे केंद्र सरकार और राज्य सरकार मिलकर चलाती हैं।
अल नीनो की चुनौती के बावजूद, सरकार की साफ रणनीति और मजबूत ग्राउंड एक्शन से किसानों को भरोसा है कि इस बार भी मोदी सरकार उनके साथ खड़ी है।
सरकार द्वारा दी गई मंजूरी के अनुसार, राज्य में कुल 87,226 मीट्रिक टन खोपरा की खरीद की जाएगी, जिसमें 87,000 मीट्रिक टन मिलिंग खोपरा और 226 मीट्रिक टन बाल खोपरा शामिल है।
योगी आदित्यनाथ सरकार (Yogi Adityanath government) ने मक्का के लिए MSP 2,400 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया है। ये दर खुले बाज़ार में मिलने वाले भाव (जो 1500 से 2000 रुपये प्रति क्विंटल के बीच चल रहे हैं) से काफी अधिक है
पंजाब सरकार राज्य में बागवानी क्षेत्र को मजबूत करने के साथ किसानों को परंपरागत गेहूं-धान के चक्र से अलग आय के दूसरे ऑप्शन उपलब्ध कराने पर काम कर रही है।
सिरसा किन्नू का GI टैग सिर्फ एक सम्मान नहीं, बल्कि हरियाणा की बागवानी के लिए एक नई सुबह है। ये साबित करता है कि सही तकनीक, वैज्ञानिक सोच और किसानों की मेहनत मिलकर बड़ी उपलब्धियां हासिल कर सकते हैं।
राज्य सरकार ने Horticulture sector के विस्तार का बड़ा लक्ष्य रखा है। वर्तमान में लगभग 28 लाख हेक्टेयर में उद्यानिकी फसलों की खेती हो रही है, जिसे 2030 तक 30 लाख हेक्टेयर तक पहुंचाने का लक्ष्य है।
कृषि मंत्री ने साफ कहा कि सरकार खाद का इस्तेमाल बंद करने के लिए नहीं कह रही, बल्कि उतनी ही मात्रा में खाद डालने की सलाह दे रही है, जितनी खेत को सच में ज़रूरत हो।
आंध्र प्रदेश के पुडिमदाका (Pudimadaka of Andhra Pradesh) में 150 टन प्रतिदिन क्षमता वाला एक पायलट ग्रीन यूरिया प्लांट (Pilot Green Urea Plant) बनाया जाएगा।
इंदौरी आलू की क्वलिटी का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि ITC, महिन्द्रा, पेप्सिको, इस्कॉन बालाजी, मकेन्स, हायफन सीड्स जैसी दिग्गज कंपनियां सीधे किसानों से जुड़ती हैं।
केंद्र सरकार की योजनाओं ने बिहार के कृषि क्षेत्र में एक आधारभूत परिवर्तन की प्रक्रिया को गति दी है। यह परिवर्तन अभी पूरे नहीं है, लेकिन इसकी दिशा स्पष्ट है-एक ऐसे कृषि मॉडल की ओर, जो अधिक तकनीक-आधारित, बाजार-संवेदनशील और जोखिम-प्रबंधन सक्षम है।
ये खरीद मूल्य समर्थन योजना (PSS) के तहत तमिलनाडु, गुजरात, उत्तर प्रदेश और हरियाणा में की जाएगी। इस योजना का मकसद किसानों को मंडी में भाव गिरने पर भी उनकी फसल का न्यूनतम समर्थन मूल्य देना है
Kharif Marketing Season 2025-26-सरकार के अनुसार, मक्का खरीद 15 जून 2026 से शुरू होकर 31 जुलाई 2026 तक चलेगी। इस दौरान 25,000 मीट्रिक टन मक्का खरीदने का टारगेट रखा गया है।
RBI की वार्षिक रिपोर्ट 2025-26 के मुताबिक, इस बार किसानों की फसल की किस्मत दक्षिण-पश्चिम मानसून (Southwest Monsoon) की रफ्तार और फैलाव पर टिका होगा।
उत्तराखंड के नैनीताल जिले के धर्मपुर गांव के किसान अल्ताफ हुसैन लगभग 100 बीघा क्षेत्र में मटर की उन्नत खेती कर रहे हैं।
शिवराज सिंह चौहान ने दो टूक अंदाज में कहा कि ‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में किसान को उसकी उपज (Yield) का न्यायसंगत मूल्य दिलाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है, और इस लक्ष्य में किसी भी स्तर की ढिलाई स्वीकार नहीं होगी।’