Unseasonal Rain And Hailstorm: उत्तर प्रदेश के CM योगी ने जताई चिंता, सर्वे और मुआवज़े के निर्देश
प्रकृति ने एक बार फिर किसानों के सपनों पर पानी फेर दिया है। उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में हुई बेमौसम […]
प्रकृति ने एक बार फिर किसानों के सपनों पर पानी फेर दिया है। उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में हुई बेमौसम […]
मछुआरों की आय बढ़ाने के लिए Integrated Fisheries Policy 2026 के तहत केज कल्चर योजना (cage culture scheme) शुरू कर दी है।
Kharif Season 2026 (1 अप्रैल 2026 से 30 सितंबर 2026) के दौरान फॉस्फेटिक और पोटाशिक (Phosphatic and Potassic) खादों पर पोषक तत्व आधारित सब्सिडी (NBS) की दरें तय कर दी गई हैं.
ताजा आंकड़े बताते हैं कि उत्तर प्रदेश अब देश का सबसे बड़ा दुग्ध उत्पादक राज्य (Uttar Pradesh is now the country’s largest milk-producing state) है। यूपी का दूध देश के कुल उत्पादन में 16 फीसदी हिस्सा है। यानी, आप जो भी दूध पीते हैं, हर छठा गिलास यूपी का है।
जयपुर में आयोजित पहली क्षेत्रीय कृषि कॉन्फ्रेंस (First Regional Agriculture Conference) के बाद ऐलान किया कि अब पूरे देश को अलग-अलग एग्रो-क्लाइमेटिक जोनों (Agro-climatic zones) में बांटकर हर राज्य के लिए अलग कृषि रोडमैप (Agriculture Roadmap) बनाया जाएगा।
केंद्र सरकार ने आम लोगों को बड़ी राहत देते हुए ‘भारत ब्रांड’ (Bharat Brand Rice And Flour) के तहत सस्ते चावल और आटे की बिक्री (Sale of Affordable Rice and Flour) शुरू कर दी है।
मार्च-अप्रैल में गन्ना (sugercane) लगाने के लिए सही किस्मों का चयन, मिट्टी की अच्छी तैयारी, उर्वरकों का संतुलित उपयोग, उचित सिंचाई और रोग नियंत्रण आवश्यक होता है।
एथेनॉल (ethanol) बनाने के लिए गन्ने के रस और चीनी (sugarcane juice and sugar) का इस्तेमाल होता है। यानी एक ही कच्चे माल पर दो जरूरतें। एक तरफ मीठा (चीनी), दूसरी तरफ ईंधन (एथेनॉल)। जब एथेनॉल की मांग बढ़ती है, तो चीनी मिलें ज्यादा गन्ना एथेनॉल बनाने में लगा देती हैं।
चिकोरी, जिसे कासनी भी कहा जाता है, भारत में खेती के लिए नगदी फसल के रूप उगाया जाता है। इसको पशुओं के लिए हरे चारे की फ़सल के रूप में उगाया जाता है। इसमें कच्चे प्रोटीन का स्तर 10 से 32 फ़ीसदी तक होता है। भारत में चिकोरी उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब और कश्मीर में पाया जाता है।
मुख्यमंत्री बागवानी बीमा योजना (Mukhya Mantri Bagwani Bima Yojana) के तहत राहत राशि में ज़बरदस्त बढ़ोतरी की गई है। चलिए समझते हैं ये ख़बर आपके लिए क्यों है ज़रूरी।
मुख्यमंत्री ने हाल ही में ‘बिहार कृषि ऐप’ (‘Bihar Krishi’ mobile application) लॉन्च किया है, जो किसानों के स्मार्टफोन में एक सरल और प्रभावी समाधान लेकर आया है।
Rabi Season 2026-27 in Haryana: गेहूं और सरसों की MSP पर ख़रीद शुरू, किसानों के लिए ज़रूरी शर्तें और नई व्यवस्था सरकार ने इस बार किसानों को बंपर तोहफा दिया है। गेहूं का MSP 2585 रुपये प्रति क्विंटल और सरसों का 6200 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है। यानी किसानों को उनकी मेहनत का पूरा दाम मिलेगा।
ईयर टैगिंग (Ear Tagging In Livestock ) नाम की ये टेक्नोलॉजी पशुओं को एक ख़ास पहचान दे रही है, जिससे उनका हर रिकॉर्ड डिजिटल हो रहा है। ये ठीक वैसा ही है, जैसे इंसानों के लिए आधार कार्ड। तो आइए, जानते हैं कि ये टैग कैसे काम करता है और किस तरह ये पशुपालकों के लिए वरदान साबित हो रहा है।
1960 के दशक में शुरू हुई हरित क्रांति (Green Revolution) ने न केवल भारत को खाद्यान्न (Food grain production) में आत्मनिर्भर बनाया, बल्कि यही वो दौर था जहां से भारत में कृषि मशीनीकरण (Agricultural Mechanization) की वास्तविक शुरुआत हुई। उच्च उपज वाली किस्मों (HYV) के बीजों ने जहां उत्पादन बढ़ाया, वहीं उनकी कटाई, गहाई और सिंचाई के लिए मशीनों की ज़रूरत महसूस हुई।
‘पराली जलाना’ या ‘Stubble Burning’। ये सिर्फ एक पर्यावरणीय मुद्दा नहीं, बल्कि एक गहरा कृषि, आर्थिक और सामाजिक संकट है जिसकी जड़ें हमारी खेती की व्यवस्था में गहरे तक धंसी हुई हैं।
केंद्र सरकार की एक बड़ी योजना (Pradhan Mantri Matsya Sampada Yojana) की मेहनत का नतीजा है कि साल 1950 से लेकर 2025-26 तक भारत का मछली उत्पादन 25 गुना से भी ज्यादा बढ़ गया है।
हिमाचल प्रदेश की सुखविंदर सिंह सुक्खू सरकार (Himachal Pradesh’s Sukhwinder Singh Sukhu government) ने राज्य स्तरीय किसान आयोग के गठन का बिल (Bill for the Constitution of a State-Level Farmers’ Commission) पास कर दिया है।
इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर गेम-चेंजर (Electric tractors are a game-changer) साबित हो रहे हैं। इन पर सालाना बिजली की लागत महज 80,000 से 90,000 रुपये आती है। यानी ऑपरेटिंग खर्च में 40-45 फीसदी तक की बचत। सिर्फ इतना ही नहीं, डीज़ल इंजन में 200 से ज्यादा चलने वाले पुर्जे होते हैं, जबकि इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर में 20 से भी कम।
अनाज मंडी में इस बार सरसों (Mustard Oil) की कीमतों ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। सरसों का भाव पहली बार 7100 रुपये प्रति क्विंटल के पार जा पहुंचा है।
Agri-tech यानी कृषि-तकनीक, किसानों की समस्याओं का Modern science and innovation के साथ समाधान है। ये Startups केवल ऐप बनाने तक सीमित नहीं हैं। ये खेती के हर पहलू को Data and digital power से बदल रहे हैं।