नौकरी छोड़कर शुरू की सब्जियों की नर्सरी, अमृतसर से पंजाब के किसानों तक पहुंचा रहे पौधे
सब्जियों की नर्सरी से किसान मज़बूत शुरुआत कर रहे हैं, अमृतसर के भूपिंदर सिंह गिल की सफल पहल से बढ़ रही है मांग और मुनाफ़ा।
सब्जियों की नर्सरी से किसान मज़बूत शुरुआत कर रहे हैं, अमृतसर के भूपिंदर सिंह गिल की सफल पहल से बढ़ रही है मांग और मुनाफ़ा।
दिल्ली का नाम सुनते हैं सबसे पहली छवी जो दिमाग में आती है वो है संसद भवन, राष्ट्रपति भवन और
मुंबई में आयोजित ‘ब्रोकोली कंजम्पशन कॉन्फ्रेंस 2026’ (Broccoli Consumption Conference 2026) में कृषि आयुक्त डॉ. पी.के. सिंह ने इसकी घोषणा करते हुए कहा कि ये भारत का पहला ब्रोकोली-केंद्रित सम्मेलन है, जिसमें खाद्य सुरक्षा, सार्वजनिक स्वास्थ्य और किसानों की आमदनी बढ़ाने की बड़ी क्षमता है।
हरदयाल शेषमा का Portable Farming System शहरी घरों में ऑर्गेनिक फ़ार्मिंग और ऑर्गेनिक सब्ज़ियां उगाने का आसान, आधुनिक समाधान प्रस्तुत करता है।
किसानों को फल, सब्जियों, फूलों और मसालों की खेती (Cultivation of horticultural ) करने पर मोटी आर्थिक सहायता (subsidy) दी जाएगी। ये जानकारी Horticulture Department के प्रवक्ता ने दी।
पंजाब कृषि विश्वविद्यालय की डॉ. रुमा देवी किसानों को सब्ज़ियों की उन्नत खेती और उच्च उत्पादक क़िस्मों की वैज्ञानिक जानकारी देकर आधुनिक कृषि को बढ़ावा दे रही हैं।
बिहार जैसे घनी आबादी वाले राज्य में जहां जोत छोटी है और संसाधन सीमित, मशरूम की खेती एक वरदान साबित हो सकती है। ये एक ऐसी कृषि तकनीक है जिसे छोटे से घर के आंगन या खेत के एक कोने में भी शुरू किया जा सकता है। सबसे बड़ा फायदा ये है कि मशरूम की फसल बेहद कम समय में तैयार हो जाती है।
विदेशी सब्ज़ियों की खेती कर हरियाणा के किसान राजेश ने वैज्ञानिक तरीके से लाखों की कमाई की, जो किसानों के लिए प्रेरणा बन चुके हैं।
गन्ने के साथ प्याज की खेती और जैविक खेती से मुनाफ़ा कमा रहे हैं दिल्ली के किसान सत्यवान, जिन्होंने अपनाया गौ आधारित सफल खेती मॉडल।
प्रणाली प्रदीप मराठे (Pranali Pradeep Marathe) जिन्होंने अपने जुनून और मेहनत से जैविक खेती (Organic Farming) की नई मिसाल कायम की है। प्रणाली की ज़मीन पूरी तरह से पत्थरों से ढकी हुई थी, जहां मिट्टी का नामोनिशान तक नहीं था। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। पत्थरों में छेद करके गड्ढे बनाए, उनमें मिट्टी भरी और धीरे-धीरे अपने घर के आसपास 0.2 एकड़ ज़मीन पर जैविक खेती (Organic Farming) शुरू की।
ऑयस्टर मशरूम की खेती कर विमला साहू बनीं आत्मनिर्भर, उनकी कहानी आज महिलाओं के लिए बन गई है प्रेरणा का स्रोत।
सरसों की जैविक खेती (Bio mustard farming) से कम लागत में अधिक मुनाफ़ा संभव है। नए शोध से साबित हुआ है कि जैविक तरीक़े से उपज को साल दर साल बढ़ाया जा सकता है।
पॉलीहाउस में खेती से किसान कमा रहे लाखों, सरकार दे रही अनुदान और ड्रिप सिस्टम से हो रही जल बचत, जानिए पूरी कहानी।
ब्रोकली की खेती में Integrated Nutrient Management और Mini Sprinkler System से मिज़ोरम के किसानों को मिली उन्नत पैदावार और बेहतर आमदनी।
पर्माकल्चर (Permaculture) और टेरेस गार्डनिंग से अमनिंदर नागरा ने अपने खेत को बनाया हरियाली का प्रतीक और गांव को दिया आत्मनिर्भरता का रास्ता।
आगरा ज़िले के सिंगरा में अंतर्राष्ट्रीय आलू केंद्र (CIP) के दक्षिण एशिया क्षेत्रीय केंद्र की स्थापना (International Potato Center To Be Built In Agra) को मंज़ूरी दे दी है। ये फैसला भारतीय कृषि के लिए एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है
मशरूम की खेती ने गांव की महिलाओं को सशक्त बनाया है और कम लागत में आत्मनिर्भर बनने का अवसर दिया है।
हल्दी की खेती और मशरूम की खेती से उत्तराखंड के हरीश सजवान ने अच्छी आय अर्जित कर खेती को बनाया मुनाफ़े का ज़रिया।
मशरूम की खेती (Mushroom Cultivation) से आत्मनिर्भर बनीं रिंकुराज मीना की सच्ची कहानी जानिए जो खेती को बना रही हैं युवाओं के लिए प्रेरणा।
ये प्लांट न सिर्फ भारत का सबसे बड़ा फ्रोज़न आलू प्रोसेसिंग प्लांट (India’s largest frozen potato processing plant)है, बल्कि ये देश को ग्लोबल फ्रोज़न फूड मैन्युफैक्चरिंग हब (Global Frozen Food Manufacturing Hub) बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम भी है।