Table of Contents
उत्तर प्रदेश सरकार किसानों के फायदे के लिए लगातार अच्छे फैसले ले रही है। इसी कड़ी में प्रदेश के उद्यान, कृषि विपणन, कृषि विदेश व्यापार एवं कृषि निर्यात राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिनेश प्रताप सिंह ने यूपी को 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के विजन के तहत निर्धारित लक्ष्यों की समीक्षा की। इस महत्वाकांक्षी लक्ष्य को पूरा करने में कृषि क्षेत्र की अहम भूमिका होगी।
आलू किसानों के लिए राहत की 3 बड़ी योजनाएं
यूपी सरकार ने आलू उत्पादक किसानों के लिए तीन बड़ी योजनाएं शुरू की हैं, जो उनकी समस्याओं को दूर करेंगी-
1.भामाशाह भाव स्थिरता कोष: इस 1000 करोड़ रुपये के कोष के तहत, अगर बाजार में आलू के दाम गिरते हैं तो किसानों को मुआवज़ा दिया जाएगा। प्रोडक्शन लागत का 25 फीसदी या बिक्री मूल्य और उत्पादन लागत के अंतर के बराबर सब्सिडी मिलेगी।
2.कोल्ड स्टोरेज फीस में छूट: प्रािवेट कोल्ड स्टोरेज में आलू रखने वाले किसानों को 100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से अनुदान मिलेगा, जिसकी अधिकतम सीमा 20,000 रुपये प्रति किसान है। इस योजना से 15 लाख से ज़्य्दा किसानों को लाभ मिलेगा।
3.उन्नत बीज पर सब्सिडी: किसानों को हाई क्वालिटी वाले आलू बीज की खरीद पर राहत दी जाएगी।
हाईटेक नर्सरियों से बढ़ेगी प्रोडक्टिविटी
मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने हाईटेक नर्सरियों का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए, ताकि किसानों को हाई क्वलिटी प्लाटिंग मटेरियल आसानी से मिल सके। साथ ही बागवानी फसलों की उत्पादकता और क्वालिटी में इज़ाफा हो।
समयबद्ध निकासी और बाज़ार विस्तार
कोल्ड स्टोरेज में स्टोर किये हुए आलू की टाइम पर और सही तरीके से निकासी करने के लिए प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, दूसरे राज्यों के आलू व्यापारियों के साथ सम्मेलन आयोजित कर किसानों के लिए नए बाजार विकसित करने की योजना बनाई गई है।
1 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ते कदम
योगी सरकार कृषि क्षेत्र को आधुनिक तकनीक से जोड़ने और किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। उत्तर प्रदेश पहले से ही खाद्यान्न, गेहूं, आलू, गन्ना और सब्जियों के उत्पादन में देश में पहले स्थान पर है। प्रदेश का कृषि क्षेत्र लगातार विकास कर रहा है और 2047 तक ग्लोबल एग्रीकल्चर लीडरशिप का टार्गेट रखा गया है।
सम्पर्क सूत्र: किसान साथी यदि खेती-किसानी से जुड़ी जानकारी या अनुभव हमारे साथ साझा करना चाहें तो हमें फ़ोन नम्बर 9599273766 पर कॉल करके या kisanofindia.mail@gmail.com पर ईमेल लिखकर या फिर अपनी बात को रिकॉर्ड करके हमें भेज सकते हैं। किसान ऑफ़ इंडिया के ज़रिये हम आपकी बात लोगों तक पहुँचाएँगे, क्योंकि हम मानते हैं कि किसान उन्नत तो देश ख़ुशहाल।
ये भी पढ़ें- बिहार में अब QR Code से होगी खाद की खरीदारी, कालाबाज़ारी पर लग जाएगी पूरी तरह से रोक

