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नई दिल्ली में केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेन्द्र यादव ने देश के Tiger Reserves के Management Effectiveness Evaluation के 6th Cycle की शुरुआत की। National Tiger Conservation Authority यानी NTCA ने Wildlife Institute of India के साथ मिलकर यह कार्यक्रम आयोजित किया। इस चरण में देश के सभी 58 Tiger Reserves का मूल्यांकन किया जाएगा।
इस मौके पर भूपेन्द्र यादव ने MEE-TR 2026 का Technical Manual भी जारी किया। कार्यक्रम में NTCA, WII, राज्य वन विभागों, Tiger Reserve management teams और wildlife experts के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। बैठक में मूल्यांकन की प्रक्रिया, तरीके और इसे ज़मीन पर लागू करने को लेकर चर्चा हुई।
संरक्षण में विज्ञान के साथ स्थानीय ज़रूरतों पर ध्यान
भूपेन्द्र यादव ने कहा कि भारत ने बाघ संरक्षण के लिए 85,000 वर्ग किलोमीटर से ज़्यादा क्षेत्र तय किया है। उन्होंने कहा कि वन्यजीव संरक्षण और उसके मूल्यांकन में नई scientific processes और technology को लगातार शामिल करना ज़रूरी है।
हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि विज्ञान आधारित तरीका अपनाते समय स्थानीय लोगों की ज़रूरतों और उनकी परिस्थितियों को ध्यान में रखना ज़रूरी है। वन विभाग और स्थानीय समुदायों के बीच बेहतर तालमेल के लिए संवेदनशीलता और समझ के साथ काम करने की ज़रूरत है।
भूपेन्द्र यादव ने सुझाव दिया कि MEE रिपोर्ट के मूल्यांकन में स्थानीय ecological और social experts को भी शामिल किया जाए। इसके साथ ही स्थानीय युवाओं को भी इस प्रक्रिया से जोड़ने की बात कही। उन्होंने कहा कि हर Tiger Reserve की अपनी अलग ज़रूरतें और चुनौतियां हैं, इसलिए मूल्यांकन भी उसी के अनुसार होना चाहिए।
मानव और वन्यजीव संघर्ष का भी होगा आकलन
6th Cycle of MEE-TR में मानव और वन्यजीवों के बीच होने वाले संघर्ष का क्षेत्र के हिसाब से आकलन करने पर ज़ोर दिया जाएगा। भूपेन्द्र यादव ने कहा कि संरक्षण के नतीजे ऐसे होने चाहिए जिन्हें मापा जा सके।
उन्होंने Tiger Reserves के लिए स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार landscape management और ज़रूरत के हिसाब से conservation practices अपनाने पर ज़ोर दिया। इसमें स्थानीय सामाजिक और आर्थिक परिस्थितियों को भी ध्यान में रखा जाएगा।
उन्होंने कहा कि 6th Cycle of MEE-TR में मूल्यांकन की प्रक्रिया निष्पक्ष और स्पष्ट होनी चाहिए, ताकि इससे Tiger Reserves के प्रबंधन को बेहतर बनाने में सही मदद मिल सके।
MEE-TR क्या है?
6th Cycle of MEE-TR के तहत यह देखा जाएगा कि Tiger Reserve का प्रबंधन उसके संरक्षण के लक्ष्य को पूरा करने में कितना प्रभावी है। इसमें प्रबंधन से जुड़े काम, योजना, उपलब्ध संसाधन और व्यवस्था के साथ-साथ यह भी देखा जाता है कि इन प्रयासों से ज़मीन पर अपेक्षित परिणाम मिल रहे हैं या नहीं।
भारत में MEE की शुरुआत 2006 में हुई थी। अब तक पांच चरण 2006, 2010, 2014, 2018 और 2022 में पूरे हो चुके हैं। इन चरणों में क्रमशः 28, 39, 43, 50 और 51 Tiger Reserves का मूल्यांकन किया गया।
इस बार Solid Waste Management भी नया मानदंड
6th Cycle of MEE-TR में एक महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है। पहली बार Solid Waste Management को अलग मूल्यांकन मानदंड के रूप में शामिल किया गया है। इसमें Tiger Reserves के अंदर कचरे के सही प्रबंधन को देखा जाएगा। ख़ास तौर पर forest chowkis से निकलने वाले कचरे, पर्यटन गतिविधियों से पैदा होने वाले कचरे और wildlife rescue centres से निकलने वाले biomedical waste पर ध्यान दिया जाएगा।
भूपेन्द्र यादव ने कहा कि मूल्यांकन में हर Tiger Reserve की स्थानीय परिस्थितियों और ज़रूरतों को समझना ज़रूरी है। इससे संरक्षण के लिए आगे की योजनाएं ज़्यादा बेहतर तरीके से बनाई जा सकेंगी।
बाघों के साथ पूरे ecosystem का होगा आकलन
6th Cycle of MEE-TR में Tiger Reserves के प्रबंधन के कई पहलुओं को देखा जाएगा। इसमें बाघ और उनके prey की सुरक्षा, habitat management, सुरक्षा व्यवस्था और wildlife crime से निपटना शामिल है।
इसके अलावा wildlife monitoring और health, आग और दूसरी आपदाओं से निपटने की तैयारी, मानव और वन्यजीवों के बीच बेहतर तालमेल, स्थानीय समुदायों की भागीदारी, tourism management और wildlife corridors की connectivity भी मूल्यांकन का हिस्सा होगी।
मूल्यांकन स्वतंत्र और अलग-अलग क्षेत्रों के experts की टीमों द्वारा किया जाएगा। इसका उद्देश्य Tiger Reserves की अच्छी व्यवस्थाओं, कमियों और सुधार की ज़रूरत वाले क्षेत्रों की पहचान करना है।
Technical Manual जारी
कार्यक्रम के दौरान 6th Cycle of MEE-TR से जुड़े technical sessions भी हुए। इनमें MEE-TR की शुरुआत और अब तक के विकास, मूल्यांकन के criteria और indicators तथा field visits की प्रक्रिया और व्यवस्थाओं पर चर्चा हुई। इसी दौरान MEE 2026 का Technical Manual भी जारी किया गया। यह छठे चरण के मूल्यांकन के लिए ज़रूरी framework उपलब्ध कराएगा।
भूपेन्द्र यादव ने कहा कि Tiger Reserves का मूल्यांकन केवल आंकड़े जुटाने तक सीमित नहीं होना चाहिए। इसका उद्देश्य हर क्षेत्र की ज़रूरत को समझकर संरक्षण व्यवस्था को मज़बूत करना और बेहतर परिणाम हासिल करना होना चाहिए। 6th Cycle of MEE-TR इसी दिशा में आगे बढ़ने वाला अगला चरण है।
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