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उत्तर प्रदेश के पोल्ट्री उद्योग (The Poultry Industry of Uttar Pradesh) को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के मकसद से लखनऊ (Lucknow) के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में 15 और 16 अप्रैल, 2026 को दो दिवसीय ‘Uttar Pradesh Poultry Conclave-2026’ का आयोजन आज 15 अप्रैल की सुबह 10:30 बजे से शुरू हो गया। ये आयोजन प्रदेश के पोल्ट्री क्षेत्र के लिए एक मील का पत्थर साबित हो सकता है।
कार्यक्रम में दिग्गज हस्तियों की मौजूदगी
कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में भारत सरकार के पशुपालन, डेयरी विकास एवं मत्स्य पालन राज्य मंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। वहीं, प्रदेश के पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह और उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। इन नेताओं ने पोल्ट्री उद्योग को बढ़ावा देने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।
पोल्ट्री क्षेत्र को सशक्त बनाने की बड़ी पहल
पशुपालन विभाग एवं पोल्ट्री इंडिया (Department of Animal Husbandry and Poultry India) द्वारा आयोजित इस कॉन्क्लेव की जानकारी देते हुए निदेशक प्रशासन एवं विकास, पशुपालन, डॉ. मेमपाल सिंह ने बताया कि यह कार्यक्रम प्रदेश के पोल्ट्री क्षेत्र को सशक्त बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है। उन्होंने कहा, “इस कॉन्क्लेव में उद्योग विशेषज्ञ नई टेक्नीकल चुनौतियों, संभावनाओं और इनोवेशन पर मार्गदर्शन देंगे। साथ ही सरकारी योजनाओं, वित्तीय सहायता एवं व्यावहारिक समाधान पर भी चर्चा की जाएगी।”
पहले दिन हुए ये ख़ास सत्र
कॉन्क्लेव के पहले दिन 15 अप्रैल को उद्घाटन सत्र के बाद तकनीकी सत्र आयोजित हुए। इन सत्रों में बाजार लिंकेज, बैकयार्ड पोल्ट्री (घरेलू स्तर पर मुर्गी पालन), नीति समर्थन, निवेश के अवसर व ग्रामीण समुदायों के सशक्तिकरण जैसे विषयों पर एक्सपर्ट्स ने अपने आइडियाज़ शेयर किये।
दूसरे दिन होगी इन्वेस्टर्स समिट
16 अप्रैल को ‘इन्वेस्टर्स समिट’ का आयोजन होगा, जिसमें प्रदेश के पोल्ट्री क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं पर विशेष चर्चा की जाएगी। इस दिन सस्टेनेबल फार्मिंग (टिकाऊ खेती), पोल्ट्री कचरे के उपयोग एवं एंटीबायोटिक-मुक्त उत्पादों के उभरते रुझानों पर विशेषज्ञ अपने विचार रखेंगे। समापन सत्र में सुझाव, प्रतिभागियों की प्रतिक्रिया व धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यक्रम का समापन होगा।
कौन-कौन ले रहा है हिस्सा?
निदेशक पशुपालन डॉ. मेमपाल सिंह के मुताबिक, इस कॉन्क्लेव में पोल्ट्री पालक, हैचरी मालिक, उद्यमी, स्टार्टअप, वैज्ञानिक, पशु चिकित्सक एवं पशुचिकित्सा विज्ञान के छात्र बड़ी संख्या में हिस्सा ले रहे हैं। कार्यक्रम के ज़रीये से हितधारकों को नेटवर्किंग, निवेश के अवसर व आधुनिक तकनीकों की जानकारी मिलेगी, जिससे उत्तर प्रदेश को पोल्ट्री हब बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाया जा सकेगा।
फ्री रजिस्ट्रेशन का सुनहरा मौका
पशुपालन विभाग ने सभी इच्छुक प्रतिभागियों से अपील की है कि वे फ्री रजिस्ट्रेशन कर इस कॉन्क्लेव में हिस्सा ले और पोल्ट्री क्षेत्र में उपलब्ध अवसरों का फायदा उठाएं। यह उन सभी के लिए एक सुनहरा मौका है जो पोल्ट्री व्यवसाय से जुड़ना चाहते हैं या अपने मौजूदा कारोबार को नई दिशा देना चाहते हैं।
क्यों जरूरी है ये कॉन्क्लेव?
उत्तर प्रदेश पोल्ट्री उत्पादन के मामले में देश में अग्रणी राज्यों में शामिल है। इस कॉन्क्लेव के जरिए राज्य सरकार चाहती है कि यहां के पोल्ट्री पालक नई तकनीकों से जुड़ें, बेहतर बाजार पाएं। और अपनी आमदनी बढ़ाएं।
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