हर साल मानसून लाखों लीटर पानी देता है, लेकिन हम उसे बहता हुआ देखते रह जाते हैं। क्या हम जानते हैं कि इसी बहते पानी को रोककर हम आने वाली पीढ़ियों के लिए जीवनदायिनी अमृत बना सकते हैं? आज देश का हर राज्य पानी की कमी से जूझ रहा है। ज़मीन के नीचे का जलस्तर लगातार गिर रहा है। ऐसे में प्रधानमंत्री मोदी ने मन की बात में भी Catch the Rain अभियान को गति देने की अपील की है। उन्होंने कहा कि “हमें बारिश की एक-एक बूंद बचानी है, इस मुहिम की गति को कम नहीं पड़ने देना है”। ये कोई सरकारी योजना नहीं, बल्कि एक ‘जन भागीदारी’ का आंदोलन है।
कैसे करें बारिश को बंद?
1.घर पर बनाएं बारिश का तोहफा: अपने घर की छत से गिरने वाली बारिश को बोरवेल या कुओं के पास पाइप के ज़रिए पहुंचाकर ज़मीन को रिचार्ज करें।
2.गड्ढे खोदें (Recharge Pits): बारिश के पानी को सीधे ज़मीन में सोखने के लिए छोटे-छोटे गड्ढे बनाएं। इससे पानी ज़मीन के अंदर जाकर भूजल स्तर बढ़ाता है।
3.तालाबों को करें जीवित: गांव या शहर के तालाबों की सफाई (Desilting) करें ताकि वे ज्यादा पानी स्टोर कर सकें।
जागरूकता ही समाधान
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने ‘Catch The Rain2026’ की शुरुआत करते हुए कहा कि “ये सिर्फ नारा नहीं, बल्कि राष्ट्रीय दिशा-निर्देश और सामूहिक संकल्प है”। साथ ही, इस बार ‘जल शक्ति अभियान’ में ‘जल संचय, जन भागीदारी’ पर ख़ास जोर है।
आंकड़े बताते हैं सफलता
जल शक्ति अभियान: कैच द रेन” (Catch the Rain) अभियान की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 22 मार्च 2021 (विश्व जल दिवस) को की गई थी। अब तक 1 करोड़ 66 लाख से ज्यादा जल संरक्षण काम पूरे हो चुके हैं। मध्य प्रदेश का खंडवा जिला इसका सजीव उदाहरण है, जहां 1.29 लाख से अधिक संरचनाएं बनाकर पानी बचाया गया और पूरे देश में पहला स्थान हासिल किया।
आज ही संकल्प करें: इस मानसून हर बूंद को व्यर्थ न जाने दें। चाहे ऑफिस हो, घर हो या स्कूल। जहां पानी गिरे, वहीं उसे रोकें। क्योंकि आज बचाई गई हर बूंद कल के पानी के संकट का सबसे बड़ा इलाज है। आप भी अपनी फोटो या रील #CatchTheRain हैशटैग के साथ शेयर करके दूसरों को इंस्पायर कर सकते हैं।
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