मध्यप्रदेश की क्रांति: ‘Goras App’ से अब गाय-भैंस भी बनेंगी ‘हाई-टेक’, मिलेगा मुफ्त पोषण सुझाव

पशुपालन एवं डेयरी विभाग (Animal Husbandry and Dairy Department) ने पशुपालकों की समस्या के समाधान के लिए क्रांतिकारी ‘Goras Mobile App’ लॉन्च किया है।

क्या आप जानते हैं कि आपकी गाय या भैंस सिर्फ सही आहार न मिलने के कारण 30 फीसदी तक कम दूध दे रही है? मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (Chief Minister of Madhya Pradesh Dr. Mohan Yadav) की अगुवाई में पशुपालन एवं डेयरी विभाग (Animal Husbandry and Dairy Department) ने इसी समस्या का क्रांतिकारी समाधान निकाला है- ‘Goras Mobile App’।

क्यों आया ये ऐप? 

प्रदेश में 2 करोड़ से ज़्यादा गाय-भैंस हैं, लेकिन 80 प्रतिशत से अधिक पशुपालक आज भी परंपरागत तरीके से पशुओं को भूसा-चोकर खिलाते हैं। विभाग के अध्ययन में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए- 

  • वैज्ञानिक पोषण के अभाव में पशुओं की उत्पादन क्षमता घट जाती है।
  • 20-30 फीसदी दूध उत्पादन की कमी सीधे पशुपालकों की आय काट रही है।
  • बार-बार हीट, गर्भधारण में कठिनाई जैसी समस्याएं आम हो गई हैं।

यानी, सही खुराक न होने से पशु भी कमजोर, पॉकेट भी खाली, इसी गंभीर समस्या का समाधान है ‘गोरस ऐप’।

कैसे काम करेगा गोरस ऐप?  

यह ऐप एक Virtual Animal Nutritionist की तरह है। आपको बस ऐप में इतनी जानकारी भरनी है-

  • पशु की नस्ल (गिर, साहीवाल, मुर्रा वगैरह)
  • वजन, दूध उत्पादन (प्रतिदिन)
  • गर्भावस्था का महीना
  • वर्तमान में क्या खिला रहे हैं

 ऐप साइंटिफिक कैलकुलेशन से बता देगा-

  • संतुलित आहार में क्या, कितना और कब देना है?
  • मौसम (गर्मी) और गर्भावस्था के हिसाब से आहार में ऑटोमैटिक बदलाव?
  • आपको प्रति ब्यांत कितना आर्थिक लाभ होगा और मौजूदा गलत आहार से कितना नुकसान हो रहा?

5 बड़े फायदे जो बदल देंगे आपकी डेयरी

1.दूध बढ़े, लागत घटे: सही चारा मिश्रण से अधिकतम दूध और न्यूनतम खर्च का गणित खुद ऐप बताएगा।

2.नस्ल सुधार के सुझाव:  गाय-भैंस के लिए बेहतर नस्ल के टिप्स भी मिलेंगे।

3.बीमारियों में कमी: संतुलित पोषण से प्रतिरोधक क्षमता बढ़ेगी, पशु कम बीमार पड़ेंगे।

4.हर नस्ल के लिए अलग गाइड: गिर, साहीवाल, थारपारकर, मुर्रा, भदावरी और संकर नस्ल – सबके लिए अलग मार्गदर्शन।

5.पूरी तरह फ्री और हिंदी में: गूगल प्ले स्टोर से फ्री डाउनलोड, बिना इंटरनेट के भी काम करेगा।

कब और कैसे डाउनलोड करें?

विभाग का कहना है कि ‘गोरस ऐप’ जल्द ही गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध होगा। बस करना यह है:

  • प्ले स्टोर पर ‘Goras App’ सर्च करें।
  • डाउनलोड और इंस्टॉल करें।
  • जरूरी परमिशन देते ही शुरू करें अपने पशु की बेहतर देखभाल।

 

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