भारत में जैविक खेती (Organic Farming) का दायरा लगातार बढ़ रहा है और अब इस दिशा में पूर्वोत्तर भारत को एक बड़ी उपलब्धि मिली है। मेघालय के री-भोई ज़िले में पूर्वोत्तर भारत के सबसे बड़े ऑर्गेनिक मसाला प्रोसेसिंग प्लांट (Northeast’s Largest Organic Spice Processing Plant) का उद्घाटन किया गया है। इस अत्याधुनिक प्लांट से न केवल क्षेत्र के हज़ारों किसानों को अपनी उपज का बेहतर मूल्य मिलेगा, बल्कि मसालों के उत्पादन, प्रोसेसिंग और विपणन को भी नई गति मिलेगी।
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने दो दिन के मेघालय दौरे के दौरान इस परियोजना का उद्घाटन किया। ये प्लांट क्षेत्र के किसानों को खेती से लेकर बाज़ार तक मज़बूत समर्थन देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

पूर्वोत्तर का सबसे बड़ा ऑर्गेनिक मसाला प्रोसेसिंग प्लांट
री-भोई ज़िले के भोइरिमबोंग में बना ये आधुनिक ऑर्गेनिक स्पाइस प्रोसेसिंग प्लांट Eastern Ri-Bhoi Organic Farmer Producer Company ने बनाया है। इसकी सालाना प्रोसेसिंग क्षमता 10,000 मीट्रिक टन है, जिससे ये पूर्वोत्तर भारत का सबसे बड़ा ऑर्गेनिक मसाला प्रोसेसिंग केंद्र बन गया है।
इस मल्टी-पर्पज़ यूनिट में हल्दी, काली मिर्च सहित कई अन्य मसालों की सफ़ाई, ग्रेडिंग, प्रोसेसिंग और पैकेजिंग की जाएगी। इससे किसानों की उपज की गुणवत्ता में सुधार होगा और उन्हें घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाज़ारों तक पहुंच बनाने में मदद मिलेगी।

5,500 से अधिक किसानों को मिलेगा सीधा फ़ायदा
इस परियोजना से री-भोई ज़िले के लगभग 5,500 ऑर्गेनिक किसानों को सीधे लाभ मिलने की उम्मीद है। अब किसानों को अपनी फसल बेचने के लिए दूर-दराज़ के बाज़ारों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। स्थानीय स्तर पर प्रोसेसिंग की सुविधा मिलने से उनकी परिवहन लागत कम होगी, उत्पाद का मूल्य बढ़ेगा और उन्हें बेहतर दाम मिलने की संभावना भी मज़बूत होगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की प्रोसेसिंग इकाइयां किसानों की आय बढ़ाने के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में रोज़गार के नए अवसर भी पैदा करती हैं।
किसानों को बाज़ार से जोड़ने के लिए हुए कई समझौते
उद्घाटन समारोह के दौरान विभिन्न कंपनियों के साथ समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर भी हस्ताक्षर किए गए। इन समझौतों का उद्देश्य किसानों के लिए मज़बूत मार्केट लिंक तैयार करना, उनकी उपज की नियमित खरीद सुनिश्चित करना और मसालों के लिए टिकाऊ व्यापारिक अवसर विकसित करना है। इससे किसान केवल उत्पादन तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि मूल्य संवर्धन (Value Addition) और बेहतर बाज़ार व्यवस्था का भी लाभ उठा सकेंगे।

कई राज्यों के वरिष्ठ नेता रहे मौजूद
इस अवसर पर मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा, सिक्किम के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग, राज्य सरकार के कैबिनेट मंत्री, विधायक और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
कार्यक्रम के दौरान पूर्वोत्तर क्षेत्र में ऑर्गेनिक खेती को बढ़ावा देने, किसानों की आय बढ़ाने और कृषि आधारित उद्योगों को मज़बूत करने पर भी ज़ोर दिया गया।
ऑर्गेनिक खेती को मिलेगी नई रफ़्तार
पूर्वोत्तर भारत लंबे समय से जैविक खेती के लिए उपयुक्त क्षेत्र माना जाता है। यहां की जलवायु और प्राकृतिक परिस्थितियां मसालों समेत कई फसलों के ऑर्गेनिक उत्पादन के लिए अनुकूल हैं।
ऐसे में इस आधुनिक प्रोसेसिंग प्लांट की शुरुआत केवल एक नई फ़ैक्ट्री का उद्घाटन नहीं है, बल्कि यह किसानों को उत्पादन से लेकर प्रोसेसिंग, ब्रांडिंग और बाज़ार तक जोड़ने वाली एक महत्वपूर्ण कड़ी साबित हो सकती है। इससे क्षेत्र के ऑर्गेनिक मसालों की पहचान राष्ट्रीय और वैश्विक बाज़ार में और मज़बूत होने की उम्मीद है।
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