टमाटर अब सब्ज़ी नहीं, हेल्थ ड्रिंक है! ICAR का बनाया बेवरेज जो 2.5 महीने रहेगा ताज़ा
अब टमाटर सिर्फ सब्जी नहीं, बल्कि एक हेल्दी बेवरेज इंडस्ट्री का हिस्सा बन सकता है। इससे फसल खराब होना कम होगा, किसानों को अच्छी कीमत मिलेगी
अपने खेतों में स्वाद से भरपूर फल, फूल और सब्जियों की खेती करने के लिए विशेषज्ञ सुझाव और तकनीकें।
अब टमाटर सिर्फ सब्जी नहीं, बल्कि एक हेल्दी बेवरेज इंडस्ट्री का हिस्सा बन सकता है। इससे फसल खराब होना कम होगा, किसानों को अच्छी कीमत मिलेगी
ICAR की आलू की ये दोनों किस्में वैज्ञानिकों की मेहनत और अनुसंधान का नतीजा हैं। इन्हें अपनाकर किसान न केवल अपनी आय दोगुनी कर सकते हैं बल्कि देश को आत्मनिर्भर बनाने में भी योगदान दे सकते हैं।
सरकार बागवानी को बढ़ावा देने के लिए किसानों को अट्रैकटिव सब्सिडी दे रही है। ये सब्सिडी MIDH और National Horticulture Mission जैसी योजनाओं के तहत दी जाती है।
ड्रैगन फ्रूट (Dragon Fruit) की खेती सबसे फायदेमंद इसलिए है क्योंकि एक बार पौधा लगाने के बाद यह करीब 20 से 25 सालों तक फल देता रहता है।
किसानों की सुविधा के लिए राज्यभर में 42 फल संग्रह केंद्र (Fruit Collection Center) बनाए गए हैं। यहां किसान अपनी फसल बेच सकेंगे।
जगत सिंह नेगी ने सेब सीज़न को लेकर मोबाइल ऐप लॉन्च किया। बागवानों के लिए डिजिटल सुविधा, एमआईएस खरीद और भुगतान व्यवस्था होगी आसान।
सिरसा किन्नू का GI टैग सिर्फ एक सम्मान नहीं, बल्कि हरियाणा की बागवानी के लिए एक नई सुबह है। ये साबित करता है कि सही तकनीक, वैज्ञानिक सोच और किसानों की मेहनत मिलकर बड़ी उपलब्धियां हासिल कर सकते हैं।
वकालत छोड़ जसप्रीत सिंह ने ब्लूबेरी की खेती में बनाई नई पहचान। जानिए सफल खेती, ग्रो बैग तकनीक, pH प्रबंधन और बेहतर मुनाफ़े के आसान गुर।
मध्यप्रदेश के दो प्रमुख फल सिवनी जम्बो सीताफल और बुरहानपुर केला को भौगोलिक संकेतक (Geographical Indication) यानी GI Tag से सम्मानित किया गया है।
सवाल ये है कि क्या ये आम सिर्फ नाम बड़ा है या दम भी बड़ा? जापान में इसकि नीलामी में एक जोड़ी आम कभी 3 लाख येन (लगभग 1.8 लाख रुपये) तक बिका है। यानी लोग इसे खरीदने के लिए बाजी लगा देते हैं।
अगर आपने दशहरी या हापुस खाया है, तो उससे बिल्कुल अलग अनुभव है नूरजहां आम। इसकी सबसे ख़ासियत है इसका स्वाद, जिसमें हल्की केसर और शहद जैसी सुगंध होती है। गूदा बेहद मुलायम, रसदार और बिना रेशों वाला होता है, जो मुंह में जाते ही घुल जाता है।
किसान प्रदीप अग्रवाल ने बताया कि आम के बाग के बीच खाली जमीन का उपयोग कर हल्दी, अदरक और जिमीकंद जैसी फसलों की खेती भी की जा रही है।
एमआईडीएच (मिशन फॉर इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट ऑफ हॉर्टिकल्चर) परियोजना के तहत किसानों को प्रशिक्षण, पौधे और तकनीकी सहायता प्रदान की जा रही है।
राजस्थान की सबसे बड़ी ताकत है उसके किसान। पीढ़ियों से धनिया उगाने वाले ये किसान पारंपरिक ज्ञान को आधुनिक तकनीक (जैसे बीज उपचार, सिंचाई प्रबंधन) के साथ जोड़ते हैं। यहां बड़े-बड़े मंडी (जैसे रामगंज मंडी, कोटा) हैं, जहां किसानों को उनकी उपज का उचित दाम मिलता है।
दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग जिले में जबलीपोरा स्थित अंतरराष्ट्रीय फल बाज़ार में स्थापित नया फल एवं सब्जी प्रसंस्करण केंद्र (Fruit and Vegetable Processing Center) क्षेत्र के किसानों और बागवानी उत्पादकों के लिए नई उम्मीद लेकर आया है।
राजेश्वर चौधरी जैसे प्रगतिशील किसान इस बात का प्रमाण हैं कि इच्छाशक्ति, तकनीक और सरकारी सहयोग के साथ किसी भी चुनौती को अवसर में बदला जा सकता है। आज गढ़वा के किसान न केवल अपनी आय बढ़ा रहे हैं
फल मक्खी के बढ़ते खतरे से निपटने के लिए ‘लाइफटाइम ट्रैप’ को एक प्रभावी और सुरक्षित उपाय के रूप में अपनाया जा रहा है। इस ट्रैप में आकर्षित होकर फल मक्खी फंस जाती है और मर जाती है, जिससे उसके प्रजनन की प्रक्रिया रुक जाती है।
अरुण छेत्री की कहानी दिखाती है कि मेहनत और इच्छाशक्ति से फूलों की खेती (Flower farming) को व्यवसाय बना कर जीवन में बदलाव लाया जा सकता है।
Council of Scientific and Industrial Research (CSIR) पुलवामा पिछले तीन वर्षों से क्षेत्र में Tulip cultivation को बढ़ावा देने के
ड्रैगन फ्रूट (Dragon Fruits) सिर्फ एक फल नहीं, बल्कि एक सुपरफूड है। ये दिखने में जितना अट्रैकटिव है, सेहत के लिए उतना ही चमत्कारी। इसमें भरपूर मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट, विटामिन-सी और फाइबर (Antioxidants, Vitamin C and Fiber) होता है। यही कारण है कि इसकी मांग सालभर बनी रहती है।