कामधेनु योजना: 25 दुधारू पशुओं पर मिलेगी 13 लाख तक की सब्सिडी, जानिए पूरा प्रोसेस

मानक डेयरी इकाई का आकार 25 दुधारू पशु है। लाभार्थी अपनी भूमि और रिपेमेंट कैपिसिटी के आधार पर, अधिकतम 8 इकाइयों (यानी 200 पशुओं) तक के लिए अप्लाई कर सकते हैं

मध्य प्रदेश सरकार की डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना (Dr. Bhimrao Ambedkar Kamdhenu Yojana) के तहत, किसान 25 दुधारू पशुओं (गाय या भैंस) की एक डेयरी यूनिट्स खोलेन करने के लिए अनुदान के लिए आवेदन कर सकते हैं। इस योजना इसलिए ख़ास  है कि इसमें न केवल बैंक लोन के ज़रिये से बड़ी राशि की सहायता दी जाती है, बल्कि परियोजना लागत का 25 फीसदी से 33 फीसदी तक की पूंजीगत सब्सिडी (Capital subsidy) भी दी जाती है, जिससे किसानों के शुरुआती निवेश का बोझ काफी कम हो जाता है।

 25 पशुओं की यूनिट और हाई सब्सिडी

इस योजना का टारगेट मध्य प्रदेश के किसानों, ख़ासकर अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) के युवाओं को डेयरी उद्योग में स्वरोजगार के ज़रिये से आत्मनिर्भर बनाना है।

मानक डेयरी इकाई का आकार 25 दुधारू पशु है। लाभार्थी अपनी भूमि और रिपेमेंट कैपिसिटी के आधार पर, अधिकतम 8 इकाइयों (यानी 200 पशुओं) तक के लिए अप्लाई कर सकते हैं, जिससे बड़े पैमाने पर पशुपालन संभव हो जाता है। एक इकाई की कुल परियोजना लागत पशुओं की नस्ल के आधार पर लगभग 36 लाख रुपये से 42 लाख रुपये के बीच होती है, जिसमें पशु खरीद, शेड निर्माण, बीमा और परिवहन शामिल हैं।

अनुदान के तहत  नियम बहुत साफ हैं-

  • SC/ST श्रेणी के लाभार्थी: परियोजना लागत का 33 फीसदी तक पूंजीगत सब्सिडी पा सकते हैं।
  • दूसरी कैटेगरी के लाभार्थी: परियोजना लागत का 25 फीसदी तक सब्सिडी पा सकते हैं।

उदाहरण के लिए, 42 लाख रुपये की एक इकाई के लिए, SC/ST कैटेगरी के लाभार्थी अधिकतम 13.86 लाख रुपये तक सब्सिडी पा सकते हैं, जबकि दूसरी कैटेगरी के लाभार्थी लगभग 10.5 लाख रुपये पा सकते हैं। ये सब्सिडी 3 साल की लॉक-इन अवधि के बाद एकमुश्त रूप में वितरित की जाती है, जिसका उद्देश्य ये देखना है कि डेयरी फार्म स्थिर रूप से संचालित हो।

आवेदन के लिए कठोर शर्तें

हालांकि सब्सिडी अट्रैक्टिव है, लेकिन आवेदन की सीमाएं भी साफ हैं। आवेदकों को मध्य प्रदेश का स्थायी निवासी होना चाहिए, 21 वर्ष की आयु पूरी करनी चाहिए, और सबसे अहम बात ये है कि हर यूनिट के लिए कम से कम 3.5 एकड़ कृषि भूमि होनी चाहिए, जिसका इस्तेमाल पशु शेड और चारा प्रोडक्शन के लिए किया जाता है। इसके अलावा, आवेदक के पास मान्यता प्राप्त संस्थान से डेयरी प्रशिक्षण प्रमाणपत्र होना चाहिए। चयन “पहले आओ, पहले पाओ” पर आधारित है, और जो किसान पहले से ही दूध सहकारी संघों को दूध की आपूर्ति कर रहे हैं, उन्हें प्राथमिकता दी जाती है।

Apply कैसे करें

पूरी आवेदन प्रक्रिया ऑनलाइन है। इच्छुक किसान योजना की ऑफिशियल वेबसाइट https://dbaky.mp.gov.in/ पर जाकर रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं, व्यक्तिगत और भूमि संबंधी जानकारी भर सकते हैं, और संबंधित दस्तावेज़ अपलोड कर सकते हैं। System Review के बाद आवेदन को आगे के प्रोसेस के लिए बैंक को भेज देगी।  

 

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