Author name: JP Singh

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बैकयार्ड मुर्गी पालन backyard poultry farming
न्यूज़, पशुपालन

Backyard Poultry Farming: पोल्ट्री विशेषज्ञ डॉ. एल.सी. वर्मा से जानिए बैकयार्ड मुर्गी पालन का गणित

अगर पोल्ट्री फ़ार्मिंग की बात करें तो बैकयार्ड मुर्गी पालन व्यवसाय कई मानकों में फ़ायदेमंद है। खेती करते हुए बैकयार्ड मुर्गी पालन व्यवसाय भी शुरू किया जा सकता है। उत्तर प्रदेश स्थित कृषि विज्ञान केन्द्र मऊ के प्रमुख और पोल्ट्री विशेषज्ञ डॉ. एल.सी. वर्मा से किसान ऑफ़ इंडिया की विशेष बातचीत।

paddy farming धान की खेती
टेक्नोलॉजी, कृषि उपज, न्यूज़

Paddy Cultivation: धान की खेती में रोपाई, खरपतवार नियंत्रण और सिंचाई प्रबंधन के उन्नत तरीके, जानिए डॉ. राजीव कुमार सिंह से

इस समय धान की रोपाई का कार्य तेज़ी से चल रहा है। धान की खेती में कई अहम बातों का ध्यान रखना ज़रूरी होता है। मसलन धान की फसल में खरपतवारों से होने वाले नुकसान को 5 से 85 प्रतिशत तक आंका गया है।जबकि कभी-कभी ये नुकसान 100 फ़ीसदी तक हो सकता है। कैसे करें धान की फसल का सही प्रबंधन? भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान के एग्रोनॉमी डीवीजन के प्रधान वैज्ञानिक डॉ. राजीव कुमार सिंह से ख़ास बातचीत।

खरपतवारों की रोकथाम weed management in kharif crops
टेक्नोलॉजी, न्यूज़

खरीफ़ फसलों में लगने वाले खरपतवारों की रोकथाम कैसे करें? जानिए कृषि विशेषज्ञ डॉ. संदीप कुमार सिंह से

गाजर घास, धतुरा जैसे कुछ ज़हरीले खरपतवार न केवल फसल उत्पादन की गुणवत्ता को कम करते हैं, बल्कि मनुष्यों और पशुओं के स्वास्थ्य के लिए भी खतरा उत्पन्न करते हैं। इसलिए इनके प्रबंधन पर किसानों को विशेष ध्यान देने की ज़रूरत है। खरपतवारों की रोकथाम कैसे करें किसान, इसपर मध्य प्रदेश स्थित कृषि विज्ञान केन्द्र बुराहनपुर के प्रमुख और एग्रोनॉमी के वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक डॉ. संदीप कुमार सिंह से खास बातचीत की।

green manure हरी खाद
न्यूज़

हरी खाद है खेती के लिए ‘संजीवनी बूटी’, कृषि वैज्ञानिक डॉ. भूपेन्द्र सिंह से जानिए कैसे कम लागत में बढ़ेगा उत्पादन

कैसे हरी खाद मिट्टी की उपजाऊ क्षमता बढ़ाने में कारगर है? कैसे हरी खाद के इस्तेमाल से किसान फसलों की अच्छी पैदावार ले सकते हैं? इस बारे में किसान ऑफ़ इंडिया ने मध्य प्रदेश स्थित कृषि विज्ञान केन्द्र बुराहनपुर के कृषि वैज्ञानिक डॉ. भूपेन्द्र सिंह से ख़ास बातचीत की। 

भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद-ICAR Dr. US Gautam
न्यूज़

डॉ. यू.एस. गौतम ने संभाली नयी ज़िम्मेदारी, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद-ICAR में उप महानिदेशक नियुक्त

डॉ. यू.एस. गौतम अपने लगभग 33 साल के कार्य अनुभव में की बड़े पदों पर रहे, जिनमें 3 साल बतौर कुलपति और 12 साल निदेशक के रूप में ICAR के संस्थानों में कार्य अनुभव शामिल है। डॉ. गौतम 15 पुरस्कारों से सम्मानित हैं, जिनमें 4 राष्ट्रीय पुरस्कार भी हैं।

मछली पालन व्यवसाय RAS तकनीक fish farming
न्यूज़, पशुपालन

मछली पालन व्यवसाय: RAS तकनीक से 30 गुना बढ़ेगा मछली उत्पादन, नीरज चौधरी से जानिए इस तकनीक के बारे में

हरियाणा के करनाल ज़िले के नीलोखेड़ी गाँव के रहने वाले नीरज चौधरी सुल्तान फिश फ़ार्म चलाते हैं। उन्होंने मछली पालन में Recirculatory Aquaculture System (RAS) तकनीक अपनाई हुई है। क्या है ये तकनीक? इस पर नीरज चौधरी से किसान ऑफ़ इंडिया ने ख़ास बातचीत की।

Nam Farmers
न्यूज़

ICAR-अटारी कानपुर ने Nam Farmers के साथ समझौता किया, किसानों को क्या होगा फ़ायदा?

Nam Farmers एक मोबाइल आधारित डिजिटल स्वदेशी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म है, जो कृषि से जुड़े सभी हितधारकों को जोड़ता है।

millet dehuller machine मोटे अनाज की खेती
कृषि उपकरण, एग्री बिजनेस, टेक्नोलॉजी

Millet Dehuller Machine: मोटे अनाज की खेती करने वाले किसानों को 10 गुना लाभ देगी ये मशीन! डॉ. एस. बालासुब्रमण्यम से ख़ास बातचीत

केंद्रीय कृषि अभियांत्रिकी क्षेत्रीय केंद्र संस्थान ने बाजरा डाइहलर मशीन (Millet Dehuller Machine) विकसित की है। मोटे अनाज की खेती करने वाले किसानों के लिए ये मशीन कैसे उपयोगी हो सकती है, इस पर सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ़ एग्रीकल्चर इंजीनियरिंग रीज़नल सेंटर कोयंबटूर के हेड डॉ. एस. बालासुब्रमण्यम से विशेष बातचीत।

Solar Dehydrator Machine: सोलर डिहाइड्रेटर मशीन
टेक्नोलॉजी, कृषि उपकरण, फल-फूल और सब्जी

Solar Dehydrator Machine: सोलर डिहाइड्रेटर मशीन किसानों के लिए कैसे उपयोगी? फसल खराब होने की समस्या का हल

कुछ मसालें और सब्जियां ऐसी होती हैं जिन्हें ज़्यादा दिनों तक स्टोर करके नहीं रखा जा सकता। ऐसे में फसल बर्बाद होने से बचाने की एक तकनीक है सोलर डिहाइड्रेटर मशीन (Solar Dehydrator Machine)। जानिए इसके फ़ायदे।

जैविक खाद विंड्रोव तकनीक organic fertilizer
न्यूज़

जानिए क्या है जैविक खाद बनाने की विंड्रोव तकनीक, IARI पूसा के वैज्ञानिक डॉ. शिवधर मिश्रा ने बताईं 5 उन्नत विधियां

भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान यानी IARI पूसा नई दिल्ली की बायोमास यूटिलाइजेशन यूनिट ने जैविक खाद बनाने की विंड्रोव तकनीक विकसित की है। किसान ऑफ़ इंडिया ने IARI बायोमास यूटिलाइजेशन यूनिट के कोऑर्डिनेटर और प्रमुख वैज्ञानिक डॉ. शिवधर मिश्रा से ख़ास बातचीत की। 

super seeder सुपर सीडर
कृषि उपकरण, टेक्नोलॉजी

Super Seeder: कैसे सुपर सीडर से गेहूं की बुवाई फ़ायदेमंद? पराली से छुटकारा और लागत भी कम

कृषि उपकरणों ने यकीनन खेती के कामों को आसान बनाया है। पहले जहां खेत को तैयार करने में, फिर उसकी जुताई करने और फिर बीज डालने और फसल की कटाई करने में कई घंटों का समय लग जाता था, जिससे लागत भी ज़्यादा पड़ती थी, अब समय की बचत के साथ-साथ पैसों की भी बचत हुई है। एक ऐसा ही कृषि उपकरण है सुपर सीडर (Super Seeder)।

मछली के साथ बत्तख पालन fish cum duck farming
पशुपालन

मछली के साथ बत्तख पालन यानी दोगुना लाभ, एक्सपर्ट एनएस रहमानी से जानिए कैसे शुरू करें Fish cum Duck farming

मछली के साथ बत्तख पालन व्यवसाय को लेकर किसान ऑफ़ इंडिया ने उत्तर प्रदेश स्थित मत्स्य विभाग, वाराणसी के उप निदेशक एनएस रहमानी से ख़ास बातचीत की।

मछली बीज उत्पादन
टेक्नोलॉजी

बेहतर लाभ का ज़रिया है मछली बीज उत्पादन, कैसे शुरू करें? जानिए मत्स्य विशेषज्ञ डॉ. मुकेश सारंग से

मछली बीज उत्पादन का व्यवसाय भी युवकों के लिए अच्छी कमाई का ज़रिया बन सकता है। जुलाई से अगस्त प्रजनन का सबसे अच्छा समय होता है। इन महीनों में मछली बीजों की ज़बरदस्त मांग रहती है। कैसे करें फिश हैचरी तैयार, कैसा है इसका बिज़नेस? इसपर किसान ऑफ़ इंडिया की बिन्ध्याचल मंडल मिर्ज़ापुर उत्तर प्रदेश के मत्सय विभाग के उपनिदेशक डॉ.  मुकेश सारंग से ख़ास बातचीत।

Lumpy Skin Disease: लम्पी त्वचा रोग घरेलू इलाज
न्यूज़

Lumpy Skin Disease: लम्पी त्वचा रोग से बचाव के घरेलू उपचार और सावधानियां, जानिए पशु चिकित्सक डॉ. बंशीधर यादव से

वेटरनरी हॉस्पिटल, हरसौली, जिला जयपुर के पशु चिकित्सक और प्रभारी डॉ. बंशीधर यादव ने लम्पी स्किन रोग के इलाज के दौरान फ़ील्ड के  अनुभव किसान ऑफ़ इंडिया के साथ साझा किए। लम्पी त्वचा रोग के शुरुआती लक्षणों की पहचान को लेकर जानकारी दी। साथ ही शुरुआती लक्षण दिखने पर कौन से घरेलू उपचार किसान अपना सकते हैं, इसके बारे में बताया।

Colourful Cauliflower: रंगीन फूलगोभी
फल-फूल और सब्जी

Colourful Cauliflower: रंगीन फूलगोभी की हाई डिमांड, सब्ज़ी विशेषज्ञ से लें पूरी डीटेल

रंगीन फूलगोभी दिखने में ही नहीं, खाने में और फिर सेहत के लिहाज़ से भी बहुत फ़ायदेमंद है। इसे उगाने के लिए गोभी की क़िस्म, बीज की मात्रा और बुवाई के समय का ख़ास ध्यान रखना होता है।

संरक्षित खेती protected cultivation
न्यूज़

जानिए क्या है संरक्षित खेती (Protected Cultivation), डॉ. राजेश कुमार सिंह ने बताए इस उन्नत तकनीक के फ़ायदे

बांदा कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के वेजिटेबल डिवीजन के प्रोफेसर राजेश कुमार सिंह ने किसान ऑफ़ इंडिया से बातचीत में संरक्षित खेती (Protected Farming) को लेकर कई अहम बातें बताईं। जानिए अहम बिन्दु।

Dairy Farming: दुधारू पशु करें अधिक दूध उत्पादन
पशुपालन

Dairy Farming: दुधारू पशु करें अधिक दूध उत्पादन, डॉ. राजपाल दिवाकर से जानिए कैसे अपनाएं आहार प्रबंधन

अगर पशुओं को अच्छी देखरेख और सही आहार प्रबंधन न मिले तो इसे उनके दूध उत्पादन पर असर पड़ता है। कैसे मवेशियों के दूध उत्पादन को बढ़ाया जा सकता है, कैसे सही रखरखाव करें? इसपर किसान ऑफ़ इंडिया की नरेन्द्र देव कृषि और प्रौद्योगिकी विश्वविश्वविद्यालय कुमार गंज अयोध्या के पशुचिकित्सा एंव पशुपालन महाविद्यालय के सहायक अध्यापक और पशु विशेषज्ञ डॉ. राजपाल दिवाकर से ख़ास बातचीत।

संरक्षित खेती protected cultivation
न्यूज़

संरक्षित खेती (Protected Cultivation) से सब्जियों की खेती में बेहतर कमाई, डॉ. राजेश कुमार सिंह से जानिए कितना होता है मुनाफ़ा

बांदा कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के वेजिटेबल डिवीजन के प्रोफेसर डॉ. राजेश कुमार सिंह ने किसान ऑफ़ इंडिया से बातचीत में संरक्षित खेती से होने वाले पैदावार से लेकर मुनाफ़े के बारे में बताया।

अजोला की खेती Azolla Cultivation
न्यूज़

Azolla Cultivation: अजोला की खेती फसलों और मवेशियों के लिए है वरदान, कृषि एक्सपर्ट्स से जानिए कैसे करें इसकी खेती

अजोला की खेती किस तरह से किसानों के लिए फ़ायदेमंद साबित हो सकती है, इसको लेकर किसान ऑफ़ इंडिया ने कृषि विज्ञान केंद्र पीपीगंज गोरखपुर के पशु विज्ञान विशेषज्ञ डॉ. विवेक प्रताप कुमार सिंह और किसान गजानन्द अग्रवाल से बात की। जानिए क्या है इसकी ख़ासियत।

मखाने की खेती mithila makhana GI tag
न्यूज़

मखाने की खेती: मिथिला मखाने को मिला जीआई टैग, डॉ. अभिषेक प्रताप सिंह से जानिए खेती की कौन सी तकनीकें बेहतर

बिहार में मखाने की खेती करने वाले किसानों के लिए खुशखबरी है। मिथिलांचल मखाना को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिल गई है। इसके तहत मिथिलांचल मखाना को भौगौलिक संकेतक (GI) टैग मिला है।

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