Author name: Mukesh Kumar Singh

Mukesh Kumar Singh
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एग्री बिजनेस, न्यूज़

बेहद गुणकारी है ‘राइस ब्रान ऑयल’, उत्पादन बढ़े तो खाद्य तेलों का आयात भी घटेगा

भारत में अभी सालाना क़रीब 250 लाख टन खाद्य तेलों की खपत है। इसमें से हमारा घरेलू उत्पादन क़रीब 80 लाख टन का ही है। बाक़ी दो-तिहाई खपत की भरपाई आयात से होती है। इस साल खाद्य तेलों का आयात 140 लाख टन तक पहुँचने का अनुमान है। देश में पारम्परिक खाद्य तेलों की तुलना में ‘राइस ब्रान ऑयल’ की हिस्सेदारी क़रीब 14 फ़ीसदी ही है।

तुलसी की खेती कैसे करें
एग्री बिजनेस

तुलसी की खेती (Basil Farming): कई गुणों की खान है तुलसी, इसके करोबार से कर सकते हैं अच्छी कमाई भी

तुलसी की खेती पूरे देश में हो सकती है। तीन महीने बाद इससे उपज मिलने लगती है। लागत निकालकर इससे प्रति हेक्टेयर एक लाख रुपये से ज़्यादा की कमाई हो सकती है। सिंचित जगहों के लिए तुलसी की अगेती खेती उपयुक्त है। इसके लिए फ़रवरी के आख़िर तक नर्सरी में तुलसी के बीजों की बुआई करनी चाहिए।

क्या Sexed Semen तकनीक बदल सकती है Dairy Farming की तस्वीर? जानिए इसके बारे में सब कुछ
पशुपालन

क्या Sexed Semen तकनीक बदल सकती है Dairy Farming की तस्वीर? जानिए इसके बारे में सब कुछ

Sexed Semen, आनुवांशिक रूप से बेहतर और लाभदायक है। इसे उम्दा नस्ल के साँढ़ या भैंसा से हासिल किया जाता है। इससे गर्भाधान का विकल्प पशुपालकों को महँगा पड़ता है। क्योंकि पशु चिकित्सालयों में होने वाले सामान्य कृत्रिम गर्भाधान का दाम जहाँ क़रीब 50 रुपये है, वहीं आयातित Sexed Semen का दाम 1500 से लेकर 4000 रुपये तक बैठता है।

नीम का पेड़ क्यों है बढ़िया जैविक कीटनाशक (Organic Pesticide)?
जैविक/प्राकृतिक खेती, न्यूज़

नीम का पेड़ क्यों है बढ़िया जैविक कीटनाशक (Organic Pesticide)?

जैविक या प्राकृतिक में रासायनिक खाद और कीटनाशकों का प्रयोग वर्जित है। इसीलिए वैज्ञानिकों ने जैविक खेती में इस्तेमाल के लिए नीम से बनने वाले विभिन्न उत्पादों को बनाने और उसके इस्तेमाल की प्रक्रिया का मानकीकरण (standardisation) किया है। इसे नीम की पत्तियों और इसके बीजों से बने उत्पादों के रूप में बाँटा गया है। नीम का पेड़ किस तरह से किसानों के काम आ सकता है, जानिए इस लेख में।

सिंचाई के पानी की जाँच Testing of irrigation water
टेक्नोलॉजी

Testing of irrigation water: क्यों खेती की कमाई बढ़ाने के लिए ज़रूरी है सिंचाई के पानी की जाँच?

सिंचाई के पानी की जाँच (Testing of irrigation water) से उसकी तासीर जानकर फ़सल का सही चयन करें, जिससे मिट्टी स्वस्थ रहे और खेती में बेहतर उत्पादन हो।

Trichoderma ट्राइकोडर्मा
कृषि उपज, जैविक/प्राकृतिक खेती

Trichoderma fungicide: जानिए, क्यों खेती का सबसे शानदार जैविक दोस्त है ट्राइकोडर्मा फफूँद?

प्राकृतिक ट्राइकोडर्मा (Trichoderma) से कीटनाशकों की निर्भरता घटाएं, मिट्टी की उर्वरता बढ़ाएं – किसान इसे घर पर आसानी से बना सकते हैं।

सौर ऊर्जा Solar Energy
सरकारी योजनाएं, टेक्नोलॉजी

Income from Solar Energy: सौर ऊर्जा को भी अपना ‘कमाऊ पूत’ बनाने के लिए आगे बढ़ें किसान

सरकार किसानों को सिंचाई, फसल सुखाने और उपकरणों के संचालन जैसे कृषि कार्यों में सौर ऊर्जा अपनाने के लिए प्रोत्साहित कर रही है।

Bio mustard farming सरसों की जैविक खेती
न्यूज़

Bio Mustard farming: सरसों की जैविक खेती को अपनाकर चुनें सालों-साल ज़्यादा उपज पाने का रास्ता

सरसों की जैविक खेती (Bio mustard farming) से कम लागत में अधिक मुनाफ़ा संभव है। नए शोध से साबित हुआ है कि जैविक तरीक़े से उपज को साल दर साल बढ़ाया जा सकता है।

झरबेरी की खेती Jharaberee Farming
जैविक/प्राकृतिक खेती

शुष्क इलाके का शानदार चारा है झरबेरी की खेती

झरबेरी की खेती से हरी और सूखी पत्तियां पशुधन के लिए उत्तम चारा प्रदान करती हैं। यह बकरियों का प्रमुख चारा है और शुष्क मौसम में भी इसका उपयोग किया जा सकता है।

Cutworm management : कटवर्म की रोकथाम कैसे करें? जानिए लक्षण और बचाव के उपाय
न्यूज़

Cutworm management : कटवर्म की रोकथाम कैसे करें? जानिए लक्षण और बचाव के उपाय

कटुआ कीट आमतौर पर रात में फ़सलों को क्षति पहुंचाते हैं। इसकी सुंडियां दिन में मिट्टी की ऊपरी सतह में छिपकर रहती हैं। रात में बाहर आकर छोटे पौधों के कोमल तनों, टहनियों और पत्तों को कुतरकर खा जाते हैं। काटे गये पौधों के अवशेष को ज़मीन के अन्दर ले जाते हैं, जहाँ दिन में उसे खाते हैं। इसीलिए कटे हुए पौधों के अलावा और मिट्टी में दबे हुए पौधों के अवशेष भी कटुआ कीट की खेतों में मौजूदगी का साफ़ संकेत देते हैं। अपने ऐसे स्वभाव की वजह से ही ये ‘कटुआ कीट’ कहलाते हैं।

Barley Cultivation जौ की उपज
कृषि उपज

Barley Cultivation Variety: जौ की उपज दोगुनी करने वाली नयी किस्म है DWRB-219

भारतीय गेहूं और जौ अनुसन्धान संस्थान ने जौ की उपज की DWRB-219 किस्म ईज़ाद की है, जिसकी पैदावार परम्परागत किस्मों के मुक़ाबले दोगुनी है।

अंतरवर्तीय फसल प्रणाली (Intercropping System in cotton farming
कृषि उपज

Allelochemical Weed Management: कपास की खेती में अंतरवर्तीय फसल प्रणाली से खरपतवार नियंत्रण

कपास की फ़सल को खरपतवार से सुरक्षित रखने में अंतरवर्तीय फसल प्रणाली (Intercropping System) की तकनीक बेहद उपयोगी और किफ़ायती साबित होती है।

Nutrient Deficiencies In Maize मक्के की फ़सल में पोषक तत्व
कृषि उपज

Nutrient Deficiencies In Maize: मक्के की फ़सल में पोषक तत्वों की कमी को कैसे पहचानें?

मक्के की फ़सल में पोषक तत्वों (Maize Crop Nutrients) की कमी कई समस्याओं का कारण बन सकती है, जिससे उत्पादन में गिरावट आ सकती है।

Dangerous plants बबूल, गाजरघास और पंचफूली
न्यूज़

Dangerous Plants: जानिए क्यों बेहद ज़रूरी है बबूल, गाजरघास जैसी आतंकी फ़सलों का सफ़ाया

विलायती बबूल, गाजरघास और पंचफूली – जैसे पर्यावरण के दुश्मन बुनियादी तौर पर विदेशी घुसपैठिये हैं। लेकिन आज इनका साम्राज्य देश में करोड़ों हेक्टेयर तक फैल चुका है। ये तेज़ी से हमारी मिट्टी को बंजर बनाकर हज़ारों देसी पेड़-पौधों की प्रजातियों को ख़त्म कर चुके हैं। इसके प्रकोप से खेती की उत्पादकता भी बहुत कम हो जाती है। ऐसे आतंकियों का फ़ौरन सफ़ाया बेहद ज़रूरी है।

वर्मीवॉश उत्पादन जैविक खेती
जैविक/प्राकृतिक खेती, न्यूज़

वर्मीवॉश उत्पादन: जैविक खेती की उपज बढ़ाने और भूमि-सुधार में बेजोड़

जैविक खेती की ओर लौटने के लिए वर्मीवॉश, एक बेहद शानदार, किफ़ायती और घरेलू विकल्प है। पैदावार बढ़ाने वाली जैविक खाद के अलावा वर्मीवॉश, एक प्राकृतिक रोगरोधक और जैविक कीटनाशक की भूमिका भी निभाता है। इसका उत्पादन केंचुआ खाद (वर्मीकम्पोस्ट) निर्माण के दौरान ही या फिर अलग से भी किया जाता है। जानिए वर्मीवॉश उत्पादन से लेकर इसके बारे में अन्य जानकारियां।

Organic Farming Schemes जैविक खेती योजनाएं
सरकारी योजनाएं, न्यूज़

Organic Farming Schemes: जैविक खेती को बढ़ावा देने वाली सरकारी योजनाएं

जैविक खेती बेहद किफ़ायती और पर्यावरण-हितैषी है। इसके उत्पाद ज़्यादा पौष्टिक, स्वादिष्ट और सेहतमन्द भी होते हैं। भारत समेत पूरी दुनिया में जैविक कृषि उत्पादों की भारी मांग है। जैविक कृषि उत्पादों के निर्यात से किसानों की आमदनी काफ़ी बढ़ जाती है।

Bio-Fertilizers जीवाणु या जैविक खाद
टेक्नोलॉजी, जैविक/प्राकृतिक खेती, न्यूज़

Bio-Fertilizers: जीवाणु या जैविक खाद बनाने का घरेलू नुस्खा

जैविक खाद के कुटीर उत्पादन की तकनीक बेहद आसान और फ़ायदेमन्द है। इससे हरेक किस्म की जैविक खाद का उत्पादन हो सकता है। इसे अपनाकर किसान ख़ुद भी जैविक खाद के कुटीर और व्यावसायिक उत्पादन से जुड़ सकते हैं।

कड़कनाथ मुर्गी पालन - Kadaknath
पशुपालन

Kadaknath Poultry: कड़कनाथ मुर्गी पालन से बढ़ियां कमाई पाने के लिए अजोला को भी अपनाएं

कड़कनाथ मुर्गी पालन (Kadaknath Chicken Farming): जैसे-जैसे गर्मी बढ़ती है, वैसे-वैसे मुर्गियों की बढ़वार धीमी पड़ने लगती है क्योंकि वो आहार कम खाती हैं और पानी ज़्यादा पीती हैं। या यूँ कहें कि तापमान परिवर्तन से जूझने के लिए मुर्गियों को ज़्यादा ऊर्जा की ज़रूरत होती है। इसकी भरपाई प्रोटीन, अमीनो अम्ल और खनिज लवणयुक्त ऐसे आहार से ही हो सकती है जो सस्ता भी हो। अजोला इन सभी शर्तों पर कड़कनाथ मुर्गीपालन के आहार के रूप में ख़रा उतरता है।

सरसों की खेती
न्यूज़, फल-फूल और सब्जी

सरसों की खेती (Mustard Farming): उचित पैदावार के लिए सरसों की उन्नत किस्म और रोग नियंत्रण पर ख़ास ध्यान दें

सरसों की खेती की उन्नत तकनीकें अपनायी जाएँ तो किसान अच्छी आमदनी अर्जित कर सकते हैं। कीटों और बीमारियों से रबी की तिलहनी फसलों को सालाना 15-20 प्रतिशत तक नुकसान पहुँचाता है। कभी-कभार ये कीट उग्र रूप धारण कर लेते हैं तथा फसलों को अत्याधिक हानि पहुँचाते हैं। इसीलिए सरसों या तिलहनी फसलों को कीटों और बीमारियों से बचाना बेहद ज़रूरी है।

नेपियर घास की खेती (Napier Grass Farming):
एग्री बिजनेस, न्यूज़

दूध उत्पादक(Dairy Farmers) ज़्यादा कमाई के लिए ज़रूर करें नेपियर घास की खेती, होगा फ़ायदा?

क़रीब आधा बीघा खेत में नेपियर घास की खेती करके 4-5 पशुओं को पूरे साल हरा चारा उपलब्ध कराया जा सकता है। यदि किसान नेपियर घास की खेती अपनी ज़रूरत से ज़्यादा रक़बे में करे तो इससे नगदी फ़सल वाली कमाई भी हो सकती है।

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