Table of Contents
हरी सब्जियां (Green Vegetables) सेहत का ख़ज़ाना होती हैं। पालक, मेथी, भिंडी, हरी मटर… ये न सिर्फ़ स्वाद बढ़ाती हैं, बल्कि शरीर को विटामिन, मिनरल्स और फाइबर देती हैं। लेकिन क्या होगा अगर ये हरी सब्जियां आपको धीमा ज़हर देने का ज़रिया बन जाएं? बाज़ार में सब्जियों को ज्यादा ताजा और चमकदार दिखाने के लिए उनमें ख़तरनाक केमिकल और आर्टिफिशयल मिलाए जा रहे हैं। ऐसा ही एक ज़हरीले केमिकल है मैलाकाइट ग्रीन (Malachite Green), जो कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी की वजह बन सकता है।
क्या है मैलाकाइट ग्रीन और क्यों है ये जानलेवा?
मैलाकाइट ग्रीन असल में एक Industrial Colors है, जिसका इस्तेमाल कपड़ा, कागज और सिल्क को रंगने के लिए किया जाता है। इसके अलावा, मछली पालन में इसे फफूंदनाशक के रूप में भी इस्तेमाल किया जाता है। मगर इसी ज़हर का इस्तेमाल बेईमान व्यापारी सब्जियों को हरा-भरा और अट्रैकटिव बनाने के लिए करते हैं। सबसे बड़ी चिंता की बात ये है कि ये केमिकल सेहत के लिए बेहद ख़तरनाक है।
Scientific studies के मुताबिक, ये कलर Carcinogenic (कैंसर पैदा करने वाला) है। ये न सिर्फ कैंसर बल्कि म्यूटेशन की वजह भी बन सकता है, यानी ये हमारे शरीर की कोशिकाओं के डीएनए को नुकसान पहुंचा सकता है। इसके सेवन से सांस से संबंधी समस्याएं, एलर्जी और क्रोमोसोमल फ्रैक्चर जैसे गंभीर नुकसान भी हो सकते हैं। FSSAI ने इसे लेकर कई बार अलर्ट जारी किया है, क्योंकि ये केमिकल हरी मटर, मिर्च, भिंडी और पालक में पाया जा सकता है।
FSSAI का घरेलू टेस्ट: ऐसे करें सब्जियों की शुद्धता की जांच
ऐसे में सवाल उठता है कि आख़िर हम अपनी रसोई में बैठे-बैठे इस मिलावट को कैसे पहचानें? भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने एक बेहद आसान तरीका बताया है, जिससे आप मैलाकाइट ग्रीन (Malachite Green) की मौजूदगी को पकड़ सकते हैं।
ज़रूरी सामग्री-
- रुई का एक टुकड़ा या सफेद कॉटन का कपड़ा
- लिक्विड पैराफिन या सरसों का तेल (अगर पैराफिन न हो तो)
- संदिग्ध हरी सब्जी
जांच का तरीका-
- सबसे पहले रुई के फाहे को लिक्विड पैराफिन या फिर साधारण सरसों के तेल में भिगो लें
- अब इस भीगे हुए रुई को हरी सब्जी (जैसे भिंडी, मिर्च, पालक या मटर की फली) के बाहरी हिस्से पर अच्छी तरह रगड़ें या दबाएं
- अब रुई के फाहे के रंग को ध्यान से देखें
क्या है नतीजा?
- अगर सब्जी शुद्ध है: रुई के फाहे पर कोई रंग नहीं आएगा। वो उतना ही साफ दिखेगा जितना पहले था। इसका मतलब है कि सब्जी नैचुरल रूप से पकी और ताजा है
- अगर मिलावट है: अगर सब्जी पर मैलाकाइट ग्रीन का लेप चढ़ा है, तो रुई का फाहा तुरंत गहरे हरे रंग में बदल जाएगा। ये साफ इशारा है कि आपके सामने रखी सब्जी ज़हरीली और खाने के लिए बिल्कुल अयोग्य है
FSSAI का ये तरीका पूरी तरह वैज्ञानिक और भरोसेमंद है। ये वीडियो FSSAI की ऑफिशियल वेबसाइट और सोशल मीडिया पर भी उपलब्ध है।
क्या सिर्फ रगड़ने का तरीका ही काफी है?
एक और आसान तरीका है पानी टेस्ट। इसके लिए एक गिलास पानी में सब्जी डालकर आधे घंटे के लिए छोड़ दें। अगर पानी का रंग हरा हो जाता है, तो समझ जाइए कि सब्जी में मिलावट है। हालांकि, ये तरीका कम कारगर है, क्योंकि कई बार प्राकृतिक रंग भी पानी में घुल सकते हैं। ऐसे में, FSSAI की ओर से बताया गया तेल वाला तरीका ज्यादा सटीक माना जाता है।
ख़रीदारी करते समय रखें ये सावधानियां
- अस्वाभाविक चमक से बचें: अगर कोई सब्जी असामान्य रूप से ज्यादा चमकदार हरी दिख रही है, तो उसे खरीदने से बचें। प्राकृतिक सब्जियों की चमक हल्की और मैट होती है।
- हाथों पर निशान: सब्जी को छूकर देखें। अगर आपके हाथों पर हरा या नीला रंग लग जाए, तो समझ जाइए कि इसमें केमिकल मिला है।
- मौसमी सब्जियां खरीदें: कोशिश करें कि मौसमी और लोकल सब्जियां ही खरीदें। ऑफ-सीजन में मिलने वाली सब्जियों में मिलावट का ख़तरा ज्यादा रहता है।
- शिकायत करें: अगर आपको किसी सब्जी में मिलावट का संदेह होता है, तो इसकी शिकायत FSSAI के हेल्पलाइन नंबर या अपने शहर के खाद्य सुरक्षा विभाग में जरूर करें।

