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केंद्र सरकार ने किसानों की आमदनी बढ़ाने और खेती को मॉडर्न बनाने के लिए ने एक ऐतिहासिक फैसला लिया है। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 5 राज्यों को कुल 1,183.11 करोड़ रुपये की दूसरी किस्त मंज़ूर की है। ये पैसा उत्तराखंड, आंध्र प्रदेश, ओडिशा, तमिलनाडु और त्रिपुरा को दी गई है, जो किसानों की लाइफ में बड़ा बदलाव लाएगी।
किसान हैं देश की रूह
शिवराज सिंह चौहान ने किसानों को देश की रूह और अर्थव्यवस्था की रीढ़ बताया। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारें ‘टीम इंडिया’ भावना से काम कर रही हैं। हर खेत तक पानी, उन्नत बीज, आधुनिक यंत्र और डिजिटल सुविधाएं पहुंचाना हमारा टारगेट है। इसके लिए राज्यों को आपसी तालमेल के साथ कृषि योजनाओं को लागू करना होगा।
इस फंड से क्या होगा?
ये राशि किसानों की समस्याओं को जड़ से खत्म करने के लिए खर्च की जाएगी-
1.उन्नत बीज और आधुनिक यंत्र: किसानों को हाई क्वालिटी वाले बीज और ट्रैक्टर, हार्वेस्टर जैसे आधुनिक कृषि यंत्र मिलेंगे। छोटे किसानों को इन उपकरणों पर सब्सिडी भी दी जाएगी।
2.सिंचाई और पानी की बचत: ‘पर ड्रॉप मोर क्रॉप’ योजना के तहत सूक्ष्म सिंचाई को बढ़ावा दिया जाएगा। हर बूंद का सही इस्तेमाल करके पैदावार बढ़ाने पर जोर होगा।
3.डिजिटल एग्रीकल्चर: अब किसानों को मोबाइल पर वेदर फोरकास्ट,पेस्ट कंट्रोल, मार्केट प्राइज़ और क्रॉप एडवाइजरी मिलेगी। डिजिटल एग्रीकल्चर से खेती आसान और फायदेमंद होगी।
4.फसल विविधीकरण: दलहन, तिलहन और बागवानी मिशन के तहत किसान पारंपरिक फसलों के अलावा ज़्यादा मुनाफे वाली फसलें उगा सकेंगे। इससे उनकी आमदनी दोगुनी होगी।
5.प्राकृतिक खेती को बढ़ावा: उत्तराखंड जैसे पहाड़ी राज्यों में प्राकृतिक खेती और परंपरागत कृषि विकास योजना को मजबूती मिलेगी।
त्रिपुरा को ख़ास तोहफा
त्रिपुरा को मिली 91.51 करोड़ की राशि से राज्य में बांस मिशन, ऑयल पाम और कृषि यंत्रीकरण को मज़बूती मिलेगी। इससे पूर्वोत्तर राज्य के किसानों को बड़ा फायदा होगा।
क्या कहते हैं एक्सपर्ट?
एग्रीकल्चर एक्सपर्ट के अनुसार, ये फंड किसानों के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकता है। मॉडर्न टेक्नोलॉजी और डिजिटल सुविधाओं से खेती की लागत घटेगी और प्रोडक्शन बढ़ेगा।
सम्पर्क सूत्र: किसान साथी यदि खेती-किसानी से जुड़ी जानकारी या अनुभव हमारे साथ साझा करना चाहें तो हमें फ़ोन नम्बर 9599273766 पर कॉल करके या kisanofindia.mail@gmail.com पर ईमेल लिखकर या फिर अपनी बात को रिकॉर्ड करके हमें भेज सकते हैं। किसान ऑफ़ इंडिया के ज़रिये हम आपकी बात लोगों तक पहुँचाएँगे, क्योंकि हम मानते हैं कि किसान उन्नत तो देश ख़ुशहाल।
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