10th National Convention of Agrivision में शिवराज सिंह चौहान का बड़ा ऐलान, जल्द बनेगी कृषि परिषद

10th National Convention of Agrivision में कृषि परिषद, फर्जी डिग्रियों पर रोक और छोटे किसानों की आय बढ़ाने के उपायों पर चर्चा हुई।

देश में कृषि शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए सरकार कई अहम कदम उठाने की तैयारी कर रही है। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दिल्ली के पूसा परिसर में आयोजित 10th National Convention of Agrivision में कहा कि मानकों पर खरे नहीं उतरने वाले निजी कृषि कॉलेजों पर लगाम लगाई जाएगी। इसके लिए जल्द ही कृषि परिषद बनाई जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि कृषि की पढ़ाई कर रहे युवाओं की डिग्री बेकार नहीं जाने दी जाएगी और उनकी शिक्षा को उपयोगी बनाने के लिए छोटे और लंबे समय की योजनाओं पर काम होगा।

इस सम्मेलन में देशभर से कृषि वैज्ञानिक, शोधकर्ता और विद्यार्थी शामिल हुए। चर्चा का मुख्य फोकस कृषि शिक्षा, किसानों की आय, नई तकनीक और भारतीय कृषि के भविष्य पर रहा।

कृषि शिक्षा में फर्जी कॉलेजों पर होगी सख़्ती

10th National Convention of Agrivision को संबोधित करते हुए शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि कृषि शिक्षा के नाम पर केवल फीस लेकर डिग्री बांटने वाले संस्थानों को मनमानी नहीं करने दी जाएगी। सरकार ऐसे निजी कृषि कॉलेजों पर कार्रवाई की तैयारी कर रही है, जो ज़रूरी मानकों का पालन नहीं करते या फर्जी डिग्रियां जारी करते हैं।

उन्होंने कहा कि कृषि की पढ़ाई करने वाले युवाओं ने अपना समय, मेहनत और पैसा लगाया है। उनकी डिग्री का महत्व बना रहना चाहिए, ताकि उन्हें भविष्य में रोजगार और कृषि क्षेत्र में काम करने के बेहतर अवसर मिल सकें।

प्रस्तावित कृषि परिषद का उद्देश्य कृषि शिक्षा से जुड़े संस्थानों को बेहतर तरीके से नियंत्रित करना और पढ़ाई की गुणवत्ता पर ध्यान देना है। शिवराज सिंह चौहान ने साफ किया कि विद्यार्थियों के भविष्य की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता है।

कृषि उत्पादन में 10 साल में 49 फीसदी बढ़ोतरी

सम्मेलन में शिवराज सिंह चौहान ने भारतीय कृषि की प्रगति का ज़िक्र करते हुए कहा कि एक समय देश को खाद्यान्न की ज़रूरतें पूरी करने के लिए दूसरे देशों पर निर्भर रहना पड़ता था। अब भारतीय किसानों की मेहनत और कृषि नीतियों के चलते देश खाद्यान्न उत्पादन में आत्मनिर्भर हो चुका है।

उन्होंने बताया कि 2014 से 2024 के बीच देश का कुल कृषि उत्पादन 49 फीसदी बढ़ा है। भारत चावल के उत्पादन और निर्यात में दुनिया में पहले स्थान पर है, जबकि गेहूं उत्पादन में दूसरे स्थान पर है।

हालांकि, अब केवल ज्यादा अनाज पैदा करना ही काफी नहीं है। 10th National Convention of Agrivision में इस बात पर भी ज़ोर दिया गया कि फ़सल का सही भंडारण हो, उसका बेहतर प्रबंधन किया जाए और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में निर्यात बढ़ाया जाए। इससे कृषि उपज का बेहतर इस्तेमाल करने और किसानों के लिए नए अवसर बनाने में मदद मिल सकती है।

10th National Convention of Agrivision में शिवराज सिंह चौहान का बड़ा ऐलान, जल्द बनेगी कृषि परिषद

सम्मेलन के सुझावों पर बनेगी आगे की योजना

10th National Convention of Agrivision में कृषि से जुड़े विद्यार्थियों, विशेषज्ञों और किसान संगठनों के सुझावों को महत्वपूर्ण बताया गया। शिवराज सिंह चौहान ने प्रतिभागियों से कहा कि वे कृषि क्षेत्र की समस्याओं पर गहराई से चर्चा करें और ऐसे सुझाव दें, जिन्हें ज़मीन पर लागू किया जा सके।

उन्होंने कहा कि सम्मेलन से सामने आने वाले विचारों को राष्ट्रीय हित में आगे बढ़ाने और उन पर काम करने की जिम्मेदारी सरकार की होगी। मंत्री ने यह भी घोषणा की कि वह अगले 15 दिन से एक महीने के भीतर प्रतिनिधियों के साथ दोबारा बैठक करेंगे। इस बैठक में सम्मेलन के सुझावों के आधार पर विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने पर चर्चा होगी।

इस प्रक्रिया में छोटे और लंबे समय की योजनाओं पर ध्यान दिया जाएगा, ताकि कृषि शिक्षा और खेती से जुड़ी चुनौतियों का समाधान करने के लिए ठोस कदम उठाए जा सकें।

छोटे किसानों की आय बढ़ाने के लिए खेती में विविधता ज़रूरी

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि भारत में औसत जोत का आकार केवल 0.96 हेक्टेयर है। ऐसे में छोटे और सीमांत किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए उन्हें सिर्फ़ अनाज की खेती पर निर्भर नहीं रहना चाहिए।

उन्होंने फल और सब्जियों की खेती, औषधीय पौधों, पशुपालन, मछली पालन, मधुमक्खी पालन और प्राकृतिक खेती को अपनाने पर ज़ोर दिया। खेती के साथ इन गतिविधियों को जोड़ने से किसानों के पास कमाई के कई साधन हो सकते हैं और एक फ़सल पर निर्भरता कम की जा सकती है।

10th National Convention of Agrivision में खेती को आधुनिक तकनीक से जोड़ने की ज़रूरत पर भी चर्चा हुई। कृषि में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), मशीन लर्निंग और रोबोटिक्स के इस्तेमाल को बढ़ावा देने पर ज़ोर दिया गया। इन तकनीकों को खेती में शामिल करने से कृषि कार्यों को अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिल सकती है।

10th National Convention of Agrivision में शिवराज सिंह चौहान का बड़ा ऐलान, जल्द बनेगी कृषि परिषद

कृषि क्षेत्र के भविष्य पर मंथन

कार्यक्रम के दौरान शिवराज सिंह चौहान ने एग्रीविजन के दस साल के सफर पर तैयार विशेष पुस्तिका का विमोचन भी किया। सम्मेलन में शामिल वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं और विद्यार्थियों ने कृषि क्षेत्र की चुनौतियों, नई संभावनाओं और भविष्य की ज़रूरतों पर चर्चा की।

10th National Convention of Agrivision में दिए गए संदेशों का मुख्य ज़ोर कृषि शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने, विद्यार्थियों की डिग्री का महत्व बनाए रखने और खेती को किसानों के लिए अधिक लाभकारी बनाने पर रहा। अब सम्मेलन में आए सुझावों को योजनाओं में बदलना और उन पर अमल करना अहम होगा।

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