हल की भौतिकी: कैसे गति के नियम पर हर मेड़ चलता है हल?
हल की भौतिकी किसान की हर चाल में बसती है, जहां बल, कोण और घर्षण के साथ मिट्टी पलटने का विज्ञान खेती को नई दिशा देता है।
हल की भौतिकी किसान की हर चाल में बसती है, जहां बल, कोण और घर्षण के साथ मिट्टी पलटने का विज्ञान खेती को नई दिशा देता है।
फील्ड मार्शल सुपर सीडर (Field Marshal Super Seeder) एक बहुउपयोगी कृषि मशीन है जो बुवाई, जुताई और समय की बचत में किसानों की मदद करती है।
मध्यप्रदेश सरकार की 5 रुपये में स्थायी कृषि पंप कनेक्शन (Permanent agriculture pump connection for just 5 rupees) योजना किसानों के लिए वरदान साबित हो सकती है। अगर यह पूरे राज्य में सफलतापूर्वक लागू हो जाती है, तो किसानों को सिंचाई के लिए होने वाले खर्च में भारी कमी आएगी
अगर आप इनोवेटिव है, तो कमाई का कोई न कोई ज़रिया आप निकाल ही लेंगे। इस बात की बेहतरीन मिसाल हैं पंजाब के पटियाला के रहने वाले इंजीनियर कार्तिक पाल, जिन्होंने गोबर का अनोखा इस्तेमाल करके पर्यावरण और किसानों की बेहतरी की दिशा में अच्छा प्रयास किया है। उन्होंने गोबर से लकड़ी बनाने की मशीन बनाई और ख़ासतौर पर पशुपालकों की एक बड़ी समस्या हल करने की कोशिश की।
खाद, कीटनाशकों और बीजों की बढ़ती कीमतों की वजह से खेती की लागत दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। ऐसे में बुवाई के लिए किसी ख़ास विधि का इस्तेमाल करना बहुत ज़रूरी हो जाता है, जिसमें बीजों की बर्बादी कम से कम हो, साथ ही अंकुरण ज्य़ादा से ज़्यादा हो। बीजों की बुवाई में वी.एल. लाइन मेकर यंत्र किसानों के लिए फ़ायदेमंद साबित हो सकता है।
फसल न सिर्फ़ बातें करती हैं बल्कि वो आपकी बातों का जवाब भी देती हैं। वो बात अलग है कि हमें उनकी आवाज़ सुनाई नहीं देती। इसके पीछे वैज्ञानिक कारण है। दरअसल, पौधों की आवाज़ हमारी सुनने की शक्ति से कहीं ज़्यादा तेज़ होती है। इसलिए हम उनकी आवाज़ सुन नहीं पाते हैं, लेकिन इसका ये मतलब नहीं है कि हम पौधों की बातों को नज़रअंदाज़ कर दें।
फसल अच्छी हो, इसके लिए खेती की सही तैयारी और जुताई बहुत ज़रूरी है। जुताई के लिए वैसे तो बाज़ार में कई तरह के उपकरण हैं जिसमें कल्टीवेटर भी शामिल है, मगर आज हम आपको जिस कृषि उपकरण के बारे में बताने जा रहे हैं वो बहुत खास है, क्योंकि ये दो मशीनों के जोड़ से बना है और इसका नाम है Cultirovator
पेट्रोल, डीजल और बिजली जैसे ऊर्जा स्रोतों पर बढ़ती निर्भरता से न सिर्फ़ इनके समय से पहले खत्म होने का डर है, बल्कि यह पर्यावरण को भी नुकसान पहुंचाते हैं। इसलिए कृषि वैज्ञानिक लगातार बैटरी व सोलर ऊर्जा से संचालित होने वाले कृषि उपकरण बना रहे हैं, इन्हीं में से एक है सोलर असिस्टेड ई-प्राइम मूवर मशीन।
अन्य क्षेत्रों की तरह कृषि में भी यंत्रों के इस्तेमाल से मेहनत, समय और पैसों की बचत करके अधिक मुनाफ़ा कमाया जा सकता है। इसके लिए किसानों को कृषि उपकरणों की जानकारी होना ज़रूरी है।
कृषि उपकरणों ने यकीनन खेती के कामों को आसान बनाया है। पहले जहां खेत को तैयार करने में, फिर उसकी जुताई करने और फिर बीज डालने और फसल की कटाई करने में कई घंटों का समय लग जाता था, जिससे लागत भी ज़्यादा पड़ती थी, अब समय की बचत के साथ-साथ पैसों की भी बचत हुई है। एक ऐसा ही कृषि उपकरण है सुपर सीडर (Super Seeder)।
मध्य प्रदेश के आदिवासी ज़िले मंडला के रहने वाले अमृत लाल धनगर पहले किराए पर सीड रील मशीन लेकर खेती किया करते थे। लागत को कैसे कम किया जाए, इस पर काम करते हुए उन्होंने उपलब्ध संसाधनों से सीड ड्रिल मशीन बनाई।
व्हील हो मशीन पूरे रीवा ज़िले में कहीं भी उपलब्ध नहीं थी। किसानों के बीच इस मशीन के प्रयोग को बढ़ावा देने के लिए दो मशीनों को सागर ज़िले से लाया गया। शुरुआती परीक्षण के लिए ये मशीनें दो किसानों को दी गईं।