बिहार के 9 ज़िलों में बनेंगे Hitech Heifer Station और AI Centre, किसानों की होगी कमाई दोगुनी

हीफर स्टेशन बनने से किसानों को उन्नत नस्ल की गायें आसानी से मिल सकेंगी। इससे दूध उत्पादन में 30-40 फीसदी तक की बढ़ोतरी हो सकती है।

बिहार (Bihar) में पशुपालन को आधुनिक तरीके से बढ़ावा देने के लिए सरकार ने कमर कस ली है। अब राज्य के 9 प्रमुख जिलों में 500 गायों की क्षमता वाले Heifer Station (बछिया संवर्धन केंद्र) और Artificial insemination (AI) केंद्र खोले जाएंगे। ये योजना न सिर्फ दुग्ध उत्पादन (milk production) बढ़ाएगी, बल्कि ग्रामीण युवाओं के लिए रोजगार के नए दरवाजे भी खोलेगी।

किन ज़िलों में होगा विकास?

बिहार सरकार के पशुपालन निदेशालय ने भागलपुर, पटना, मुजफ्फरपुर, गया, दरभंगा, पूर्णिया, सहरसा, मुंगेर और सारण जिले (Bhagalpur, Patna, Muzaffarpur, Gaya, Darbhanga, Purnia, Saharsa, Munger and Saran districts) को इस योजना के लिए चुना है। इन सभी जगहों पर हाईटेक सुविधाओं से लैस केंद्र बनेंगे, जहां उन्नत नस्ल की गायों को तैयार किया जाएगा।

20 से 30 एकड़ ज़मीन की मांग, लेकिन अटकी पड़ी है रफ्तार

हालांकि ये सुनहरी योजना अभी ज़मीन के अभाव में ठप पड़ी है। पशुपालन निदेशालय के संयुक्त निदेशक सुनील कुमार ठाकुर ने सभी जिलों को पत्र लिखकर 20 से 30 एकड़ मुफ्त जमीन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। ये पत्र 23 फरवरी 2025 को ही भेजा गया था, लेकिन अब तक ज्यादातर ज़िलों से जमीन नहीं मिल सकी है।
पशुपालन विभाग ने एक बार फिर जिला प्रशासन से जल्द से जल्द ज़मीन सिलेक्ट करने और ट्रांसफर प्रोसेस पूरी करने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है-‘जमीन मिलते ही काम शुरू हो जाएगा।’

पशुपालकों को क्या होगा फायदा?

एक्सपर्ट के मुताबिक, हीफर स्टेशन बनने से किसानों को उन्नत नस्ल की गायें आसानी से मिल सकेंगी। इससे दूध उत्पादन में 30-40 फीसदी तक की बढ़ोतरी हो सकती है। वहीं कृत्रिम गर्भाधान (AI) केंद्र खुलने से पशुपालकों को महंगी और दूर की नस्ल सुधार तकनीक घर के पास मिल जाएगी।

सबसे ज्यादा फायदा छोटे पशुपालकों को

  • बेहतर नस्ल से अधिक दूध :अधिक आय
  • लोकल लेवल पर मिलेगी आधुनिक सुविधा :  समय और पैसे की बचत
  • बीमारियों पर कंट्रोल और बेहतर देखभाल

गांवों में खुलेंगे रोजगार के नए रास्ते

ये परियोजना सिर्फ दूध बढ़ाने तक सीमित नहीं है। इससे पूरा ग्रामीण इकोसिस्टम मजबूत होगा-

1.डेयरी व्यवसाय को मिलेगी नई दिशा

2.चारा उत्पादन और वितरण का कारोबार बढ़ेगा

3.पशु चिकित्सा सेवाओं की मांग बढ़ेगी

4.युवाओं के लिए नौकरियों के अवसर तैयार होंगे 

अब सबकी निगाहें जिला प्रशासन पर

सरकार और पशुपालन विभाग को उम्मीद है कि यह योजना बिहार के पशुपालन क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव लाएगी। लेकिन अभी जिला प्रशासन को जमीन उपलब्ध कराने में तेजी लानी होगी। अगर यह केंद्र बन गए, तो आने वाले कुछ सालों में बिहार दुग्ध उत्पादन में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो सकता है। अब देर है तो नहीं, लेकिन जल्दबाजी जरूरी है। किसानों और पशुपालकों को इस बड़े बदलाव का बेसब्री से इंतजार है।

 

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सम्पर्क सूत्र: किसान साथी यदि खेती-किसानी से जुड़ी जानकारी या अनुभव हमारे साथ साझा करना चाहें तो हमें फ़ोन नम्बर 9599273766 पर कॉल करके या [email protected] पर ईमेल लिखकर या फिर अपनी बात को रिकॉर्ड करके हमें भेज सकते हैं। किसान ऑफ़ इंडिया के ज़रिये हम आपकी बात लोगों तक पहुँचाएँगे, क्योंकि हम मानते हैं कि किसान उन्नत तो देश ख़ुशहाल।

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