राजस्थान के किसानों को बड़ी सौगात: फ्री मिलेगा सरसों का उन्नत बीज, कम पानी में होगी दोगुनी कमाई

इस योजना के तहत सरसों की नई उन्नत किस्म आरएच-1706 दी जाएगी, जिसे 2023 में चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय, हिसार ने विकसित किया है।

राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले के किसानों के लिए काफी अहम ख़बर है। खाद्य तेलों में आत्मनिर्भरता बढ़ाने और कम सिंचाई पानी में ज़्यादा उत्पादन को प्रोत्साहित करने के लिए कृषि विभाग ने राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन-तिलहन (NMEO-Oilseeds-National Mission on Edible Oils) के तहत जिले में सरसों के 1,600 क्विंटल प्रमाणित बीज फ्री में बांटे जाएंगे। इस पहल से करीब 40 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सरसों की खेती को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

क्यों बनी सरसों किसानों की पहली पसंद?

पिछले साल जिले में सरसों की बुवाई 1.89 लाख हेक्टेयर में हुई थी। इस बार रबी सीजन में सिंचाई जल की उपलब्धता को देखते हुए रकबा 2.50 लाख से 3 लाख हेक्टेयर तक पहुंच सकता है। दरअसल, खरीफ सीजन में कम बारिश और बांधों के घटते जलस्तर ने रबी फसलों के लिए पानी की चुनौती बढ़ा दी है। ऐसे में कम पानी में बेहतर उत्पादन देने वाली सरसों किसानों के लिए वरदान साबित हो रही है।

किसानों को मिलेगा 4 किलो का मिनीकिट

हर पात्र किसान को 4 किलो बीज वाला मिनीकिट फ्री मिलेगी। किसान कृषि पर्यवेक्षक या सहायक कृषि अधिकारी से कॉन्टेक्ट कर अप्लाई कर सकते हैं। साथ में जन आधार कार्ड और जमाबंदी की प्रति जमा करनी होगी। परमिट जारी होने पर वीसीपी के ज़रीये  से ग्राम सेवा सहकारी समिति (GSSS) या क्रय-विक्रय सहकारी समिति (KVSS) से बीज मिलेगा।

आरएच-1706: कमाल की किस्म

योजना के तहत सरसों की नई उन्नत किस्म आरएच-1706 दी जाएगी, जिसे 2023 में चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय, हिसार ने विकसित किया है। इसकी खासियत:

  • 140 दिन में तैयार
  • औसत उपज 37 क्विंटल प्रति हेक्टेयर
  • तेल की मात्रा 38 फीसदी
  • इरूसिक अम्ल 2 फीसदी से कम (स्वास्थ्य के लिए बेहतर)

किसानों से अपील

कृषि विभाग ने किसानों से समय रहते आवेदन कर योजना का लाभ उठाने की अपील की है। विभाग का मानना है कि पानी की सीमित उपलब्धता वाले क्षेत्रों में सरसों की खेती न केवल लागत कम करेगी, बल्कि खाद्य तेल उत्पादन बढ़ाने में भी अहम भूमिका निभाएगी।  

 

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सम्पर्क सूत्र: किसान साथी यदि खेती-किसानी से जुड़ी जानकारी या अनुभव हमारे साथ साझा करना चाहें तो हमें फ़ोन नम्बर 9599273766 पर कॉल करके या kisanofindia.mail@gmail.com पर ईमेल लिखकर या फिर अपनी बात को रिकॉर्ड करके हमें भेज सकते हैं। किसान ऑफ़ इंडिया के ज़रिये हम आपकी बात लोगों तक पहुँचाएँगे, क्योंकि हम मानते हैं कि किसान उन्नत तो देश ख़ुशहाल।

 

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