बस्तर के आदिवासियों को अमित शाह का तोहफा: डेयरी का बिछेगा जाल, पशुपालकों की छह गुना बढ़ेगी कमाई

बस्तर के जंगलों में होने वाली हर वन उपज (जैसे महुआ, तेंदूपत्ता, इमली, हर्रा-बहेड़ा) को अब सहकारी तरीके से प्रोसेस किया जाएगा। इसका पूरा मुनाफा सीधे आदिवासियों के खाते में जाएगा। बिचौलियों का खात्मा होगा।

 केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह (Union Minister of Home Affairs and Cooperation, Amit Shah) ने छत्तीसगढ़ के नक्सल पीड़ित बस्तर (Chhattisgarh, Bastar) इलाके के आदिवासियों के लिए एक ऐतिहासिक योजना का ऐलान किया है। अब बस्तर का हर आदिवासी परिवार मुख्यधारा से जुड़ेगा और उसकी आमदनी छह गुना तक बढ़ेगी। इसके लिए सरकार उन्हें गाय और भैंस देगी, साथ ही पूरे इलाके में डेयरी का जाल बिछाया जाएगा।

नक्सलमुक्त के बाद अब ‘विकसित बस्तर’ का टारगेट

अमित शाह ने साफ कहा कि बस्तर का सिर्फ नक्सलमुक्त होना काफी नहीं है। उन्होंने कहा, “2031 तक पूरी तरह विकसित बस्तर बनाना हमारा लक्ष्य है। यहां के किसानों और ग्रामीणों की कमाई हम 6 गुना बढ़ाएंगे।” यह बयान उस समय आया जब बस्तर के सात जिलों को नक्सल प्रभाव से मुक्त करा लिया गया है।

70 सुरक्षा कैंप बनेंगे ‘वीर शहीद गुंडाधुर सेवा डेरा’

शाह ने बताया कि नक्सल उन्मूलन के लिए बस्तर में करीब 200 सुरक्षा कैंप बनाए गए थे। अब पहले स्टेज  में 70 कैंप को ‘वीर शहीद गुंडाधुर सेवा डेरा’ में बदला जाएगा। ये सेवा डेरा विकास के केंद्र होंगे, जहां-

  • बैंकिंग और डिजिटल सेवाएं
  • आधार कार्ड बनाने की सुविधा
  • कॉमन सर्विस सेंटर
  • केंद्र-राज्य की 371 योजनाओं का फायदा मिलेगा

ये एक ही छत के नीचे मिलेगा। शाह ने कहा, “50 साल से विकास से वंचित रहे नागरिकों को अब हर योजना का 100 फीसदी लाभ देना है।”

गाय-भैंस देकर बदलेगी तस्वीर

सबसे बड़ी घोषणा ये रही कि बस्तर के हर आदिवासी को एक गाय और एक भैंस दी जाएगी। अमित शाह ने कहा, “इन पशुओं के दूध की पूरे देश में मार्केटिंग सहकारिता के जरिए की जाएगी। अगले 6 महीने में बस्तर में डेयरी का बड़ा नेटवर्क बनाया जाएगा।” आदिवासी महिलाएं अपने पशुओं का दूध इन डेयरियों तक आसानी से पहुंचा सकेंगी।

धान किसानों को 3100 रुपये प्रति क्विंटल भाव

शाह ने पुरानी सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले नक्सलियों के आतंक के कारण यहां के किसानों को फसल का सही दाम नहीं मिल पाता था। लेकिन अब विष्णुदेव साय सरकार ने एमएसपी प्लस बोनस देकर धान का 3100 रुपये प्रति क्विंटल भाव दिया है। इसके अलावा:

  • राशन कार्ड और मुफ्त अनाज
  • 5 लाख का स्वास्थ्य बीमा
  • बिजली-पानी-स्कूल की सुविधा

अब हर घर तक पहुंचाई जाएगी।

पैक्स के जरिए मिलेंगे खाद-बीज और आधुनिक उपकरण

हर सेवा डेरा में प्राथमिक कृषि ऋण समिति (PACS) बनेगी। इससे किसानों को सरकारी योजनाओं के आवेदन, खाद, बीज, कीटनाशक और आधुनिक कृषि उपकरण आसानी से मिलेंगे। शाह ने कहा, “देशभर में पैक्स ने ग्रामीण इलाकों में क्रांति लाई है, बस्तर में भी आएगी।”

वन उपज का होगी सहकारी प्रोसेसिंग 

बस्तर के जंगलों में होने वाली हर वन उपज (जैसे महुआ, तेंदूपत्ता, इमली, हर्रा-बहेड़ा) को अब सहकारी तरीके से प्रोसेस किया जाएगा। इसका पूरा मुनाफा सीधे आदिवासियों के खाते में जाएगा। बिचौलियों का खात्मा होगा।

 
अमित शाह ने कहा कि ये सेवा डेरा का मिशन है,- “हर आदिवासी भाई-बहन के घर तक सरकार और सरकारी सुविधाएं पहुंचाना।” अब देखना ये  होगा कि ज़मीन पर ये बड़ा सपना कितनी जल्दी और कितनी गहराई से साकार होता है।

 

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