Is The Milk Real Or Fake?: सुबह की चाय से लेकर बच्चों के गिलास तक दूध की शुद्धता पहचानने के 3 आसान घरेलू टेस्ट

बाजार में मिलावटी दूध की भरमार है। स्टार्च, यूरिया, डिटर्जेंट, रिफाइंड तेल और यहां तक कि सिंथेटिक केमिकल्स की मिलावट से लोगों की सेहत ख़तरे में पड़ रही है। लेकिन घबराइए नहीं! हम लेकर आए हैं वो तीन आसान, वैज्ञानिक और घरेलू तरीके, जिनकी मदद से आप मात्र एक मिनट में पता लगा सकते हैं कि आपका दूध असली है या नकली (Is the milk real or fake?)।

Is The Milk Real Or Fake?: सुबह की चाय से लेकर बच्चों के गिलास तक दूध की शुद्धता पहचानने के 3 आसान घरेलू टेस्ट

आपकी सुबह की चाय से लेकर बच्चों के गिलास तक, दूध (Milk) हमारे डेली लाइफ का अहम हिस्सा है। भारत दुनिया का सबसे बड़ा दूध उत्पादक देश है(India is the largest milk producing country in the world), फिर भी एक डरावना सच ये है कि बाजार में मिलावटी दूध की भरमार है। स्टार्च, यूरिया, डिटर्जेंट, रिफाइंड तेल और यहां तक कि सिंथेटिक केमिकल्स की मिलावट से लोगों की सेहत ख़तरे में पड़ रही है। लेकिन घबराइए नहीं! हम लेकर आए हैं वो तीन आसान, वैज्ञानिक और घरेलू तरीके, जिनकी मदद से आप मात्र एक मिनट में पता लगा सकते हैं कि आपका दूध असली है या नकली (Is the milk real or fake?)।

पानी की मिलावट का ‘ड्रॉप टेस्ट’

दूध में सबसे आम मिलावट पानी की होती है। प्योर मिल्क का density पानी से अलग होता है, इसी सिद्धांत पर काम करता है ये टेस्ट।

Method: एक चिकनी, झुकी हुई सतह (जैसे पॉलिश की हुई प्लेट) पर दूध की एक बूंद गिराएं।
नतीजा:

1.असली दूध: बूंद धीरे-धीरे फैलेगी और पीछे एक सफेद निशान छोड़ेगी।

2.मिलावटी दूध: बूंद तेजी से बहने लगेगी और कोई निशान नहीं छोड़ेगी, क्योंकि पानी मिलने से दूध पतला हो जाता है।

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डिटर्जेंट का पता लगाने वाला ‘झाग टेस्ट’

दूध को सफेद और गाढ़ा दिखाने के लिए मिलावटखोर डिटर्जेंट मिलाते हैं, जो हेल्थ के लिए बेहद ख़तरनाक है।

Method: एक टेस्ट ट्यूब या छोटी बोतल में 5-10 मिलीलीटर दूध लें और उसे जोर-जोर से 5-10 सेकंड तक हिलाएं।
नतीजा:

1.असली दूध: नाममात्र का झाग बनेगा और 15-20 सेकंड में गायब हो जाएगा।

2.मिलावटी दूध (डिटर्जेंटयुक्त): ज्यादा और सख्त झाग बनेगा, जो लंबे वक्त तक (कई मिनट) बना रहेगा, क्योंकि डिटर्जेंट में फोम बनाने के गुण होते हैं।

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स्टार्च/आटा पकड़ने वाला ‘आयोडीन टेस्ट’

दूध को गाढ़ा दिखाने के लिए आलू या चावल का स्टार्च या आटा मिलाया जाता है।

Method: एक कटोरी में दूध लें और हल्का गर्म करें (ज्यादा गर्म न करें)। उसमें 2-3 बूंद आयोडीन टिंचर (मेडिकल स्टोर पर मिलता है) डालें।
नतीजा:

1.असली दूध: रंग में कोई ख़ास बदलाव नहीं होगा, या हल्का पीला/भूरा रह सकता है।

2.मिलावटी दूध (स्टार्चयुक्त): दूध का रंग नीला-काला हो जाएगा। आयोडीन स्टार्च के साथ केमिकल प्रोसेस करके ये रंग देता है।

सुरक्षित दूध चुनने के गोल्डन नियम

1.FSSAI लोगो और लाइसेंस नंबर देखकर ही खरीदें। ये सरकारी गुणवत्ता प्रमाण है।

2.कम दाम के चक्कर में न पड़ें। असली दूध की उत्पादन लागत एक निश्चित सीमा से कम नहीं हो सकती।

3.खुले दूध से बचने की कोशिश करें। पैकेज्ड दूध में टैम्पर-प्रूफ पैकिंग और बैच नंबर होता है, जिससे पता लगाना आसान होता है।

4.बच्चों, गर्भवती महिलाओं और बीमारों को हमेशा प्रमाणित ब्रांड का ही दूध दें।

 5.अगर आपको गंभीर संदेह हो, तो FSSAI की शिकायत पोर्टल पर रिपोर्ट करें।

 

सम्पर्क सूत्र: किसान साथी यदि खेती-किसानी से जुड़ी जानकारी या अनुभव हमारे साथ साझा करना चाहें तो हमें फ़ोन नम्बर 9599273766 पर कॉल करके या kisanofindia.mail@gmail.com पर ईमेल लिखकर या फिर अपनी बात को रिकॉर्ड करके हमें भेज सकते हैं। किसान ऑफ़ इंडिया के ज़रिये हम आपकी बात लोगों तक पहुँचाएँगे, क्योंकि हम मानते हैं कि किसान उन्नत तो देश ख़ुशहाल।

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