Honda Power के कृषि उपकरण जो बुवाई से लेकर कटाई तक कर रहे किसानों का काम आसान
Honda Power Products Agri Equipments, HI Value+ प्लेटफॉर्म और किसानों के लिए आधुनिक समाधान पर अभिषेक से ख़ास चर्चा।
Honda Power Products Agri Equipments, HI Value+ प्लेटफॉर्म और किसानों के लिए आधुनिक समाधान पर अभिषेक से ख़ास चर्चा।
जानिए कैसे अशोक मनवानी ने वर्षों की मेहनत से मोती पालन (Pearl Farming) को नई पहचान दी और भारत में इस व्यवसाय को नई दिशा दी।
SKUAST-K के सीनियर साइंटिस्ट डॉ. परवेज अहमद रेशी का प्रयोग डेयरी बिज़नेस में नई उम्मीद जगा रहा है। जानिए कैसे saanen बकरियां किसानों की आय बढ़ा सकती हैं।
अनंत तायडे की 8 Naturals Nursery देसी प्रजातियों के संरक्षण, 6 लाख पौधों और सस्टेनेबल ग्रीन बिज़नेस मॉडल की प्रेरक मिसाल है।
IAS उमाकांत उमराव के नेतृत्व में जल संरक्षण और वर्षा जल संचयन से देवास ने सूखे से उबरकर देश-दुनिया के लिए सफल मॉडल ज़िला बनने की मिसाल पेश की।
वकालत छोड़ जसप्रीत सिंह ने ब्लूबेरी की खेती में बनाई नई पहचान। जानिए सफल खेती, ग्रो बैग तकनीक, pH प्रबंधन और बेहतर मुनाफ़े के आसान गुर।
Potato processing: आलू के किसानों को सीधे बाज़ार में बिक्री करने पर उतनी अच्छी कीमत शायद न मिले जितनी की किसी कंपनी को बेचने पर मिलती है। दरअसल, कई कंपनियां आलू की प्रोसेसिंग के ज़रिए विभिन्न तरह के उत्पाद तैयार करती है और ऐसी कंपनियां सीधे किसानों से आलू खरीदती है।
उत्तराखंड के नैनीताल जिले के धर्मपुर गांव के किसान अल्ताफ हुसैन लगभग 100 बीघा क्षेत्र में मटर की उन्नत खेती कर रहे हैं।
Pig Farming: कुछ समय पहले तक मुर्गी पालन और बकरी पालन की तुलना में सूअर पालन को अच्छा नहीं माना जाता था और पढ़े-लिखे लोग इसमें जाने से कतराते थे, मगर अब ऐसा नहीं है। अब पढ़े-लिखे युवा भी इसे व्यवसाय के तौर पर चुन रहे हैं
डॉ. हीरा लाला 2018 में बांदा जिले में डीएम के रूप में गए और वहां उन्होंने अपने शासन काल में जल सरंक्षण, पेड़ लगाओं, पेड़ जियाओ अभियान चलाए और तालाबों पुनर्निमाण का काम करवाया।
नम्रता यदु बताती हैं कि मशरूम के बीज का माइसीलिया तैयार करने के लिए भोजन के रूप में गेहूं के दानों का इस्तेमाल होता है। कोई चाहे तो ज्वार और बाजरा का भी उपयोग कर सकता है।
HyFun कंपनी के MD, CEO हरेश करमचंदानी ने 2015 में कंपनी की शुरुआत की। ये कंपनी आलू की प्रोसेसिंग करके इससे तरह-तरह के उत्पाद बनाती है जिसमें फ्रोजन फ्रेंच फ्राइस, आलू टिक्की, बर्गर टिक्की आदि शामिल है।
जो लोग कृषि से जुड़ा व्यवसाय करने की सोच रहे हैं, उनके लिए मशरूम उत्पादन व्यवसाय बेहतरीन विकल्प है, क्योंकि
आंध्र प्रदेश के पश्चिम गोदावरी ज़िले के सीथमपेटा गाँव के रहने वाले सतीश कॉमर्स में पोस्ट ग्रेजुएट हैं। नौकरी के पीछे न जाते हुए उन्होंने अपनी पारंपरिक खेती को आगे बढ़ाने का फैसला किया और पशु आधारित जैविक खेती को चुना।
फसल अच्छी हो, इसके लिए खेती की सही तैयारी और जुताई बहुत ज़रूरी है। जुताई के लिए वैसे तो बाज़ार में कई तरह के उपकरण हैं जिसमें कल्टीवेटर भी शामिल है, मगर आज हम आपको जिस कृषि उपकरण के बारे में बताने जा रहे हैं वो बहुत खास है, क्योंकि ये दो मशीनों के जोड़ से बना है और इसका नाम है Cultirovator
हमारे देश में दूर-दराज के इलाकों के किसानों को आज भी मिट्टी की जांच, अच्छी क्वालिटी के खाद और बीज के लिए अलग-अलग जगहों पर भटकना पड़ता है। किसानों की इन्हीं समस्यों का हल है DeHaat के पास है।
वर्मीकम्पोस्ट जिसे केंचुआ खाद भी कहा जाता है, पोषक तत्वों से भरपूर जैविक खाद होती है। जिसे गोबर और केंचुए की मदद से तैयार किया जाता है। इस प्रक्रिया में केंचुए बहुत अहम होते हैं। इसलिए केंचुए की सही देखभाल करके बिज़नेस से अच्छा मुनाफ़ा कमाया जा सकता है।
जब दिल में कुछ करने की चाह हो तो रास्ते अपने आप ही बन जाते हैं, ऐस ही कुछ हुआ कुन्नूर के रहने वाले ब्रिजिथ कृष्णा के साथ। नौकरी खोने के बाद भी वह मायूस नहीं हुए और लगातार कुछ नया करने की कोशिश करते रहे। उन्हें एक नया आइडिया निकाला अंकुरित काजू का व्यवयास करने का और कुछ ही समय में यह आइडिया हिट भी हो गया।
बुंदेलखंड की सख्त ज़मीन पर पॉलीहाउस तकनीक से खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसमें बांदा कृषि विश्वविद्यालय अहम भूमिका निभा रहा है। मुश्किल परिस्थितियों में सब्ज़ियों का उत्पदान कैसे पूरे साल किया जाए, इसके लिए विश्वविद्यालय ने एक प्रोजेक्ट के तहत 200 स्क्वायर मीटर के छोटे एरिया में कई पॉलीहाउस लगाए हुए हैं। जानिए सूखाग्रस्त क्षेत्रों में पॉलीहाउस तकनीक से खेती के बारे में विस्तार से।
मितुल कोठारी का पॉलीहाउस काफी हाइटेक है जिसकी लगात करीब 3.5 करोड़ रुपए है। उनका पॉलीहाउस FAN-PAD ग्रीन हाउस टेक्नोलॉजी वाला है जिसे हाइटेक ग्रीनहाउस भी बोलते हैं।