शिवराज सिंह चौहान ने MSP पर दाल-तिलहन ख़रीद को हरी झंडी,UP को 1490 करोड़ का तोहफा

ये खरीद मूल्य समर्थन योजना (PSS) के तहत तमिलनाडु, गुजरात, उत्तर प्रदेश और हरियाणा में की जाएगी। इस योजना का मकसद किसानों को मंडी में भाव गिरने पर भी उनकी फसल का न्यूनतम समर्थन मूल्य देना है

किसानों के लिए एक और बड़ी सौगात है। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान (Union Agriculture Minister Shivraj Singh Chouhan) ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए चार राज्यों में न्यूनतम समर्थन मूल्य (Minimum Support Price) यानी MSP  पर बड़े पैमाने पर दालों और तिलहन की खरीद को मंज़ूरी (Approval for procurement of pulses and oilseeds) दे दी। ये फैसला किसानों को उनकी उपज का सही दाम दिलाने और बाजार के उतार-चढ़ाव से बचाने के लिए उठाया गया है।

किसानों को MSP का सीधा लाभ

ये खरीद मूल्य समर्थन योजना (PSS) के तहत तमिलनाडु, गुजरात, उत्तर प्रदेश और हरियाणा में की जाएगी। इस योजना का मकसद किसानों को मंडी में भाव गिरने पर भी उनकी फसल का न्यूनतम समर्थन मूल्य देना है, ताकि उन्हें अपनी मेहनत का उचित मुआवजा मिल सके और वे मजबूरन सस्ते दामों पर अपनी उपज न बेचें।

उत्तर प्रदेश को मिला सबसे बड़ा तोहफा

इस बार उत्तर प्रदेश को सबसे ज्यादा फायदा हुआ है। प्रदेश के लिए ग्रीष्म 2026 सीजन में 48,298 मीट्रिक टन मूंग, 97,970 मीट्रिक टन उड़द और 41,718 मीट्रिक टन मूंगफली की ख़रीद को मंज़ूरी दी गई है। इन सभी खरीद का कुल MSP मूल्य 1,490 करोड़ रुपये से भी ज़्यादा है। ये यूपी के दाल और तिलहन उत्पादक किसानों के लिए राहत और खुशी की बड़ी ख़बर है।

गुजरात, तमिलनाडु और हरियाणा को भी फायदा

गुजरात: यहां ग्रीष्म 2026 सीजन के लिए 18,250 मीट्रिक टन मूंग की खरीद को मंजूरी दी गई है, जिसका MSP मूल्य 160 करोड़ रुपये से अधिक है।

तमिलनाडु: राज्य में रबी मार्केटिंग सीजन 2025-26 के लिए मूंग खरीद लक्ष्य को 885 मीट्रिक टन से बढ़ाकर 990 मीट्रिक टन कर दिया गया है। यानी अतिरिक्त 105 मीट्रिक टन मूंग की खरीद होगी, जिसका कुल MSP मूल्य 8.68 करोड़ रुपये है।

हरियाणा: यहां भी ग्रीष्म 2026 सीजन के लिए 2,115 मीट्रिक टन मूंग की खरीद को मंजूरी मिली है, जिसका MSP मूल्य 18 करोड़ रुपये से अधिक है।

क्यों है ये फैसला ख़ास?

ये फैसला इसलिए भी अहम है क्योंकि सरकार ने हाल ही में खरीफ सीजन 2026-27 के लिए MSP में बढ़ोतरी की है। मूंग पर MSP 8,780 रुपये प्रति क्विंटल, उड़द पर 8,200 रुपये और मूंगफली पर  7,517 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है। MSP को उत्पादन लागत का डेढ़ गुना रखने की सरकार की नीति के तहत किसानों को मूंग पर सबसे ज्यादा 61फीसदी का मुनाफा मिल रहा है।

ये सिर्फ ख़रीद का काम नहीं है, बल्कि प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान (PM-AASHA) के तहत किसानों को आर्थिक सुरक्षा देने की मुहिम का हिस्सा है। खास बात ये है कि खरीदी गई फसलों का पैसा सीधे किसानों के बैंक खातों में जाएगा और पूरा प्रोसेस क्रिस्टल क्लियर होगा।  

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सम्पर्क सूत्र: किसान साथी यदि खेती-किसानी से जुड़ी जानकारी या अनुभव हमारे साथ साझा करना चाहें तो हमें फ़ोन नम्बर 9599273766 पर कॉल करके या [email protected] पर ईमेल लिखकर या फिर अपनी बात को रिकॉर्ड करके हमें भेज सकते हैं। किसान ऑफ़ इंडिया के ज़रिये हम आपकी बात लोगों तक पहुँचाएँगे, क्योंकि हम मानते हैं कि किसान उन्नत तो देश ख़ुशहाल।

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