FAO and WMO Report के मुताबिक़ बढ़ती गर्मी से कृषि क्षेत्र के सामने बढ़ी नई चुनौती

FAO and WMO Report के अनुसार बढ़ती गर्मी से कृषि उत्पादन, किसानों की आय और खाद्य सुरक्षा पर गंभीर ख़तरा बढ़ रहा है।

संयुक्त राष्ट्र के खाद्य एवं कृषि संगठन (FAO) और विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO) ने हाल ही में FAO and WMO Report शीर्षक “Extreme Heat and Agriculture” जारी की है। इस रिपोर्ट में बढ़ते तापमान और लगातार पड़ रही भीषण गर्मी को वैश्विक कृषि और खाद्य सुरक्षा के लिए सबसे गंभीर चुनौतियों में से एक बताया गया है। रिपोर्ट के अनुसार दुनियाभर में लगभग 1.23 अरब लोगों की आजीविका कृषि और खाद्य प्रणाली पर निर्भर है, लेकिन बढ़ती गर्मी इस व्यवस्था को तेजी से प्रभावित कर रही है।

FAO and WMO Report के अनुसार यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले वर्षों में खेती, पशुपालन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर इसका असर और अधिक गंभीर हो सकता है।

बढ़ती गर्मी से घट रही है कृषि उत्पादकता

FAO and WMO Report में बताया गया है कि अत्यधिक गर्मी अब केवल मौसम की समस्या नहीं रह गई है, बल्कि ये सीधे किसानों की आय और खाद्य उत्पादन को प्रभावित कर रही है। लगातार बढ़ते तापमान, लंबे समय तक चलने वाली हीटवेव और बदलते मौसम चक्र के कारण फ़सलों की वृद्धि प्रभावित हो रही है।

रिपोर्ट के अनुसार अत्यधिक गर्मी के कारण फ़सलों की पैदावार में लगातार गिरावट देखी जा रही है। इसका असर केवल उत्पादन तक सीमित नहीं है, बल्कि खाद्य उपलब्धता और किसानों की कमाई पर भी पड़ रहा है। Extreme Heat and Agriculture रिपोर्ट इस ख़तरे को वैश्विक स्तर पर उभरती बड़ी चुनौती बताती है।

FAO and WMO Report के मुताबिक़ बढ़ती गर्मी से कृषि क्षेत्र के सामने बढ़ी नई चुनौती

सूखा और गर्मी साथ आए तो कई गुना बढ़ता है नुक़सान

FAO and WMO Report में कहा गया है कि जब अत्यधिक गर्मी के साथ सूखा जैसी अन्य प्राकृतिक चुनौतियां भी जुड़ जाती हैं, तो कृषि उत्पादन का नुक़सान तीन गुना तक बढ़ सकता है।

रिपोर्ट के अनुसार जलवायु परिवर्तन के कारण भविष्य में ऐसी घटनाओं की संभावना और बढ़ेगी। Extreme Heat and Agriculture रिपोर्ट में इस बात पर ज़ोर दिया गया है कि कृषि नीति और जलवायु रणनीति में इस ख़तरे को प्राथमिकता देना ज़रूरी है।

पशुपालन और जल संसाधनों पर भी असर

रिपोर्ट में केवल फ़सलों की ही नहीं, बल्कि पशुपालन पर पड़ने वाले प्रभाव का भी उल्लेख किया गया है। अत्यधिक गर्मी के कारण पशुओं के स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर पड़ रहा है। अधिक तापमान से पशुओं की उत्पादकता कम हो सकती है और उनके स्वास्थ्य संबंधी जोखिम भी बढ़ जाते हैं।

FAO and WMO Report ये भी बताती है कि लगातार बढ़ती गर्मी जल संसाधनों पर अतिरिक्त दबाव डाल रही है। सिंचाई के लिए पानी की उपलब्धता कम होने से खेती करना और कठिन होता जा रहा है।

सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं छोटे किसान

FAO and WMO Report के अनुसार जलवायु परिवर्तन का सबसे अधिक असर छोटे और सीमांत किसानों पर पड़ रहा है। बढ़ती गर्मी उनके लिए बड़ी चुनौती बनती जा रही है क्योंकि उनके पास आधुनिक तकनीक, सिंचाई सुविधाएं और जोखिम से निपटने के पर्याप्त साधन नहीं होते।

रिपोर्ट में कहा गया है कि ग्रामीण समुदायों की आजीविका भी बढ़ती गर्मी से प्रभावित हो रही है। इससे कृषि आधारित अर्थव्यवस्था पर सीधा दबाव पड़ रहा है। Extreme Heat and Agriculture रिपोर्ट में कमज़ोर वर्गों पर पड़ रहे इस प्रभाव को विशेष चिंता का विषय बताया गया है।

वैज्ञानिक उपायों की ज़रूरत पर ज़ोर

FAO and WMO Report में स्पष्ट कहा गया है कि बढ़ती गर्मी से निपटने के लिए वैज्ञानिक और दीर्घकालिक रणनीति अपनानी होगी। इसके लिए कृषि क्षेत्र में मौसम आधारित योजना, बेहतर जल प्रबंधन, फ़सलों की सुरक्षा और जलवायु के अनुरूप खेती को बढ़ावा देना ज़रूरी होगा।

रिपोर्ट के अनुसार अत्यधिक गर्मी की चुनौती से निपटने के लिए समय पर मौसम संबंधी जानकारी और किसानों तक सही सलाह पहुंचाना भी बेहद महत्वपूर्ण है।

FAO and WMO Report के मुताबिक़ बढ़ती गर्मी से कृषि क्षेत्र के सामने बढ़ी नई चुनौती

खाद्य सुरक्षा पर बढ़ सकता है दबाव

रिपोर्ट के अनुसार यदि वैश्विक तापमान इसी गति से बढ़ता रहा, तो भविष्य में खाद्य उत्पादन पर और अधिक दबाव पड़ेगा। FAO and WMO Report ने चेतावनी दी है कि अत्यधिक गर्मी के कारण कृषि उत्पादन में गिरावट आने से खाद्य सुरक्षा भी प्रभावित हो सकती है।

विशेषज्ञों का मानना है कि कृषि क्षेत्र को जलवायु परिवर्तन के अनुकूल बनाना अब पहले से कहीं अधिक ज़रूरी हो गया है। Extreme Heat and Agriculture केवल एक रिपोर्ट का विषय नहीं, बल्कि पूरी खाद्य आपूर्ति श्रृंखला से जुड़ी गंभीर वैश्विक चुनौती बन चुकी है।

आगे की राह

FAO and WMO Report ये स्पष्ट करती है कि बढ़ती गर्मी और बदलते जलवायु पैटर्न को अब नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। फ़सल उत्पादन, पशुपालन, जल उपलब्धता और किसानों की आय पर इसका असर लगातार बढ़ रहा है।

Extreme Heat and Agriculture रिपोर्ट इस बात पर ज़ोर देती है कि कृषि क्षेत्र को अधिक लचीला और टिकाऊ बनाने के लिए वैज्ञानिक योजना, समय पर मौसम संबंधी जानकारी, बेहतर जल प्रबंधन और किसानों के लिए प्रभावी सहायता प्रणाली को मज़बूत करना होगा। रिपोर्ट के अनुसार येी कदम भविष्य में खाद्य सुरक्षा को मज़बूत करने और किसानों की आजीविका को सुरक्षित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

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Source: FAO and WMO release report on extreme heat and agriculture

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