Mukhya Mantri Bagwani Bima Yojana: हरियाणा के किसानों को राहत, फ़सल ख़राब होने पर सरकार ने बढ़ाया मुआवज़ा

मुख्यमंत्री बागवानी बीमा योजना (Mukhya Mantri Bagwani Bima Yojana) के तहत राहत राशि में ज़बरदस्त बढ़ोतरी की गई है। चलिए समझते हैं ये ख़बर आपके लिए क्यों है ज़रूरी।

किसानों का सबसे बड़ा दुश्मन मौसम होता है। ओले हों, बेमौसम बारिश हो या फिर भयानक आंधी, ये सब कुछ ही मिनटों में किसान की महीनों की मेहनत पर पानी फेर देते हैं। लेकिन अब हरियाणा सरकार (Government of Haryana) ने किसानों को इसी डर से मुक्ति दिलाने का बीड़ा उठाया है। मुख्यमंत्री बागवानी बीमा योजना (Mukhya Mantri Bagwani Bima Yojana) के तहत राहत राशि में ज़बरदस्त बढ़ोतरी की गई है। चलिए समझते हैं ये ख़बर आपके लिए क्यों है ज़रूरी।

अब इतना मिलेगा मुआवजा 

हरियाणा सरकार ने प्राकृतिक आपदा से फ़सल खराब होने (Crop damage caused by natural disasters) पर किसानों को मिलने वाले मुआवजे में जब़रदस्त बढ़ोतरी की है। अब फलों की फसलों (जैसे आम, अमरूद, अनार) के लिए पहले मिलने वाले 40,000 रुपये प्रति एकड़ के बजाय 50,000 रुपये प्रति एकड़ मुआवजा दिया जाएगा। वहीं सब्जी और मसाला वाली फसलों (जैसे टमाटर, प्याज, मिर्च) के लिए राहत राशि 30,000 रुपये से बढ़ाकर 40,000 रुपये प्रति एकड़ कर दी गई है। यानी अब कुदरत के कहर से हुए नुकसान पर किसानों को 10,000 रुपये प्रति एकड़ अतिरिक्त मिलेंगे। किसान नेता और एक्सपर्ट इस फैसले को किसानों को आर्थिक बर्बादी से बचाने की दिशा में एक बड़ा और ऐतिहासिक कदम मान रहे हैं।

46 फसलों पर मिलेगा कवरेज, प्रीमियम बेहद कम

सरकार ने योजना को सिर्फ 5-10 फसलों तक सीमित नहीं रखा है। मुख्यमंत्री बागवानी बीमा योजना के तहत कुल 46 प्रकार की फल, सब्जी और मसाला फसलें शामिल की गई हैं।

सबसे अच्छी बात ये है कि किसानों को बीमा राशि का सिर्फ 2.5 प्रतिशत प्रीमियम देना होगा। बाकी पूरा पैसा राज्य सरकार खुद देती है। मतलब, 50,000 रूपये के बीमा पर किसान को मात्र 1,250 रूपये प्रति एकड़ प्रीमियम देना होगा। इतने कम प्रीमियम में इतना बड़ा सुरक्षा कवच, ये किसानों के लिए सुनहरा मौका है।

FPO पर भी फोकस: समूह में बेचो, ज्यादा दाम पाओ

सरकार ने अब किसान उत्पादक संगठनों (FPO) को मजबूत करने पर भी जोर दिया है। राज्य के 775 एफपीओ की बैठकें बुलाने के निर्देश दिए गए हैं। जब किसान मिलकर अपनी फसल बेचते हैं, तो बिचौलियों की भूमिका खत्म हो जाती है और मुनाफा सीधे किसान के खाते में आता है। सरकार का कहना है – बीमा + FPO + सही मुआवजा, ये तीनों मिलकर किसानों की आय को दोगुना करेंगे।

ऐसे करें अप्लाई (आसान स्टेप्स)

पोर्टल पर जाएं: ‘मेरी फसल मेरा ब्यौरा’ (Meri Fasal Mera Byora) पोर्टल खोलें।

रजिस्ट्रेशन: आधार नंबर से लॉगिन करें या नया रजिस्ट्रेशन करें।

जानकारी भरें: फसल का नाम, जमाबंदी (भूमि रिकॉर्ड), बैंक खाता नंबर सही-सही भरें।

प्रीमियम भरें: 2.5 फीसदी प्रीमियम का भुगतान ऑनलाइन करें।

सबमिट करें: फॉर्म सबमिट करें और प्रिंटआउट निकालकर जरूर रखें।

ज़रूरी दस्तावेज़  

  • आधार कार्ड
  • बैंक पासबुक (साथ में खाता सीड्ड होना चाहिए)
  • जमाबंदी / बुवाई पत्र (प्रमाणित)
  • पासपोर्ट साइज फोटो

गांव-गांव तक पहुंचेगा फायदा

सरकार ने सिर्फ कागजी घोषणा नहीं की। कृषि, बागवानी, पशुपालन और ऊर्जा विभाग के अधिकारियों को ग्राम सभाओं के ज़रीये से योजना की जानकारी गांव-गांव पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं। लक्ष्य है। लाभ सीधे किसानों के बैंक खातों में पहुंचे, बिना किसी देरी या बिचौलिए के।

 

सम्पर्क सूत्र: किसान साथी यदि खेती-किसानी से जुड़ी जानकारी या अनुभव हमारे साथ साझा करना चाहें तो हमें फ़ोन नम्बर 9599273766 पर कॉल करके या [email protected] पर ईमेल लिखकर या फिर अपनी बात को रिकॉर्ड करके हमें भेज सकते हैं। किसान ऑफ़ इंडिया के ज़रिये हम आपकी बात लोगों तक पहुँचाएँगे, क्योंकि हम मानते हैं कि किसान उन्नत तो देश ख़ुशहाल।

इसे भी पढ़िए: प्रकृति का सच्चा साथी: विजय सिंह, जिन्होंने YouTube देखकर बदली खेती की तस्वीर, बने Natural Farming के ‘गुरु’!

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top