नौकरी छोड़कर शुरू की सब्जियों की नर्सरी, अमृतसर से पंजाब के किसानों तक पहुंचा रहे पौधे
सब्जियों की नर्सरी से किसान मज़बूत शुरुआत कर रहे हैं, अमृतसर के भूपिंदर सिंह गिल की सफल पहल से बढ़ रही है मांग और मुनाफ़ा।
अपने खेतों में स्वाद से भरपूर फल, फूल और सब्जियों की खेती करने के लिए विशेषज्ञ सुझाव और तकनीकें।
सब्जियों की नर्सरी से किसान मज़बूत शुरुआत कर रहे हैं, अमृतसर के भूपिंदर सिंह गिल की सफल पहल से बढ़ रही है मांग और मुनाफ़ा।
प्राकृतिक खेती अपनाकर संजीव नेगी ने सेब की खेती में घटाई लागत, बढ़ाई गुणवत्ता और बनाई टिकाऊ खेती का सफल मॉडल।
प्राकृतिक खेती (Natural Farming) अपनाकर सुरेंद्र पीरता ने सेब की खेती में ख़र्च घटाया, गुणवत्ता सुधारी और रसायन मुक्त फल उत्पादन की दिशा पकड़ी।
प्राकृतिक खेती अपनाकर प्रमोद देस्ता ने सेब की खेती में लागत घटाई, गुणवत्ता बढ़ाई और टिकाऊ खेती से बेहतर आमदनी हासिल की।
दिल्ली का नाम सुनते हैं सबसे पहली छवी जो दिमाग में आती है वो है संसद भवन, राष्ट्रपति भवन और
मुंबई में आयोजित ‘ब्रोकोली कंजम्पशन कॉन्फ्रेंस 2026’ (Broccoli Consumption Conference 2026) में कृषि आयुक्त डॉ. पी.के. सिंह ने इसकी घोषणा करते हुए कहा कि ये भारत का पहला ब्रोकोली-केंद्रित सम्मेलन है, जिसमें खाद्य सुरक्षा, सार्वजनिक स्वास्थ्य और किसानों की आमदनी बढ़ाने की बड़ी क्षमता है।
पंजाब के किसान गुरविंदर सिंह फूलों की खेती में जाफरी गेंदे की खेती, गेंदा और बिजली जैसे फूल उगाकर सालभर उत्पादन से अच्छी कमाई कर रहे हैं।
8 और 9 जनवरी को करनाल में हुई दो दिन की बड़ी वर्कशॉप में इन किस्मों का Maharana Pratap Horticulture University ने ऐलान किया। हरियाणा के कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा (Haryana Agriculture Minister Shyam Singh Rana) ने इसका उद्घाटन किया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ‘उत्तराखंड महक क्रांति नीति-2026-36’ (‘Uttarakhand Aroma Revolution Policy 2026-36’) का शुभारंभ कर दिया है। इस नीति का मकसद सुगंधित फूलों और जड़ी-बूटियों की खेती को बढ़ावा देकर, अगले दस साल में इसके कारोबार को 100 करोड़ से बढ़ाकर 1200 करोड़ रुपये तक पहुंचाना है।
HRMN-99 Apple Variety ने गर्म और मैदानी क्षेत्रों में सेब की खेती का नया रास्ता खोला है, जिससे किसानों की आय बढ़ रही है और बागवानी में क्रांति आ रही है।
हरदयाल शेषमा का Portable Farming System शहरी घरों में ऑर्गेनिक फ़ार्मिंग और ऑर्गेनिक सब्ज़ियां उगाने का आसान, आधुनिक समाधान प्रस्तुत करता है।
गर्म जलवायु में HRMN-99 Apple Variety की सफल खेती की मिसाल हैं जयपुर के किसान राम कुमार, जिन्होंने रेगिस्तान में सेब उगाकर नई उम्मीद जगाई है।
किसानों को फल, सब्जियों, फूलों और मसालों की खेती (Cultivation of horticultural ) करने पर मोटी आर्थिक सहायता (subsidy) दी जाएगी। ये जानकारी Horticulture Department के प्रवक्ता ने दी।
राज्य सरकार ने आम की खेती में क्रांति लाने के लिए एक महत्वाकांक्षी पायलट प्रोजेक्ट (Ambitious pilot project) की शुरुआत की है, जिसका सेंटर प्लेस लखनऊ और उसकी वर्ल्ड फेमस ‘दशहरी’ (World Famous ‘Dussehri’) विरासत है।
पंजाब कृषि विश्वविद्यालय की डॉ. रुमा देवी किसानों को सब्ज़ियों की उन्नत खेती और उच्च उत्पादक क़िस्मों की वैज्ञानिक जानकारी देकर आधुनिक कृषि को बढ़ावा दे रही हैं।
अमरूद की खेती से किसानों की आय में बढ़ोतरी हो रही है। अमरूद की पिंक ताइवान क़िस्म बाज़ार में लोकप्रिय होकर किसानों के लिए वरदान बनी।
बिहार जैसे घनी आबादी वाले राज्य में जहां जोत छोटी है और संसाधन सीमित, मशरूम की खेती एक वरदान साबित हो सकती है। ये एक ऐसी कृषि तकनीक है जिसे छोटे से घर के आंगन या खेत के एक कोने में भी शुरू किया जा सकता है। सबसे बड़ा फायदा ये है कि मशरूम की फसल बेहद कम समय में तैयार हो जाती है।
उत्तर प्रदेश के अमेठी ज़िले के किसानों के लिए मसाला की खेती (Spice Farming In Uttar Pradesh) एक सुनहरा अवसर लेकर आई है। सरकार की एक ख़ास स्कीम के तहत किसानों को न सिर्फ आर्थिक मदद दी जा रही है, बल्कि उन्हें लाभदायक खेती के गुर भी सिखाए जा रहे हैं।
झारखंड की संस्कृति और जीवन से जुड़ा काशी फूल शरद ऋतु का प्रतीक है। यह फूल आजीविका और धार्मिक महत्व दोनों में अहम भूमिका निभाता है।
विदेशी सब्ज़ियों की खेती कर हरियाणा के किसान राजेश ने वैज्ञानिक तरीके से लाखों की कमाई की, जो किसानों के लिए प्रेरणा बन चुके हैं।